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भारत-जापान के बीच हुई बुलेट ट्रेन, न्‍यूक्लियर डील, शिंजो आबे बोले- स्पीड से पॉलिसी लागू कर रहे मोदी

नई दिल्‍ली-टोक्‍यो समिट के दौरान जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने कहा, 'मोदी की नीतियां हाई स्पीड ट्रेन की तरह सेफ, भरोसेमंद और लोगों को एक साथ ले जाने की क्षमता रखती हैं।'
Author नई दिल्‍ली | December 12, 2015 19:21 pm
पीएम नरेंद्र मोदी के साथ जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे।

भारत और जापान के बीच बुलेट ट्रेन और सिविल न्यूक्लियर डील हो गई है। शनिवार को पीएम नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे की मौजूदगी में ये समझौते हुए। इससे पहले मोदी की तारीफ में जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी बुलेट ट्रेन की स्पीड से नीतियां लागू कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा, ‘मोदी की नीतियां हाई स्पीड ट्रेन की तरह सेफ, भरोसेमंद और लोगों को एक साथ ले जाने की क्षमता रखती हैं। मजबूत भारत मेरे देश जापान के लिए अच्छा है और मजबूत जापान भारत के लिए अच्छा है।’ वहीं, पीएम मोदी ने कहा कि भारत को हाई स्पीड ट्रेन के साथ ही हाई स्पीड ग्रोथ भी चाहिए। यह पहली बार है कि मारुति कार भारत में बनेगी और भारत से जापान कार इम्पोर्ट करेगा।

शिंजो आबे से दिल्ली के हैदराबाद हाउस में मीटिंग के बाद मोदी ने कहा कि भारत में पहला बुलेट ट्रेन नेटवर्क मुंबई-अहमदाबाद के बीच शुरू होगा। जापान 12 अरब डॉलर यानी करीब 75 हजार करोड़ रुपए का फंड मेक इन इंडिया को प्रमोट करने के लिए खर्च करेगा। उन्‍होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सिविल न्यूक्लियर एग्रीमेंट पर रजामंदी बनना आपसी भरोसे को दर्शाता है। मोदी ने जापान के नागरिकों के लिए 1 मार्च 2016 से वीजा ऑन अराइवल देने का भी एलान किया। इसके अलावा भारत और जापान ने डिफेंस इक्विपमेंट व टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की भी बात कही है।

भारत-जापान की बढ़ती करीबी से चीन परेशान : जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे की भारत यात्रा से चीन खुश नहीं है। नई दिल्‍ली और टोक्‍यो के बीच बढ़ती दोस्‍ती को वह अपने लिए खतरा मान रहा है। चीन के सरकारी अखबार ‘द ग्‍लोबल टाइम्‍स’ ने लिखा, ‘रणनीतिक लिहाज से देखें तो भारत-जापान के बीच बढ़ती करीबी का बड़ा कारण चीन है। चीन के बढ़ते कदम रोकने के लिए टोक्‍यो मोदी को अपने पाले में करना चाहता है।’ हालांकि, अखबार ने मोदी सरकार की तारीफ की है, लेकिन जापान के इरादों पर गहरी आशंका जताई है।

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  1. K
    Kamal K
    Dec 12, 2015 at 1:26 pm
    अकेले उत्तर प्रदेश ने ७० सांसदों को जीता कर मोदी जी के वादों के प्रति जैसा भरोसा दिखाया उसके बाद भी उसके हिस्से आया है -- प्रचार, प्रचार और महज प्रचार ! मोदी जी आप का और शिंजो अबे जी का वाराणसी में एक बार फिर भव्य स्वागत हो रहा है . लेकिन कहना पड़ेगा कि - 'हम तो समझे थे कि बरसात में बरसेगी शराब, आई बरसात तो बरसात ने दिल तोड़ दिया' ...बनारस ित उत्तर प्रदेश को आप से जो अपेक्षाएं थी वो पूरी होती नहीं लग रहीं हैं , आप की नजर ए इनायत का फायदा अब भी विकसित क्षेत्रों को ही मिल रहा है .
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    1. K
      Kamal K
      Dec 12, 2015 at 1:16 pm
      देश की पहली बुलेट ट्रेन चलाने के लिए अहमदाबाद-मुंबई रूट का चुनाव यूँ ही नहीं किया गया है . यह निर्णय साफ दिखाता है कि पहले से विकसित क्षेत्र ही अब भी 'विकास' सम्बन्धी योजनाओं और पहलों का लाभ लेने में आगे रहने वाले हैं. पिछड़े इलाक़ों को अपने दिन सँवरने के लिए लम्बा इंतजार करना होगा. नहीं तो इसी योजना के लिए उत्तर प्रदेश या किसी और पिछड़े राज्य को देश के किसी भी प्रमुख औधोगिक या व्यावसायिक केंद्र से जोड़ने जैसा कोई प्रयास सरकारी पहलकदमी का हिस्सा क्यों नहीं बन पाता है ?
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      1. J
        Jeetu singh
        Dec 13, 2015 at 6:40 am
        सर यदि मोदी जी गरीब जगहूँ पर डयन देंगे तो विकसित जगह दुनिया में पिछड़ जायेंगे और भारत देश काफी पीछे है और पीछे हो जायेगा इसलिए मेरे हिसाब से जो मोदी जी की ऍफ़ डी आई नीति है अछि है और काम अच्छा हो रहा है जितना ज्यादा विकसित जगह विकसित होंगे उल्टा ज्यादा इकनोमिक ग्रोथ होगा और हम अपना रुपया काम विकासशील देसूं में इन्वेस्ट कर सकेंगे जैसे म्यांमार बांग्लादेश नेपाल .......और अफ्रीका के कई देश जैसे nizer ghana jimbaombe सो ओन .....तो सर पत. Nehru ne bi ajadi के समय यह नीति अपनायी थी .....
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      2. N
        navi singh
        Dec 13, 2015 at 1:03 am
        अहमदाबाद को क्यों चुना गया बुलेट ट्रैन के लिए..यह ट्रैन दिल्ली से मुंबई तक चलनी चाहिए..दिल्ली हमारी राजधानी है. पूरी दुनिआ की निगाह दिल्ली पर होती है पर मोदी ने मेहरबानी गुजरात पर की और यह साबित कर दिया की वह अभी भी गुजरात के सी एम के तौर पर ही काम कर रहे है बाकी देश से उन्हें की मतलब नहीं है. दिल्ली में तकरीबन हर भारतीय जिंदगी में एक बार जरूर जाता है हज़ारों सैलानी आते है अहमदाबाद में काया है...सबको मांग करनी चाहिए की बुलेट ट्रैन दिल्ली से मुंबई तक चलनी चाहिए.
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