December 11, 2016

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ओआरओपी के लिए ₹5,500 करोड़ का भुगतान किया गया, वादा पूरा किया: मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार (30 अक्टूबर) को कहा कि एक रैंक एक पेंशन (ओआरओपी) के क्रियान्वयन के लिए 5,500 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है तथा इस मुद्दे पर उन्होंने पूर्व सैन्यकर्मियों से किए गए उस वादे को पूरा कर दिया है जो बीते 40 बरसों से लटका पड़ा था। उन्होंने पाकिस्तान के […]

Author किनौर/नई दिल्ली | October 30, 2016 20:24 pm
हिमाचल प्रदेश के सुमदो में सेना के जवानों को दिवाली के मौके पर मिठाई देते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (PTI Photo/TWITTER/30 Oct, 2016)

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार (30 अक्टूबर) को कहा कि एक रैंक एक पेंशन (ओआरओपी) के क्रियान्वयन के लिए 5,500 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है तथा इस मुद्दे पर उन्होंने पूर्व सैन्यकर्मियों से किए गए उस वादे को पूरा कर दिया है जो बीते 40 बरसों से लटका पड़ा था। उन्होंने पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच जवानों के साहस और बलिदान की प्रशंसा भी की। मोदी ने यहां सुमदो में सेना एवं आईटीबीपी के कर्मियों के साथ दिवाली मनायी तथा देश की रक्षा एवं हिफाजत करने के लिए सुरक्षा बल कर्मियों की सराहना की। यह स्थान हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से 370 किलोमीटर से अधिक दूर है। उन्होंने कहा कि यह मामला ‘40 वर्षों’ से लटका पड़ा था क्योंकि पिछली सरकारों में कुछ लोगों ने ओआरओपी के बारे में पता नहीं था तथा ऐसे में इस मकसद के लिए ‘सिर्फ 500 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे।’

मोदी ने यह भी कहा कि कई लोगों को यह लगा कि यदि योजना लागू नहीं की गई तो पूर्व सैनिकों का एक तबका सरकार के खिलाफ हो जाएगा। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘हमारे साहसी आईटीबीपी अधिकारियों एवं सेना के जवानों के साथ सुमदो, किन्नौर जिला, हिमाचल प्रदेश में समय बिताया। जय जवान, जय हिंद।’ इससे पहले, आकाशवाणी पर अपने मन की बात कार्यक्रम में मोदी ने सशस्त्र बलों की बहादुरी को सम्मान किया और उन्हें आज का दिवाली पर्व उन्हें समर्पित करते हुए उनके बलिदान की सराहना की। उन्होंने कहा, ‘ओआरओपी महज 200 रुपए या 500 करोड़ रुपए के बारे में नहीं है बल्कि यह 10,000 करोड़ रुपए का है…मेरे प्रधानमंत्री बनने के बाद, और इसे लागू करना है, का फैसला करने के बाद इस पर पूरी सरकार सक्रिय हो गई…एक बार में सरकार के लिए इसे अदा करना संभव नहीं था, इसलिए मैंने पूर्व सैनिकों से इसे चार किस्तों में स्वीकार करने का अनुरोध किया।’

मोदी ने कहा, ‘यह रकम चार किस्तों में उन तक पहुंचेगी। करीब 5,500 करोड़ रुपए पहली किस्त के रूप में भुगतान किए गए हैं।’ प्रधानमंत्री मोदी ने सुमदो से जाते समय हिमाचल के चांगो गांव में नागरिकों से मुलाकात की। यह गांव चीन-भारत सीमा के पास है। मोदी ने ट्वीट किया, ‘बगैर किसी तय कार्यक्रम के सुमदो के पास चांगो गांव में रूका ताकि लोगों को दिवाली की शुभकामनाएं दे सकूं। उनकी अगवानी और उनकी खुशी दिल को छू गई।’ एक अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने आईटीबीपी जवानों और सेना के डोगरा स्कॉट के कर्मियों के साथ किन्नौर एवं स्पिति की सीमा पर वक्त बिताया तथा उन्हें मिठाइयां बांटी। अधिकारी ने बताया कि मोदी ने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की शाखा जनरल रिजर्व इंजीनियरिंग फोर्स (जीआरईएफ) के कर्मियों से भी मुलाकात की। गौरतलब है कि साल 2014 में सत्ता में आने के बाद प्रधानमंत्री ने अपनी पहली दिवाली सियाचिन में तैनात सैनिकों के साथ मनाई और 2015 में पंजाब में भारत पाक सीमा पर यह त्योहार मनाया।

मोदी ने यह भी कहा कि ओआरओपी उनका ‘सपना’ था जिसे ‘पूरा किया गया।’ उन्होंने कहा कि हर कोई अपने प्रियजनों के साथ दिवाली मनाना चाहता है और इसलिए वह वह सुमदो आए। प्रधानमंत्रीने कहा कि 2001 के गुजरात भूकंप के बाद उन्होंने भूकंप पीड़ितों के साथ दिवाली मनाई थी। उन्होंने कहा, ‘ऐसा नहीं है कि यह सब मैं प्रधानमंत्री बनने के बाद कर रहा हूं।’ विभिन्न सेवाओं के जवानों की भूमिका की सराहना करते हुए मोदी ने कहा कि दूसरे लोग करियर पर ध्यान देते हैं तो वे (जवान) शत्रु का सामना करने के अवसर देखते हैं। उन्होंने कहा, ‘जब आप (जवान) जागते हैं तो वे (जनता) सोते हैं। अगर आप नहीं जागेंगे तो लोग (शांतिपूर्वक) सो नहीं सकेंगे।’’

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First Published on October 30, 2016 8:24 pm

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