May 22, 2017

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NSG ने 32 सालों में पहली बार नहीं मनाया अपना स्थापना दिवस, जानिए क्यों?

देश के सर्वोच्च आतंकवाद विरोधी बल एनएसजी ने 32 साल के अपने इतिहास में आज पहली बार पारंपरिक स्थापना दिवस का आयोजन नहीं किया।

Author नई दिल्ली | October 17, 2016 02:33 am

देश के सर्वोच्च आतंकवाद विरोधी बल एनएसजी ने 32 साल के अपने इतिहास में आज पहली बार पारंपरिक स्थापना दिवस का आयोजन नहीं किया। ऐसा लक्षित हमलों के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा और देशभर में विभिन्न जिम्मेदारियों के मददेनजर किया गया है। इस ब्लैक कैट कमांडो बल का गठन 1984 में किया गया था। बल ने इस बार मानेसर के निकट अपनी छावनी में आतंकवाद और हाईजेक निरोधी कवायदों का प्रदर्शन नहीं करने का फैसला लिया। इसकी बजाए इस बार जवानों के लिए केवल पारंपरिक ‘बड़ा खाना’ और आतंकवाद के मुद्दे पर आख्यान सत्र का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड हर साल इस अवसर पर बड़े स्तर पर आयोजन करता है और कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री (गृह मंत्रालय) को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया जाता है जो जवानों को सम्मानित करते हैं। अधिकारियों के मुताबिक सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं करने का फैसला एनएसजी के नए महानिदेशक एसपी सिंह ने लिया है और ऐसा दो वजहों से किया गया है।


सूत्रों के मुताबिक महानिदेशक का कहना है कि बल के बड़ी संख्या में मानव संसाधनों को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं और लक्षित हमलों के बाद से और त्योहार के मौसम के मद्देनजर बढ़ाई गई सुरक्षा के चलते वह अलर्ट पर है। उनका मानना है कि हमलावर जवानों को सार्वजनिक तौर पर ज्यादा नजर नहीं आना चाहिए और अपने खुफिया स्वरूप को बनाए रखना चाहिए। सूत्रों के मुताबिक इसलिए उनका कहना है कि एनएसजी जैसे छोटे से संगठन के बड़ी संख्या में जवान सक्रिय ड्यूटी पर हैं, ऐसे में किसी समारोह का आयोजन करना उचित नहीं होगा और इससे संसाधनों पर दबाव भी पड़ेगा। बीते वर्षों में हुए सालाना स्थापना दिवस समारोहों में आतंकरोधी और हाईजैकरोधी दलों के एनएसजी कमांडो आमंत्रित लोगों तथा मीडिया के सामने आतंकवादियों से लोहा लेने और बंधकों तथा अति विशिष्ट लोगों को बचाने के अपने कौशल का प्रदर्शन करते रहे हैं।
एनएसजी के अंदरूनी सूत्रों ने बताया, ‘जहां तक हमें ध्यान है इससे पहले केवल एक बार, साल 2010 एनसएसजी की स्थापना दिवस समारोह का आयोजन टाला गया था। दिल्ली में 16 से 22 अक्तूबर तक आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा ले रहे खिलाड़ियों व उच्चाधिकारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी एनएसजी को दी गई थी।’
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कमांडो और उनके परिवारों को स्थापना दिवस की बधाई दी। अपने संदेश में उन्होंने कहा, ‘एनएसजी भारत का अग्रणी आतंकरोधी बल है जो विशेष और असाधारण परिस्थितियों से निबटने के लिए खासतौर के हथियारों से लैस और प्रशिक्षित है।’ सिंह ने आगे कहा, ‘एनएसजी कमांडो को जब भी कोई जिम्मेदारी दी गई है, उसे उन्होंने बड़े हौसले और पेशेवर दक्षता के साथ अंजाम दिया है।’ वायुसेना के पठानकोट स्थित बेस पर हमला करने वाले आतंकवादियों का सफाया करने की जिम्मेदारी एनएसजी कमांडो को ही दी गई थी। आतंकी हमलों जैसी किसी भी परिस्थिति से निबटने के लिए देशभर में उनके सभी केंद्रों पर विशेष दलों को खास अलर्ट पर रखा गया है।

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First Published on October 17, 2016 2:32 am

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