March 23, 2017

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पत्रकारिता का अवार्ड पाकर पत्रकारों पर ही बरसे रवीश कुमार, कहा- न्‍यूज एंकर इस वक्‍त का सबसे बड़ा गुंडा

रवीश ने तंज भरे लहजे में कहा कि 'पत्रकारिता पर कोई खतरा नहीं है, पत्रकार मौज में हैं और विकल्प की जगह विलय की पत्रकारिता कर रहे हैं।'

पहला कुलदीप नैयर अवार्ड हासिल करने के बाद बोलते रवीश। (Source: YouTube)

पत्रकारिता के दुनिया में अपने योगदान के लिए जाने-माने टीवी पत्रकार रवीश कुमार को पहला कुलदीप नैयर पत्रकारिता अवार्ड दिया गया है। रविवार को एक समारोह में उन्‍हें अवार्ड के साथ-साथ 1 लाख रुपए का नकद पुरस्‍कार भी मिला। गांधी पीस फाउंडेशन द्वारा इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में, वेटरन पत्रकार कुलदीप नैयर खुद के नाम पर शुरू हुए अवार्ड को देने के लिए मौजूद रहे। नैयर ने इस मौक पर कहा कि अवार्ड ऐसे समय में दिया जा रहा है कि जब योगी आदित्‍यनाथ उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री बन रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि भले ही बड़े वैचारिक मतभेद हों, मगर लोगों ने योगी आदित्‍यनाथ और बीजेपी को बहुमत दिया है, जिसका सम्‍मान किया जाना चाहिए। रवीश ने इस मौके पर कहा कि ‘न्‍यूज एंकर हमारे समय का सबसे बड़ा गुंडा है, जो जो विकल्प की आवाजों को दबाने के लिए रोजाना थर्ड डिग्री का इस्तेमाल करता है।’ रवीश ने तंज भरे लहजे में कहा कि ‘पत्रकारिता पर कोई खतरा नहीं है, पत्रकार मौज में हैं और विकल्प की जगह विलय की पत्रकारिता कर रहे हैं। यह सब संयोग नहीं है बल्कि एक बड़ी डिज़ायन का हिस्सा है।’

रवीश ने कहा, ”ऐसे वक्‍त में जब राजनीति तमाम मर्यादायों को ध्‍वस्‍त कर रही है, अपमान के नए-नए मुहावरे गढ़ रही है। जब हमारी सहनशीलता कुचली जा रही है, तो खुद को सम्‍मानित होते हुए देखना दीवार पर टंगी उस घड़ी की तरफ देखना है जो टिक-टिक करती हैं।” उन्‍होंने कहा, ”इसी समाज में कुछ ऐसे लोग भी हैं जो एंकर को सम्‍मानित करने का जोखिम उठा रहे हैं।”

रवीश के अनुसार, ”अगर आप राजनीति में विकल्‍प खोजना चाहते हैं तो अंतर्विरोधों को सहेजना सीखिए। बहुतों को उनके समझौतों ने अधमरा कर दिया है। आज जो भी समय है, उसे लाने में उनकी भी भूमिका है जिनके पास बीते समय में कुछ करने की जवाबदेही थी।”

रवीश का पूरा भाषण देखें:

रवीश ने आगे कहा, ”राजनैतिक दलों में फिर से प्रवेश का आंदोलन करना पड़ेगा। फिर से इन दलों की तरफ लौटिए और संगठनों पर कब्‍जा कीजिए। वहां जो नेता बैठे हैं, वे नेतृत्‍व के लायक नहीं है। उन्‍हें हटा दीजिए। वे डरपोक लोग हैं।”

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First Published on March 20, 2017 6:36 pm

  1. S
    suresh Yadav
    Mar 21, 2017 at 3:55 pm
    ravish ji apne belkul sahi kha ajkal news anchor gunda ho e hai
    Reply
    1. D
      Dharamvir Saihgal
      Mar 21, 2017 at 12:31 am
      Self appraisal,isn't it ? Know thy self............
      Reply
      1. A
        An average
        Mar 20, 2017 at 10:13 pm
        कांग्रेस का जगजाहिर चम्मच।
        Reply
        1. A
          Anand
          Mar 21, 2017 at 1:19 am
          डूब मर! कांग्रेस का चमचा होता तो भाजपा के सत्ता में अवार्ड ले पाता? इसे कुछ महीने पहले बेस्ट पत्रकार का अवार्ड भी मिला उसको. तू सिर्फ वो तिहाड़ी सुधीर चौधरी का छी न्यूज़ ही देख. भाजपा संसद सुभाष चंद्र वाला छी न्यूज़ (झी न्यूज़). रवीश कुमार जैसा सटीक पत्रकार अभी बहुत काम नजर आते है. इसलिए अवार्ड ले जाते है.
          Reply
        2. A
          Aditya Tiwari
          Mar 20, 2017 at 8:01 pm
          Ravish ji aapne bikul sach kaha media ko bhi abto apni swatantra ke liye patrakaro ko rooh se sochna chahiye. Kyuki rooh ki awaj sachhi hoti h.. nhi to waqt kahi Media houses aur anchors ko party ke naam se bulane pe majboor na karde..
          Reply

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