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एनडीटीवी ने हटाई अमित शाह के बेटे पर की गई स्टोरी, मैनेजिंग एडिटर श्रीनिवासन जैन ने बयां किया दर्द

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह पर की गयी श्रीनिवासन जैन और मानस प्रताप सिंह की रिपोर्ट एनडीटीवी के यूट्यूब पर मौजूद है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और उनके बेटे जय शाह के साथ। (फोटो-PTI)

एनडीटीवी को “कानूनी नुक्ताचीनी” के लिए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह पर की गयी रिपोर्ट को अपनी वेबसाइट से हटाना पड़ा है। ये जानकारी खुद चैनल के मैनेजिंग एडिटर श्रीनिवासन जैन ने सोशल मीडिया पर दी। जैन ने अपने ट्वीट में बताया, “एक हफ्ते पहले जय शाह की कंपनी को दिए गये लोन पर मानस प्रताप सिंह और मेरे द्वारा की गयी एक रिपोर्ट को एनडीटीवी की वेबसाइट से हटाया गया था।” जैन ने बताया कि एनडीटीवी के वकीलों ने उन्हें बताया कि उस रिपोर्ट की “कानूनी नुक्ताचीनी”  की जा रही है।

जैन ने लिखा, “एनडीटीवी के वकीलों ने कहा कि इसकी “कानूनी नुक्ताचीनी” के लिए इसे हटाना पड़ेगा। अभी तक ये रिपोर्ट वापस नहीं लगी है। ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि रिपोर्ट पूरी तरह सार्वजनिक रूप से मौजूद तथ्यों पर आधारित है। इसमें किसी तरह का निराधार या अवांछित आरोप नहीं लगाया गया है। ऐसे हालत में पत्रकारों के लिए काफी मुश्किल है। अभी मैं इसे एक परेशानी भर मान रहा हूं और फिलहाल हमेशा की तरह एनडीटीवी पर पत्रकारिता जारी रखूँगा। मैंने ये बातें एनडीटीवी को भी बता दी है।”

ndtv, sreenivasan jain एनडीटीवी के मैनेजिंग एडिटर श्रीनिवासन जैन का ट्वीट।

स्क्रॉल वेबसाइट के अनुसार जैन की रिपोर्ट “लोन्स टू जय शाह: क्रोनिइज्म ऑफ बिजनेस एज यूजुअल?” नौ अक्टूबर को एनडीटीवी पर प्रसारित हुई थी। बाद में उसे चैनल की वेबसाइट पर से हटा दिया गया। हालांकि जैन की रिपोर्ट उसी दिन एनडीटीवी के यूट्यूब चैनल पर अपलोड की गयी थी जो अब भी मौजूद है। एनडीटीवी ने 12 अक्टूबर को ट्वीट किया कि रिपोर्ट की “कानूनी नुक्ताचीनी” की जा रही है।

श्रीनिवासन जैन की रिपोर्ट जिसे एनडीटीवी ने वेबसाइट से हटाया है-

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  1. D
    dk
    Oct 18, 2017 at 6:36 pm
    ये ‘‘दर्द बयां नहीं कानून का डर बयां है, कलम और मंच मिल गया तो कुछ भी लिख डालो है ना... वर्षों से यह धंधा करते आ रहे थे। अब धंधा बंद होना ही चाहिए। ऐसी खबर लिखने वालों पर जब कानून व विधि सम्मत कार्रवाई की जाती तो इसे आवाज दबाने का मा ा बता कर जनता को गुमराह मत करो। यह धंध किसी के लिए ठीक नहीं है। जब से श्री नरेंद्र मोदी राजनीतिक पटल पर उभरे है, उन्हें नीचा दिखाने के लिए यह धंधा और घृणित रूप ले लिया है, जो कहीं ना कहीं से राजनीति से प्रेरित होते हैं। निश्पक्षता तो कहीं नहीं हैं।
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    Reply
    1. पंकज जोशी
      Oct 18, 2017 at 11:18 am
      एनडीटीवी के मालिक पर जो धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं उस पर भी कोई लेख लिखिए ,, बिकाऊ मीडिया के भांडों तुम जैसों के लिए यही होगा चाहिए तुम जज नहीं हो जो किसी को चोर साबित कर दो ,,,
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      Reply
      1. A
        Anil Barwa
        Oct 18, 2017 at 10:22 am
        All the best NDTV .....nothing to worry about it.. .desh ke aam janta apke sath hai....aage badho ..
        (14)(7)
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