December 08, 2016

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सालभर में 430 बार संघर्षविराम तोड़ा पाक ने

सीमा पार से गोलीबारी की घटनाओं की ग्रामीणों को तत्काल सूचना देने के लिए सीमा चौकियों और सीमावर्ती क्षेत्रों में तंत्र स्थापित किए गए हैं।

Author नई दिल्ली | November 30, 2016 05:37 am
सेना।

सरकार ने मंगलवार को बताया कि पिछले साल 25 नवंबर से इस साल 26 नवंबर तक पाकिस्तान की ओर से नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर संघर्षविराम उल्लंघन के 430 मामले हुए हैं जिनमें सेना के आठ सैनिक शहीद हुए और 74 घायल हुए हैं। रक्षा राज्यमंत्री डा. सुभाष भामरे ने राज्यसभा को बताया कि पिछले साल 25 नवंबर से इस साल 26 नवंबर तक पाकिस्तान की ओर नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर उस हिस्से में संघर्ष विराम के 216 मामले हुए जिसकी निगरानी सेना करती है। इसी अवधि में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर उस हिस्से में सीमा पार से संघर्षविराम उल्लंघन के 214 मामले हुए जिसकी निगरानी बीएसएफ करती है। उन्होंने बताया कि संघर्षविराम उल्लंघन के इन मामलों के दौरान सेना के आठ सैनिक शहीद हुए और 74 घायल हुए हैं। इसके अलावा सात नवंबर 2016 तक 111 मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए।

भामरे ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा के पास रहने वाले लोगों का संघर्षविराम उल्लंघन के कारण कोई स्थायी विस्थापन नहीं हुआ है। लेकिन वर्ष 2016 में पाक अधिकृत कश्मीर में लक्षित हमले के बाद जम्मू डिवीजन में 27,449 लोगों को उनके गांवों से हटाया गया था। उन्होंने बताया कि संघर्षविराम उललंघन के मामलों में आवश्यकतानुसार उचित जवाबी कार्रवाई की गई है। इस मुद्दे को हॉटलाइनों, फ्लैग बैठकों और भारत-पाकिस्तान के डीजीएमओ के बीच साप्ताहिक बातचीत जैसे स्थापित तंत्रों के जरिये उचित स्तर पर उठाया जाता है।

भामरे ने यह भी बताया कि सीमा पार से गोलीबारी की घटनाओं की ग्रामीणों को तत्काल सूचना देने के लिए सीमा चौकियों और सीमावर्ती क्षेत्रों में तंत्र स्थापित किए गए हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए बुलेटप्रूफ बंकर बनाए गए हैं। साथ ही एंबुलेन्सों को भी तैयार रखा जाता है। गृह राज्य मंत्री हंसराज गंगाराम अहीर ने पठानकोट हमले में शामिल आतंकवादियों की संख्या के बारे में अटकलों को समाप्त करते हुए साफ किया कि वायु सेना अड्डे में केवल चार आतंकवादी घुसे थे और हमला किया था जिसमें आठ लोग मारे गए थे। रवनीत सिंह के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि दो जनवरी को हुए हमले को पाकिस्तान स्थित चार आतंकवादियों ने अंजाम दिया था। उन्होंने कहा कि सभी आतंकवादियों को सुरक्षा बलों ने मार गिराया। मारे गए आतंकवादियों के पास से चार ए के 47 राइफल, ए के राइफल की 32 मैगजीन, 3 पिस्तौल, पिस्तौल की सात मैगजीन, एक ग्रेनेड लांचर, 40 हथगोले और एक डायगर बरामद किया गया था।

अहीर ने बताया कि पाकिस्तानी खुफिया एजंसी आइएसआइ के लिए जासूसी करने के आरोप में इस साल अभी तक 24 आइएसआइ एजंटों को गिरफ्तार किया गया है। एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि इन 24 एजंटों के अलावा अक्तूबर 2016 में नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग का खुफिया सूचना अधिकारी महमूद अख्तर भी जासूसी एजंट पाया गया था। अहीर ने बताया कि इस वर्ष अभी तक गिरफ्तार किए गए जासूसों में से राजस्थान में नौ, पंजाब में छह, गुजरात में दो, जम्मू-कश्मीर में दो, उत्तर प्रदेश में एक व दिल्ली में चार शामिल थे। उन्होंने साथ ही कहा कि नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग में तैनात कर्मचारियों के भी जासूसी रैकेट चलाने में संलिप्त रहने की आशंका है।
उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस द्वारा जासूसी के आरोप में पकड़े गए अधिकारी को भारतीय प्रशासन ने बाद में अवांछित व्यक्ति घोषित कर दिया था। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की घटनाओं का मुकाबला करने के लिए सरकार पर्याप्त कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार देश की सुरक्षा और हमारे नागरिकों की संरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने को प्रतिबद्ध है।

एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि सरकार पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश के साथ लगने वाली सीमा पर बॉडी स्कैनर लगाएगी। रिजिजू ने बताया कि सरकार ने अटारी, अगरतला, पेट्रापोल, जोगबनी और रक्सौल में पांच एकीकृत जांच चौकियों के प्रवेश और निकास स्थानों पर रेडियोलॉजिकल पहचान उपकरण (आरडीई) की स्थापना के लिए कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने भारत-पाकिस्तान सीमा पर अटारी, पुंछ-चक्कन दा बाग और उरी-सलामाबाद, भारत-बांग्लादेश सीमा पर पेट्रापोल और भारत-नेपाल सीमा पर रक्सौल में पांच स्थानों के लिए संपूर्ण बॉडी स्कैनर (एफबीटीएस) की प्राप्ति के लिए एक ग्लोबल टेंडर इंक्वायरी (जीटीई) भी जारी की है।

 

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First Published on November 30, 2016 5:37 am

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