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शेखर कपूरः सिनेमा का नया ठिकाना अब Youtube

भारत के 46 वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह की अंतरराष्ट्रीय जूरी के अध्यक्ष शेखर कपूर का कहना है कि टेक्नालॉजी सिनेमा को तेजी से बदल रही है।
Author नई दिल्ली | November 25, 2015 02:21 am

भारत के 46 वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह की अंतरराष्ट्रीय जूरी के अध्यक्ष शेखर कपूर का कहना है कि टेक्नालॉजी सिनेमा को तेजी से बदल रही है। नए फिल्मकारों को अब सिनेमा हॉल की जरूरत नहीं रहेगी। अब ऐसे कैमरे आ रहे हैं जिनमें दस से पंद्रह लैंस एक साथ होंगे। फिल्म निर्माण का पारंपरिक तरीका बदल जाएगा। हर कोई अपनी फिल्म बनाकर इंटरनेट के जरिए प्रदर्शित कर सकेगा। वर्चुअल स्पेस में सिनेमा देखने का अनुभव पूरी तरह बदल जाएगा। तकनीक सिनेमा के सारे खेल को बदल रही है। धीरे-धीरे फिल्म बिजनेस में वर्चस्व की राजनीति खत्म हो जाएगी।

राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएफडीसी) के फिल्म बाजार में देशी-विदेशी युवा फिल्मकारों से संवाद में उन्होंने कहा कि केवल आठ हजार थिएटरों के भरोसे हम हिंदी सिनेमा को नहीं बचा सकते। उसमें से भी अगर छह हजार थिएटर सूरज बड़जात्या अपनी फिल्म प्रेम रतन धन पाओ, के लिए बुक कर लेते हैं तो बाकी पांच सौ फिल्मों को लंबा इंतजार करना पड़ जाता है। इंटरनेट और डिजिटल टेक्नालॉजी सिनेमा के लिए रोज नए वर्चुअल स्पेस बना रहे हैं। यहां लेखक, निर्देशक, छायाकार संपादक, निर्माता, वितरक, निवेशक आप खुद होते हैं। यहां आप सिनेमा में हजार तरीकों से अपनी कहानी दिखा सकते हैं। स्टार सिस्टम और थिएटर हर किसी की पहुंच में नहीं रहा तो यह नई दुनिया खुल गई।

उन्होंने कहा कि हालीवुड स्टार ब्रैड पिट की नई फिल्म अब इंटरनेट पर रिलीज होने जा रही है। सिनेमा का नया ठिकाना अब सिनेमाहाल नहीं यू-ट्यूब बन रहा है। आज सबसे अधिक फिल्मकार फिल्म स्कूलों से नहीं प्रौद्यौगिकी संस्थानों से आ रहें हैं। अगर भारतीय फिल्म और टेलीविजन संस्थान एफटीआइआइ अपने छात्रों में हर क्षण सिनेमा का जुनून जगाए नहीं रखता तो वह पिछड़ चुका है, बेकार हो चुका है।

मासूम, मिस्टर इंडिया, बैंडिट क्वीन, एलिजाबेथ, जैसी फिल्में बनाने वाले शेखर कपूर ने युवाओं का आह्वान किया कि वे निर्माताओं-वितरकों का इंतजार मत करें। अपना कैमरा उठाएं और जो मन में आए, शूट करना शुरू करें। उसे यू ट्यूब पर डाल दें। अगर आपमें दम होगा तो लोग खुद चलकर आपके पास आएंगे। अगर आप स्टार और थिएटर चाहते हैं तो आप कला के लिए नहीं प्रसिद्धि के लिए सोच रहे हैं।

उन्होंने अपनी अगली फिल्म का उदाहरण देते हुए कहा कि वे बुद्ध पर एक ऐसी फिल्म बनाना चाहते हैं जिसमें वे पंद्रह मिनट तक दर्शकों को यह अनुभव करा सकें कि जिस क्षण बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ तो उन्हे कैसा अनुभव हुआ। आज टेक्नालॉजी ने वर्चुअल स्पेस में यह संभव किया है कि मैं ऐसा कर सकता हूं। फिल्म बाजार में मंगलवार को कई बड़े फिल्मकारों का जमघट लगा रहा। विधु विनोद चोपड़ा ने अपनी आनेवाली फिल्म वजीर का ट्रेलर लांच किया। अमिताभ बच्चन, फरहान अख्तर की मुख्य भूमिकाओं वाली इस फिल्म को विधु विनोद चोपड़ा ने अभिजात जोशी के साथ मिलकर लिखा है। उन्होंने कहा कि जैसी फिल्म वे निर्देशित करना चाहते हैं, उसका माहौल नहीं बन पा रहा है।

हिंदी सिनेमा और विश्व सिनेमा में बहुत बड़ी खाई है। यहां अति-नाटकीय मेलोड्रामा की भरमार है। वजीर पहले फिफ्थ मूव नाम से अंग्रेजी में बननी थी, लेकिन अब हिंदी में बन रही है। इसके मुख्य चरित्र जार्जियन हैं। यह एक वैश्विक एक्शन ड्रामा है। उन्होंने कहा कि उनका हिंदी में आखिरी काम एकलव्य था। उनकी अंग्रेजी फिल्म ब्रोकेन हार्सेज फ्रांस में रिलीज होने जा रही है। राजकुमार हीरानी, प्रकाश झा, केतन मेहता, कबीर खान, अनुभव सिन्हा, अनुराग कश्यप, सुभाष घई, श्याम बेनेगल, सुधीर मिश्रा, विकास बहल, नंदिता दास, अभिजात जोशी सहित कई जाने माने फिल्मकारों ने आज फिल्म बाजार में भागीदारी की।

 

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