March 27, 2017

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नरेंद्र मोदी की टीम ने दी रिपोर्ट- नोटबंदी लागू करने के तरीकों से लोगों में हैं असंतोष

नोटबंदी के असर को जांचने के लिए केंद्र की ओर से राज्‍यों को भेजी गई अधिकारियों की टीम ने सरकार को बताया है कि लोग इस फैसले के साथ हैं।

नोटबंदी के असर को जांचने के लिए केंद्र की ओर से राज्‍यों को भेजी गई अधिकारियों की टीम ने सरकार को बताया है कि लोग इस फैसले के साथ हैं। लेकिन फैसले को लागू करने का तरीका संतोषजनक नहीं है।

नोटबंदी के असर को जांचने के लिए केंद्र की ओर से राज्‍यों को भेजी गई अधिकारियों की टीम ने सरकार को बताया है कि लोग इस फैसले के साथ हैं। लेकिन फैसले को लागू करने का तरीका संतोषजनक नहीं है। इस टीम का गठन देशभर में नोटबंदी को लेकर स्थिति का आकंलन करने के लिए किया गया था। बैंकों और एटीएम में नकदी न होने, 500 और इससे छोटी रकम के नोटों की कमी, एटीएम का दुरुस्‍तीकरण और पोस्‍ट ऑफिस नेटवर्क का पूरा उपयोग ना होना कुछ बड़ी समस्‍याएं हैं। वित्‍त मंत्रालय को पिछले सप्‍ताह इस संबंध में रिपोर्ट दी गई। हिेंदुस्‍तान टाइम्‍स की रिपोर्ट के अनुसार उत्‍तरी भारत के राज्‍यों में गए एक अधिकारी ने बताया, ”ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में हमें पता चला कि स्थिति नकदी का वितरण बढ़ाए जाने पर ही सुधरेगी। साथ ही एटीएम में नियमित अंतराल पर पैसा डाला जाए।”

केंद्र सरकार की टीम को पश्चिम बंगाल और बिहार की कुछ जगहों के अलावा कहीं भी नोटबंदी को लेकर लोगों का गुस्‍सा देखने को नहीं मिला। टीम के अनुसार लोग सरकार के इस फैसले से सहमत नजर आए। एक अधिकारी के अनुसार, ”लंबी लाइनों में इंतजार करने के बावजूद लोगों ने कहा कि मोदी ने अच्‍छा काम किया है। यह केवल मोदी का फैसला था एनडीए सरकार का नहीं। उत्‍तर प्रदेश, राजस्‍थान, हिमाचल प्रदेश और उत्‍तर-पूर्व के राज्‍यों में ग्रामीण और शहरी इलाकों में लोगों ने कहा कि वे परेशानी झेलने को तैयार है क्‍योंकि उन्‍हें लगता है कि इसका नतीजा अच्‍छा होगा।” रिपोर्ट में साथ ही कहा गया कि थोड़े से समय के लिए रिटेल और निर्माण क्षेत्र पर बुरा असर पड़ेगा। उत्‍तर और पश्चिमी भारत के कुछ हिस्‍सो में निर्माण क्षेत्र में राजस्‍व 30 प्रतिशत तक गिर गया है।

पूर्वी भारत के कुछ राज्‍यों के किसानों नोटबंदी के फैसले पर नाराजगी जाहिर की। एक अधिकारी ने बताया कि यह बुवाई का समय है और पैसे की कमी से किसानों पर बुरा असर पड़ा है। कइयों के पास मजदूरों को देने के लिए पैसे नहीं है। उनकी मदद के लिए सरकार को जल्‍द ही कदम उठाने होंगे। केंद्रीय टीम ने सुझाव दिया कि लोगों को नकदी रहित लेन-देन के लिए जागरूक करने के लिए सरकार को बड़े स्‍तर पर जागरूकता अभियान चलाना चाहिए। साथ ही कहा गया है कि 30 दिसंबर तक बैंकों का समय दो घंटे तक बढ़ा देना चाहिए।

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First Published on November 29, 2016 2:30 pm

  1. R
    ramji
    Nov 29, 2016 at 2:53 pm
    यह रिपोर्ट बोगस है प्रदानमंत्री ने खुद पता किया था अभी कुछ दिन पहले 92% जनता बाहत खश है
    Reply
    1. D
      Devendra Bajpai
      Dec 2, 2016 at 10:15 am
      यह रिपोर्ट बोगस है प्रदानमंत्री ने खुद पता किया था अभी कुछ दिन पहले 92% जनता बाहत खश है
      Reply
      1. A
        anand prakash
        Nov 30, 2016 at 6:04 am
        काला धन अगर सफेद करना था तो यह plan पहले ही ले आते
        Reply
        1. T
          Teacher
          Nov 29, 2016 at 2:41 pm
          yeh baat to ex-PM Manmohan sing pahle se hi kah rahe hain...
          Reply
          1. P
            Parth Garg
            Nov 30, 2016 at 8:25 am
            रिश्वत लेने देने की ख़बरों में कोई कमी नहीं आयी है. नोटबंदी से बस एक ही हुआ की देश की सारी जनता ही संदेह के घेरे में आ गयी. अपने खुद के पैसों के हम खुद ही मोहताज हो गए.
            Reply
            1. R
              ramji
              Nov 30, 2016 at 2:19 pm
              १२५ वर्षीय राजगुरु रामदेव जी महाराज का कहना है '" लक्ष्मी के पीछे मत भागिए ...मोदीजी के पीछे चलिए .....मेरा कोई बैंक अकाउंट नहीं है फिर भी आंनद मैं हूँ " "
              Reply
            2. S
              shalini
              Dec 3, 2016 at 4:31 am
              कैसी होती है शुद्ध जन्मपत्रिका ? जानने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लीक करें-
              Reply
              1. Load More Comments

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