ताज़ा खबर
 

सोशल मीडिया पर दिखाई महंगी गाड़ी, बाइक, घड़ी, मोबाइल तो IT अफसर खटखटाएंगे दरवाजा

आयकर विभाग ने अगले महीने से कालेधन का पता लगाने को सोशल नेटर्विकंग साइटों को खंगालने का फैसला किया है।
Author September 10, 2017 15:21 pm
प्रतीकात्मक तस्वीर

सोशल मीडिया इंस्टाग्राम, फेसबुक पर यदि अपनी लग्जरी गाड़ी का फोटो डाला है या महंगी घड़ी की फोटो अपलोड की है तो आयकर अधिकारी आपके घर का दरवाजा खटखटा सकते हैं। आयकर विभाग ने अगले महीने से कालेधन का पता लगाने को सोशल नेटर्विकंग साइटों को खंगालने का फैसला किया है। आयकर विभाग अगले महीने ‘प्रोजेक्ट इनसाइट’ शुरू करने जा रहा है। इसके तहत विभाग बड़े पैमाने पर डेटा विश्लेषण और सोशल साइटों पर मौजूद सूचनाओं को मिलाएगा जिससे किसी व्यक्ति के खर्च के तरीके और घोषित आमदनी के बीच अंतर का पता लगाया जा सके।

एक अधिकारी ने कहा कि कर विभाग कर चोरी तथा काले धन को पकड़ने के लिए आय घोषणा तथा खर्च के तरीके में अंतर का विश्लेषण करेगा। किसी व्यक्ति की आय और संपत्ति का पता लगाने के लिए आयकर विभाग ने पैन को आधार से जोड़ना भी अनिवार्य कर दिया है। कर विभाग ने पिछले साल प्रोजेक्ट इनसाइट के क्रियान्वयन के लिए एलएंडटी इन्फोटेक के साथ करार किया था। इसका मकसद कर अनुपालन में सुधार के लिए सूचनाओं को जुटाना है।

एक अधिकारी ने पीटीआई भाषा से कहा, ‘‘फिलहाल बीटा परीक्षण चल रहा है। प्रोजेक्ट इनसाइट के लिए एकीकृत प्लेटफार्म अगले महीने शुरू किया जाएगा।’’ आयकर विभाग ने कर दायरा बढ़ाने के लिए प्रोजेक्ट इनसाइट परियोजना की पहल की है। इसके तहत आयकर विभाग डेटा जुटाएगा। इससे कर अधिकारियों को ऊंचे मूल्य के लेनदेन का पता लगाने और कालेधन के प्रवाह पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

अधिकारी ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी आधारित प्रोजेक्ट इनसाइट परियोजना से सूचना आधारित रुख को मजबूत करने में मदद करेगी और कर अनुपालन में सुधार होगा। इस नए तकनीकी ढांचे का इस्तेमाल विदेशी खाता कर अनुपालन कानून (फाटका) तथा सामान्य रिपोर्टिंग मानक (सीआरएस) के लिए भी किया जाएगा। प्रोजेक्ट इनसाइट के तहत एक नया अनुपालन प्रबंधन केंद्रीयकृत प्रसंस्करण केंद्र (सीएमसीपीसी) स्थापित किया जाएगा।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.