June 28, 2017

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यदि नोट बंदी से लोग दुखी होंगे, तो उनके पास 2019 में मोदी बदलने का मौका: अनुपम खेर

किसी की आलोचना करना तो बहुत आसान है। किसी के द्वारा यह करना सबसे सरल चीज है, जबकि तारीफ करना बहुत मुश्किल है।

Author भोपाल | November 15, 2016 00:40 am
अभिनेता अनुपम खेर।( File Photo)

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नोटों का विमुद्रीकरण करने के फैसले का समर्थन करते हुए मशहूर अभिनेता अनुपम खेर ने सोमवार (14 नवंबर) को यहां कहा कि यदि लोगों को इससे कोई समस्या होगी, तो उनके पास वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में इस सरकार को बदलने का मौका है। 500 व 1000 रुपए के नोटों को अमान्य करने के कदम पर पूछे गये एक सवाल में खेर ने संवाददाताओं को बताया, ‘कोई व्यक्ति चीजों को बेहतर करने का प्रयास कर रहे हैं, हमें उन्हें रोकना नहीं चाहिए। फिर भी यदि हम इतने दुखी होंगे, तो वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव होने वाले हैं, अगली बार (भाजपा सरकार को) सत्ता में नहीं आने देंगे। उन्हें पांच साल तो काम करने दीजिए।’ खेर यहां तीन दिवसीय ‘लोक मंथन’ कार्यक्रम के समापन समारोह में भाग लेने आये थे, जिसे मध्यप्रदेश सरकार, भारत भवन और प्रज्ञा प्रवाह द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था।

जब उनसे पूछा गया कि अमान्य नोटों को बदलने के लिए लोग लंबी-लंबी कतारों में खड़े होने के लिए बाध्य हो रहे हैं, तो उन्होंने कहा, ‘आप फिल्म की टिकटें खरीदने के लिए भी तो लाइन में खड़े होते हो।’ खेर ने बताया कि किसी की आलोचना करना तो बहुत आसान है। किसी के द्वारा यह करना सबसे सरल चीज है, जबकि तारीफ करना बहुत मुश्किल है, लेकिन जो तारीफ करने की चीज है उसे करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘यदि लोग सोचते है कि भ्रष्टाचार एवं कालाधन बहुत बड़ी समस्या है, तो हमें इस कदम (नोटों का विमुद्रीकरण) की तारीफ करनी चाहिए।’ खेर ने बताया कि 500 और 1000 के नोट बंद करने का यह कदम पाकिस्तान से हमारे देश में भेजे जा रहे जाली नोटों की समस्या को भी खत्म कर देगा।

अभिनेता ने यह भी स्पष्ट किया कि वह मोदी की तारीफ इसलिए नहीं कर रहे हैं, क्योंकि उनकी पत्नी भाजपा सांसद हैं। लेकिन उनका मानना है कि उन्हें इस कदम का देश के हित में रचनात्मक तरीके से समर्थन करना चाहिए। एक किसान का उदाहरण दिया जिसने एक फिल्म में एक सीन के लिए अपनी गाय दी थी और इसकी शूटिंग के लिए बहुत ज्यादा वक्त लग गया था, पर खेर ने कहा कि यह गाय हमें आठ बजे से 10 बजे के लिए चाहिए थी, लेकिन ज्यादा समय लगा। इससे किसान परेशान होने लगा था, लेकिन जब उन्होंने नोट बदलने वाली व्यवस्था की बात की, तो वह भी इससे सहमत दिखा। खेर ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की भी आलोचना की, जिन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाकर दिल्ली में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में 70 में से 67 सीटें जीती थीं। उन्होंने कहा, ‘पिछले दो-ढ़ाई साल से दूसरों पर उंगलियां उठाने के अलावा केजरीवाल कुछ नहीं कर रहे हैं।’

विस्थापित कश्मीरी पंडितों के समस्या का जिक्र करते हुए खेर ने बताया कि यदि देश के लोगों ने इस समस्या को भी ठीक इसी तरह से उठाया होता, तो अब तक इसका भी हल निकल गया होता। उन्होंने आपातकाल एवं वर्ष 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों सहित कई मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा, ‘समस्या यह है कि पिछले 60 साल हम कई मुद्दों पर चुप रहे।’ इससे पहले एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खेर ने बताया, ‘आजकल यदि आप देशभक्ति की बात करते हैं, तो कुछ लोगों को इससे तकलीफ होनी शुरू हो जाती है।’ असहिष्णुता की बात छेड़ते हुए उन्होंने कहा कि इसे बेवजह उठाया गया था।

जानिए क्या है विमुद्रीकरण, क्यों लेती हैं सरकारें इसका फैसला और अब तक भारत में ऐसा कब-कब हुआ?

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First Published on November 15, 2016 12:40 am

  1. R
    Raghu
    Nov 15, 2016 at 6:52 pm
    हम नोट बदलवाने से परेशान नही है हम आप के भाषण सुनकर परेशान है आप देश मे शान्ति बनाये रखो मोदी राज् सब ठिक हो जायेगा 2019 मे पक्का मोदी राज् फिर से चालु हो जायेगा
    Reply
    1. A
      azam
      Nov 16, 2016 at 1:19 pm
      उबले उहे अंडे को पहले ये पता होना चाहिए की बात लाइन में लगने की नहीं है.....दुनियां जानती है की कला धन से सबसे बारे कारोबारी नेता होते हैं....जितने विरोधी अभी चिल्ला रहे हैं उसका तो काम हो ही गया ये अच्छी बात है पर मोदी जी जो कला धन के सबसे बारे सरदार है इसका क्या होगा.....कला धन की आर में ये देश को बर्बाद कर देगा.....मोदी की नीति कला धन नहीं बल्कि बैंक जो केश से दिवालिया हो रहा था उसे बचाना और पब्लिक का पैसा बैंक तक लाना था...तभी तो सत्ता में बैठे नेता डेवेलोप के नाम पे चोरी शुरू करेंगे....
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      1. A
        azam
        Nov 16, 2016 at 1:22 pm
        और फिल्म इंडस्ट्री भी नोट बंदी का विरोष नहीं कर रही है.....केयुन फिल्म इंडस्ट्री भी काले धन का मुखेय रास्ता है अगर विरोध किया तो मोदी से नहीं बच सकता और वो देश द्रोही हो जायेंगे.....इसलिए वो भी बेचारे मोदी की तारीफ में लगे हूए हैं.......
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        1. D
          dileep kumar
          Nov 15, 2016 at 7:59 am
          लोग कह रहे कुछ लोगों को तकलीफ हो रही जबकि बहुत से लोगों को तकलीफ हो रही है। खास कर ग्रामीण क्षेत्रों में मैं आप से कहना चाहता हूं अनुपम सर मैं भी मोदी जी का भक्त हूं क्योंकि उनके जैसा व्यक्ति कोई हो नहीं सकता पर क्या जरूरी है कि हर कार्य सराहनीय हो नोटबंदी का फैसला ी है पर इसकी तैयारी ी नहीं थी अभी भी गांवों में लोग लम्बी लाइने लगा रहे हैं फिर भी उन्हें पैसा नहीं मिल पा रहा है। लाइन लगा लेते हैं कुछ को मिल जाता कुछ लोगों से कह दिया जाता है। पैसा खतम हो गया अब आप ही बताइये जितने लोगों को कई घ
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          1. N
            nareshkumar
            Nov 16, 2016 at 4:55 am
            सब ठीक हो जाएगा
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            1. Load More Comments
            सबरंग