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एलपीजी सबसिडी खत्म करने पर संसद में जमकर हंगामा, विपक्ष ने किया वाकआऊट

ज्यसभा चुनाव में नोटा का विकल्प दिए जाने पर राज्यसभा में विपक्ष ने खासा हंगामा किया जिससे उच्च सदन की कार्यवाही बार बार बाधित हुई।
Author नई दिल्ली | August 2, 2017 01:34 am
प्रतीकात्मक फोटो (फाइल)

घरेलू रसोई गैस पर सबसिडी में कटौती के मुद्दे को लेकर मंगलवार को संसद के दोनों सदनों में जमकर हंगामा हुआ। फैसले की वापसी को लेकर लोकसभा में विपक्ष वाकआऊट कर गया जबकि उच्च सदन को कई बार स्थगित करना पड़ा। राज्यसभा चुनाव में नोटा का विकल्प दिए जाने पर राज्यसभा में विपक्ष ने खासा हंगामा किया जिससे उच्च सदन की कार्यवाही बार बार बाधित हुई। हंगामे के कारण उच्च सदन में प्रश्नकाल और शून्यकाल दोनों नहीं हो सके।  राज्यसभा में शून्यकाल में जहां घरेलू रसोई गैस यानी एलपीजी पर सबसिडी में कटौती का मुद्दा हावी रहा वहीं राज्यसभा चुनाव में नोटा का विकल्प का मुद्दा प्रश्नकाल में छाया रहा। शून्यकाल में तृणमूल  कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन, माकपा नेता सीताराम येचुरी सहित कईअन्य सदस्यों ने एलपीजी सबसिडी का मुद्दा उठाया और कहा कि सरकार ने हर महीने प्रति सिलेंडर चार रुपए सबसिडी कम करने की बात की है।

इसका मकसद अगले साल तक सबसिडी को पूरी तरह से खत्म करना है। उन्होंने सरकार पर उसके वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में काफी कमी आई है लेकिन यहां कीमतों में इजाफा किया जा रहा है। इस फैसले को वापस लिए जाने की मांग करते हुए कांग्रेस, सपा, तृणमूल कांग्रेस आदि दलों के सदस्य आसन के समक्ष आकर नारेबाजी करने लगे। हंगामे को देखते हुए उपसभापति पीजे कुरियन ने 11 बजकर करीब 30 मिनट पर बैठक दस मिनट के लिए स्थगित कर दी। एक बार के स्थगन के बाद बैठक शुरू होने पर सदन में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद, जद (एकी) के शरद यादव और सपा के रामगोपाल यादव ने फिर यह मुद्दा उठाया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम होती जा रही हैं लेकिन सरकार पेट्रोलियम उत्पादों पर तमाम तरह के कर लगा रही है। विपक्षी सदस्य एक बार आसन के समीप आकर नारेबाजी करने लगे। शोर के बीच ही पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक बयान दिया लेकिन हंगामे के कारण उनकी बात सुनी नहीं जा सकी और कुरियन ने 11 बजकर 45 मिनट पर बैठक दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

इसी तरह लोकसभा में भी शून्यकाल में इस विषय को उठाते हुए कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल, तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय, माकपा की श्रीमती टीचर, आरएसपी के एनके प्रेमचंद्रन आदि ने कहा कि सरकार के सोमवार को किए गए ऐलान से आम आदमी बुरी तरह प्रभावित होने वाला है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस फैसले को तत्काल वापस लेना चाहिए। कांग्रेस और वामपंथी दलों ने इस विषय पर सरकार से सदन में तत्काल कोई बयान देने की मांग की। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने इस विषय पर शून्यकाल में विभिन्न दलों को बोलने की अनुमति दी है। लेकिन शून्यकाल में वह सरकार के किसी मंत्री को इस संबंध में कोई जवाब देने के लिए बाध्य नहीं कर सकतीं। हालांकि सरकार से बयान की मांग पर अड़े कांग्रेस, वाम दलों के साथ राकांपा और तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने इस विषय पर सदन से वाकआउट किया।

फैसला वापस लेने की मांग
राज्यसभा में कई सदस्यों ने एलपीजी सबसिडी का मुद्दा उठाया और कहा कि सरकार ने हर महीने प्रति सिलेंडर चार रुपए सबसिडी कम करने की बात की है। इसका मकसद अगले साल तक सबसिडी को पूरी तरह से खत्म करना है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में काफी कमी आई है लेकिन यहां कीमतों में इजाफा किया जा रहा है।

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  1. Sidheswar Misra
    Aug 2, 2017 at 9:50 am
    जब पूर्व कॉग्रेसी सरकार ६सिलेडर ९ सिलेंडर की सब्सिडी की बात करती थी तो बीजेपी कितना हंगामा करती थी .आज पूरी सब्ब्सिड़ी गैस से ख़त्म करने जा रही है .अच्छे दिन की सरकार .भक्तो के मुँह पर टेप
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