ताज़ा खबर
 

राम नहीं, केवल अंबेडकर को मानते हैं दलित: मायावती

बसपा सुप्रीमो मायावती ने दलितों के मुद्दे पर गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया। उन्‍होंने कहा कि पीएम मोदी ने अपनी सरकार के दो सालों में दलितों के लिए कुछ नहीं किया।
Author April 14, 2016 15:58 pm
मायावती ने लखनऊ में डॉ. बीआर अंबेडकर की 125वीं जयंती पर रैली को संबोधित किया।

बसपा सुप्रीमो मायावती ने दलितों के मुद्दे पर गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया। उन्‍होंने कहा कि पीएम मोदी ने अपनी सरकार के दो सालों में दलितों के लिए कुछ नहीं किया। यूपी चुनावों के नजदीक आने के बाद वे दलितों और पिछड़ों के लिए कई वादे कर रहे हैं। डॉक्‍टर भीमराव अम्‍बेडकर की 125वीं जयंती पर अम्‍बेडर मेमोरियल पर आयोजित सभा में मायावती ने कहा कि उनकी रैली में लाखों लोग अपने दम पर आए हैं। जबकि एमपी में उनकी सरकार और भाजपा ने 200 कॉलेजों के छात्रों को महू में मोदी की रैली में आने के लिए मजबूर किया ताकि किराए की भीड़ जुटाई जा सके।

उन्‍होंने आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस दलित वोटों के लिए अंबेडकर के नाम का इस्‍तेमाल कर रहे हैं। हाल ही में नियुक्‍त यूपी के भाजपा अध्‍यक्ष केशव प्रसाद मौर्य का कम्‍युनल और क्रिमिनल रिकॉर्ड है। वे ओबीसी से आते हैं लेकिन भाजपा और आरएसएस से जुड़े रहें हैं। उन्‍होंने कहा कि अगर भाजपा दलित या ओबीसी को अपना सीएम या पीएम उम्‍मीदवार घोषित कर दे तो भी वे लोग इन समुदायों के लिए कुछ नहीं कर सकेंगे। पीएम मोदी इसका उदाहरण है। वह हमेशा कहते हैं कि वह ओबीसी है लेकिन उस समुदाय के लिए कुछ नहीं किया। यहां तक कि उन्‍होंने चाय बेचने वालों के लिए भी कुछ नहीं किया।

मायावती ने कहा कि दलित राम या किसी और देवी-देवता को नहीं मानते। वे केवल अंबेडकर को मानते हैं जो उनके अधिकारों के लिए लड़े थे। उनके तीर्थ स्‍थान अयोध्‍या, मथुरा, वृंदावन,द्वारका नहीं है। उनका तीर्थ लखनऊ का अंबेडकर मेमोरियल है। उन्‍होंने आरएसएस पर भी हमला बोलते हुए कहा कि वह केंद्र सरकार की नाकामियों को छिपाने के लिए लव जिहाद, बीफ और भारत माता की जय जैसे प्रयास कर रहे हैं। ओवैसी जैसे लोग भी अप्रत्‍यक्ष रूप से भाजपा की मदद कर रहे हैं।

कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए मायावती ने कहा कि हाल ही में सोनिया गांधी ने रोहित वेमुला की तुलना अंबेडकर से की। यह उनकी अज्ञानता दर्शाता है। अंबेडकर से तुलना करनी है तो दक्षिण अफ्रीका के नेलसन मंडेला से करनी चाहिए। जब हैदराबाद यूनिवर्सिटी में आठ दलित छात्रों ने आत्‍महत्‍या की थी तो उस समय कांग्रेस सरकार थी। लेकिन कांग्रेस ने कुछ नहीं किया।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. Y
    yogendra sharma
    Apr 15, 2016 at 11:33 am
    आंबेडकर कोई चीज नहीं था सिर्फ नेहरू और गांधी की कृपा से राजनीती मैं था. और कांग्रेस जानती थी की इसका सिर्फ इस्तेमाल करना है. राम आज हजारो साल बाद भी लोगो के मन मैं है. आंबेडकर राम के बराबर क्या मेरे जैसे साधरण ब्राह्मण के बराबर भी नहीं. अगर ब्राह्मण विरोध ी है तो आंबेडकर विरोध भी ी है. अभिव्यक्ति की स्वंतत्रता मुझे भी है. मैं भी किसी दिन आंबेडकर की लिखी जलाना चाहूंगा, क्योंकि की वो ब्राह्मण विरोधी है.
    (1)(1)
    Reply
    1. A
      Aayush Kumar
      Apr 18, 2016 at 6:46 am
      पगले ब्राहमण विरोधी नहीं ब्रहामंवाद विरोधी अम्बेडकर लिखी किताबे .
      (0)(0)
      Reply
    2. J
      jai prakash
      Apr 16, 2016 at 5:50 am
      मायाबती जी आप तो ऐसे बोल रही हे जैसे दलितओ की आप ही ठेकेदार हो ये पुनिया जी पासवान ओर भी तमाम लोग हे जो आप की तरह लोगो को बेबकूफ बनाते हे ये भी तो दलित ही हे अब आप जातिबाद की राजनीति छोड़ो ओर विकास की बात करो नहीं तो लोकसभा में जीरो बिधान सभा में डबल जीरो
      (0)(0)
      Reply
      1. K
        KULDEEP SINGH
        Apr 16, 2016 at 10:12 am
        राम को nahi manoge Ambedker ko mano budh ko mano kyoki Puja to ckhatrye ki hi karoge chahe budh ho ya shree ram ho
        (0)(0)
        Reply
        1. राकेश कुमार
          Apr 18, 2016 at 7:44 am
          पहले अपना विवेक को बढा ले महाशय अंबेडकर जी क्या समझोगे क्योंकि हराम की खाने की जो आदत है और संविधान को जलाने की बात करते है तुमसे बढा मुर्ख दुनियाभर मे नहीं मिलेगा क्योंकि जिसे तुम जलाने की बात करते हो उसी से सारा देश चल रहा है और उनके बारे तुम्हें क्यों पता है जिनके बारे मे सारे विश्व मे डंका बज रहा है है कोई तुम्हारे बाहम्ण जाति मे कोई उनके मुकाबले का
          (0)(0)
          Reply
          1. G
            gulab
            Apr 16, 2016 at 4:40 am
            योगेंदर शर्मा जी आप की यही मानसिकता तो आपकी दुसमन बनती जा रही है आप लोग पाखंडवाद से ऊपर उठना हे नहीं चाहते हो आप सिर्फ मंदिर और आपके देवी देवता क खौफ दिखा क्र लोगो को डराते ho
            (0)(2)
            Reply
            1. Load More Comments