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‘महागठबंधन 2019’ के लिए सोनिया गांधी से मिले नीतीश कुमार, बड़ा सवाल- कौन होगा पीएम कैंडिडेट?

नीतीश और सोनिया के इस मुलाकात का महत्व इसलिए भी है कि क्योंकि बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने हाल ही में कहा है कि बीजेपी को रोकने के लिए वे विपक्षी दलों के गठबंधन में शामिल होने के लिए तैयार हैं।
2019 के लोकसभा चुनाव के लिए नीतीश कुमार कांग्रेस समेत दूसरे विपक्षी दलों के साथ मिलकर महागठबंधन बनाने की कोशिश कर रहे हैं। (PHOTO SOURCE-EXPRESS LIBRARY)

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार (20 अप्रैल) को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की और समझा जाता है कि उन्होंने देश के वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर चर्चा की। नीतीश राष्ट्रीय स्तर पर नरेन्द्र मोदी से मुकाबला करने के लिए धर्मनिरपेक्ष दलों के महागठबंधन के लिए आह्वान करते रहे हैं। समझा जाता है कि सोनिया के साथ बातचीत में उन्होंने इस मुद्दे को भी उठाया गया है। कांग्रेस बिहार में जदयू की सरकार में एक साझेदार है। जदयू, राजद और कांग्रेस ने महागठबंधन के तहत चुनाव लड़ा था और बीजेपी के खिलाफ प्रचंड जीत हासिल की थी।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक नीतीश और सोनिया गांधी ने पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजों पर भी चर्चा की। इन चुनावों में बीजेपी के बेहतर प्रदर्शन ने विपक्ष के एक मंच पर आने की संभावना को और भी बल दिया है। नीतीश और सोनिया के इस मुलाकात का महत्व इसलिए भी है कि क्योंकि बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने हाल ही में कहा है कि बीजेपी को रोकने के लिए वे विपक्षी दलों के गठबंधन में शामिल होने के लिए तैयार हैं। यूपी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ चुनाव लड़ने वाले पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भी मायावती के इस बयान का स्वागत किया था। बता दें कि नीतीश कुमार ने बिहार की तर्ज पर यूपी में भी सपा, कांग्रेस, जेडीयू और आरजेडी का गठबंधन बनाने की कोशिश की थी लेकिन तब उन्हें कामयाबी नहीं मिली थी। नीतीश कुमार इससे पहले भी बयान दे चुके हैं कि देश में बीजेपी के उभार को रोकने के लिए विपक्षी दलों का गठबंधन जरूरी है। और इस ओर राष्ट्रीय पार्टी होने के नाते कांग्रेस को पहल करनी चाहिए, सोनिया के साथ नीतीश की मुलाकात को इस संदर्भ में भी जोड़कर देखा जा रहा है।

लेकिन महागठबंधन की राह में सबसे बड़ा रोड़ा पीएम पद का उम्मीदवार होने जा रहा है। 2019 में विपक्ष किसके नेतृत्व में चुनाव लड़ेगा इस सवाल का जवाब ढूंढ़ पाना विपक्ष के लिए टेढ़ी खीर से कम नहीं है। बता दें कि जेडीयू के कई नेता नीतीश कुमार को 2019 में महागठबंधन का पीएम कैंडिडेट घोषित करने की मांग कर चुके है। कांग्रेस के अध्यक्ष पद की ताजपोशी का इंतजार कर रहे राहुल गांधी नीतीश के नेतृत्व में 2019 का चुनाव लड़ना चाहेंगे या नहीं ये एक ऐसा सवाल है जिसके जवाब में 2019 की राजनीति की दशा-दिशा निर्भर करेगी।

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  1. B
    BHARAT
    Apr 21, 2017 at 4:59 pm
    ऐसे ठगबंधन कई बार हो चुके है | राजनीति क्या गर्माएगी !!! हां मिडिया का टाइम पास हो जाएगा | थोड़ा पब्लिक का भी |
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    Reply
    1. V
      Vaibhav mandhare
      Apr 20, 2017 at 11:46 pm
      Akhir chor se haath milana pada mujhe Malum tha
      (0)(0)
      Reply
      सबरंग