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सिंगापुर में एकता, सद्भाव पर मोदी ने दिया जोर, कहा- विश्व के लिए संकट नहीं बनेगा भारत

भारत में असहिष्णुता के मुद्दे पर चल रही बहस के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भारतीयों से कहा कि वे ‘एकता और अखंडता’ के मंत्र के साथ दुनिया में आगे बढ़ें ।
Author सिंगापुर | November 25, 2015 01:45 am
सिंगापुर एक्‍सपो में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते पीएम नरेंद्र मोदी ( फोटो ANI)

भारत में असहिष्णुता के मुद्दे पर चल रही बहस के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भारतीयों से कहा कि वे ‘एकता और अखंडता’ के मंत्र के साथ दुनिया में आगे बढ़ें । अपनी दो दिवसीय सिंगापुर यात्रा संपन्न करने से पहले यहां भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए मोदी ने भारत में विकास के लिए किए जा रहे अपने प्रयासों और देश के गौरव को सहेजने में एकता और सद्भाव के महत्त्व का जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार विकास पर जोर देते हुए भारतीयों के आत्मविश्वास को बढ़ाने पर काम कर रही है जिससे ‘लोगों के आंसू पोछे जाएंगे, नौकरियां मिलेंगी, किसान समृद्ध होंगे, महिलाएं सशक्त होंगी और एकता -अखंडता के मंत्र के साथ वे दुनिया में आगे बढेंगे। जलवायु परिवर्तन पर पेरिस में होने वाले सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने जोर दिया कि ग्लोबल वार्मिंग से निपटने के प्रयासों में भारत, दुनिया के लिए ‘संकट’ नहीं खड़ा करेगा । मोदी के इस बयान को अमेरिका की उस दलील से जोड़ कर देखा जा रहा है कि बैठक में भारत एक चुनौती होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकास के लिए भारत को बड़ी मात्रा में ऊर्जा की जरूरत है। लेकिन जलवायु परिवर्तन की समस्या से निपटने के लिए भारत जो भी होगा, वह करेगा क्योंकि वह दुनिया को एक परिवार के रूप में देखता है। हम वे लोग हैं जो पौधे में परमात्मा और जीव में जीव को देखते हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री ली सीन लूंग की ओर से दिए गए भोज समारोह में मोदी ने हर क्षेत्र में बदलाव लाने में सिंगापुर के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रगति की नई ऊंचाइयां छूने को अग्रसर भारत असीम संभावनाओं की भूमि है।

मंगलवार शाम को भारतीय समुदाय के बीच मोदी ने कहा कि सरकार सौर, परमाणु, पवन, जैव संसाधनों से स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा पैदा करने पर जोर दे रही है और इस उद्देश्य के लिए हमने 175 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य रखा है। हम बिजली पैदा करना चाहते हैं। लेकिन दुनिया कोयले से बिजली पैदा करने को मना कर रही है। हम मानवता का भला चाहते हैं, हम ऊर्जा चाहते हैं। लेकिन दुनिया के लिए संकट पैदा नहीं करेंगे। मोदी ने कहा कि 2030 तक 40 प्रतिशत बिजली उत्पादन गैर जीवाश्म स्रोतों से किया जाएगा ।

मोदी ने कहा, कई छोटे द्वीप देशों को यह भय है कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण वे डूब जाएंगे। हम ऐसा नहीं होने देंगे। जलवायु परिवर्तन की समस्या से निपटने के लिए भारत जो भी हो सकेगा करेगा क्योंकि हम वसुधैव कुटुंबकम में विश्वास करते हैं। इससे पूर्व सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सीन लूंग की ओर से दिए गए दोपहर के भोज में मोदी ने कहा, सिंगापुर मेरे लिए नया नहीं है। लेकिन हर बार मुझे इससे नई प्रेरणा और उत्साह मिलता है। यह प्रेरणा ऊर्जा, उद्देश्य की भावना और उद्यमिता के भाव के रूप में आती है जो मुझे सिंगापुर की आबोहवा में मिलती है। प्रधानमंत्री ने कहा, भारत में लगभग हर क्षेत्र में बदलाव लाने में सिंगापुर पहले ही हमारा बड़ा सहयोगी बन चुका है। उन्होंने कहा कि वह सिंगापुर के लोगों के लिए भारत को असीम संभावनाओं की भूमि बनाने का प्रस्ताव करते हैं। उन्होंने कहा, सिंगापुर जैसा कोई दूसरा नहीं हो सकता है। यह भगवान बुद्ध के उस संदेश की याद को ताजा करता है कि अच्छे मित्र और सहयोगी जीवन को पूर्णता देते हैं।

उधर भारत-सिंगापुर आर्थिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोदी ने यहां कहा कि भारत, सिंगापुर के चांगी हवाई अड्डे के द्वारा भारत के दो हवाई अड्डों को विकासित करने के लिए साझेदारी करने की संभावनाओं को तलाश रहा है और उसने इस द्वीप राष्ट्र की कंपनियों को भारत में स्मार्ट सिटी के निर्माण में शामिल होने का न्योता दिया है। उन्होंने कहा, पिछले 18 महीनों में अर्थव्यवस्था के उड़ान भरने के लिए रनवे तैयार किये गए हैं। बडे पैमाने पर आर्थिक सुधार हो रहे हैं । वे अंतिम दौर में हैं। ये सुधार व्यवस्था को बदलने के लिए हैं, जिससे कि वह परिणाम दे सकें । हमारा मकसद लोगों के सपनों को साकार करने का है। मोदी ने कहा, इसका मतलब लोगों के चेहरों पर और ज्यादा मुस्कान लाना और दफ्तरों में कागजी कामों में कमी लाना है। वित्तीय बाजारों को मजबूत करने के प्रयास किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने सत्ता में आने के फौरन बाद एफडीआइ कानूनों को उदार बनाया और अब एफडीआइ सुधारों का जो ताजा दौर चल रहा है, उसने भारत को विश्व की ‘सबसे खुली अर्थव्यवस्था’ बना दिया है।

 

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