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NDTV ने हिटलर के प्रचार मंत्री से की सुब्रमण्‍यम स्‍वामी की तुलना, आराेपों पर दी सफाई

एनडीटीवी ने कहा है कि 2जी अदालत ने उसके पक्ष में फैसला दिया है। समूह ने कहा कि कोर्ट ने सारे आरोप खारिज कर दिया और याचिका दायर करने वाले शख्‍स पर जुर्माना भी लगाया।
Author नई दिल्‍ली | August 11, 2016 12:53 pm
भाजपा राज्यसभा सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी

वरिष्‍ठ भाजपा नेता सुब्रमण्‍यम स्‍वामी द्वारा लगाए गए मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों पर मीडिया समूह NDTV ने सफाई दी है। स्‍वामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर समूह की जांच कराने को कहा था। गुरुवार को समूह ने एक प्रेस रिलीज जारी कर स्‍वामी के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। NDTV का यह भी कहना है कि प्रधानमंत्री द्वारा फटकरे जाने के बाद स्‍वामी को ‘पब्लिसिटी की ऑक्‍सीजन’ नहीं मिल पा रही, इसलिए वह झूठ फैला रहे हैं। समूह ने स्‍वामी की तुलना हिटलर के सहयोगी और प्रॉपेगेंडा में माहिर हेर गॉबेल्‍स से की है। समूह का कहना है कि ‘स्‍वामी को लगता है कि अगर वह बार-बार झूठ दोहराएंगे तो वह सच हो जाएगा। यह शर्मनाक है कि राज्‍य सभा का नामित सदस्‍य सत्‍य की ऐसी कठोर उपेक्षा करता है।’ स्‍वामी ने एनडीटीवी पर ‘मनी लॉन्ड्रिंग’ का आरोप लगाया था। जिसके जवाब में समूह ने कहा है कि यह ‘बकवास’ है। एनडीटीवी ने स्‍वामी के 7 झूठ का पर्दाफाश करने का दावा किया है। Jansatta.com इन तथ्‍यों की पुष्टि नहीं करता है।

एनडीटीवी के अनुसार, स्‍वामी ने समूह पर ‘मनी लॉन्ड्रिंग का जो आरोप लगाया था, वह ‘झूठ’ है। समूह के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय ने भी उसपर कभी ऐसा कोई आरोप नहीं लगाया। समूह ने प्रवर्तन निदेशालय द्वारा उस पर 2030 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाए जाने के दावे को भी खारिज किया है। एनडीटीवी का कहना है कि जिन लोगों को NDTV Networks Plc का निदेशक बताया गया है, वह निदेशक नहीं थे। एनडीटीवी के मुताबिक, Fuse Media उसकी कंपनी नहीं है। उसके पास कभी इस कंपनी का स्‍वामित्‍व नहीं रहा। समूह के मुताबिक, यह कंपनी एक प्राइवेट इक्विटी इवनेस्टर की है, जो अभी NDTV Networks व अन्‍य भारतीय मीडिया कंपनियों के निवेशकर्ता हैं।

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एनडीटीवी का ये भी कहना है टैक्‍स डिपार्टमेंट ने NDTV Lifestyle ने Astro के इनवेस्‍टमेंट की जांच के बाद इसे ‘क्‍लीन ऑर्डर’ पास किया। स्‍वामी के इस आरोप पर कि एनडीटीवी का निवेश फर्जी है, पर समूह का कहना है कि सारा निवेश विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड के इजाजत लेने के बाद ही किया गया है। आखिरी तर्क में एनडीटीवी ने कहा है कि 2जी अदालत ने उसके पक्ष में फैसला दिया है। समूह ने कहा कि कोर्ट ने सारे आरोप खारिज कर दिया और याचिका दायर करने वाले शख्‍स पर जुर्माना भी लगाया।

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  1. Sidheswar Misra
    Aug 11, 2016 at 1:13 pm
    जनसत्ता पुष्ट नहीं करता लेकिन अख़बार बेचने के लिए कुछ समाचार तो छापना है . स्वामी जी को अख़बार वाले प्रचार योग राशि देना चाहिए .
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