December 04, 2016

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पटना-इंदौर ट्रेन हादसा: 95 लोगों की मौत, चश्मदीदों ने बताया- तेजी से हिलने लगी थी ट्रेन, मच रही थी चीख-पुकार

पटना-इंदौर एक्सप्रेस के 14 डिब्बे रविवार (20 नवंबर) की सुबह पटरी से उतर गए।

पटना-इंदौर एक्सप्रेस के 14 डिब्बे रविवार (20 नवंबर) की सुबह पटरी से उतर गए

उत्तर प्रदेश के कानपुर इलाके में हुए ट्रेन हादसे में 95 लोगों की मौत और 150 से ज्यादा लोगों के घायल होने की पुष्टि हो चुकी है। हादसा रविवार सुबह 3-4 बजे हुआ जब पटना-इंदौर एक्सप्रेस ट्रेन के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए। सबसे ज्यादा मौते S1 और S2 में हुई हैं। यह हादसा कानपुर से करीब 100 किलोमीटर दूर पुखरायां के पास तड़के 3 बजे के बाद हुआ। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर दुख जताया और बताया कि उन्होंने रेलमंत्री सुरेश प्रभु से बात की है, जो कि खुद हालात पर करीबी नजर रखे हुए हैं।

क्या बोले चश्मदीद:

एक चश्मदीद ने बताया, “रात को 3 बजे के आसपास ट्रेन में जोरदार झटके लगे और ट्रेन पटरी से उतर गई। मैं कोच नंबर 5 में था, मेरे साथ के 4-5 लोग नहीं मिल रहे। हम अभी तक सदमे में हैं। भगवान महाकाल ने हमें बचाया है।” एक अन्य यात्री ने बताया, “तकरीबन रात के 3 बज रहे थे, उस समय ट्रेन बहुत तेज हिली। मैं S-7 में था। चिल्लाने की आवाज आई और सामान गिरने लगा। जैसे ही समान गिरने लगा तो हम समझ गए कि जरूर बड़ा हादसा हुआ है।”

वहीं एक महिला यात्री ने बताया- 3 बजे की बात है। ट्रेन काफी तेज हिल रही थी, और मैं डर से रोने लगी। मुझे तो कोई चोट नहीं आई, हालांकि मेरी चाची को काफी चोट पहुंची।

कानपुर के आईजी जकी अहमद ने बताया कि इस हादसे में GS,GS,A1,B1, B2, B3, BE,S1,S2,S3, S4, S5,S6 कोच को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। हादसे के दौरान यात्री एक दूसरे के ऊपर आ गिर, और कोच आपस में टकराकर बुरी तरह से पिचक गए। बचावकार्य में एनडीआरएफ की टीम और स्थानीय लोग लगे हुए हैं। गैस कटर के जरिए कोच को काटकर शवों को निकालने की कोशिश की गई।

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First Published on November 20, 2016 9:07 am

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