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राष्ट्रपति पद का चुनाव आज, आंकड़े राजग के पक्ष में

मतों की गिनती 20 जुलाई को दिल्ली में होगी जहां विभिन्न राज्यों की राजधानियों से मत पेटियां लाई जाएंगी। इन चुनावों में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य और राज्य विधानसभाओं के सदस्य मतदाता होते हैं।
Author नई दिल्ली | July 17, 2017 07:13 am
एनडीए के राष्ट्रपति उम्मीदवार रामनाथ कोविंद (बाएं) और यूपीए की उम्मीदवार मीरा कुमार। (फाइल फोटो)

भारत के अगले राष्ट्रपति के लिए सोमवार को होने वाले चुनाव में राजग उम्मीदवार रामनाथ कोविंद और विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार आमने-सामने हैं लेकिन आंकड़ों में कोविंद का पलड़ा भारी दिख रहा है। मतों की गिनती 20 जुलाई को दिल्ली में होगी जहां विभिन्न राज्यों की राजधानियों से मत पेटियां लाई जाएंगी। इन चुनावों में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य और राज्य विधानसभाओं के सदस्य मतदाता होते हैं। इस चुनाव में राजग का पक्ष भारी लग रहा है लेकिन विपक्ष अपने उम्मीदवार के समर्थन में कुछ क्षेत्रीय दलों का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है। बिहार के पूर्व राज्यपाल कोविंद और लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार ने देश भर में घूम-घूम कर अपनी उम्मीदवारी के समर्थन में विधायकों व सांसदों से वोट मांगा। मौजूदा राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल इस साल 24 जुलाई को पूरा हो रहा है। अब तक मुखर्जी समेत 13 लोग इस पद पर रह चुके हैं। इन चुनावों में कुल 4896 मतदाता-4120 विधायक और 776 सांसद – अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। राज्यों की विधान परिषद के सदस्य विधान पार्षद इस चुनाव में हिस्सा नहीं लेते। लोकसभा अध्यक्ष जहां इस चुनाव में मत डाल सकता है वहीं एंग्लो-इंडियन समुदाय से लोकसभा में नामित होने वाले दो सदस्यों को मतदान का अधिकार नहीं होता है। राज्यसभा के भी 12 नामित सदस्य इन चुनावों में मतदान के अयोग्य होते हैं। यह चुनाव क्योंकि गोपनीय मतपत्र के जरिए होता है इसलिए पार्टियां अपने सदस्यों को किसी खास उम्मीदवार के पक्ष में मत डालने के लिए विप जारी नहीं कर बाकी पेज 8 पर सकतीं। भाजपा के नेतृत्व वाले राजग के पास शिवसेना को मिलाकर कुल 5,37,683 वोट हैं और उसे करीब 12000 और मतों की जरूरत है। हालांकि बीजद, टीआरएस और वाईएसआर कांग्रेस से समर्थन के वादे और अन्नाद्रमुक के एक धड़े से समर्थन की संभावना राष्ट्रपति चुनावों में वोटों की कमी के अंतर को पूरा कर सकती है।

मतदान की तैयारियों के बारे में चुनाव आयोग ने रविवार को कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में मत देने वाले सांसदों और विधायकों को मतदान केंद्र के भीतर अपनी कलम ले जाने से मना किया गया है और वे विशेष रूप से डिजाइन किए गए मार्कर से मतपत्र पर निशान लगाएंगे। हरियाणा में पिछले साल आयोजित राज्यसभा चुनावों के दौरान पैदा हुए स्याही विवाद के बाद चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति चुनाव में मतदान के लिए विशेष कलम के इस्तेमाल का निर्णय किया है।चुनाव आयोग ने बैंगनी स्याही युक्त विशेष क्रमांक वाली कलमों की आपूर्ति की है। सोमवार के चुनाव में केवल आयोग की ओर से उपलब्ध कराए गए मतदान सामग्री के इस्तेमाल को सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। आयोग के एक प्रवक्ता ने नए कानून के बारे में बताया कि मतदान केंद्र में प्रवेश से पहले चुनावकर्मी मतदाताओं से उनकी निजी कलम ले लेंगे और मतपत्र पर निशान लगाने के लिए विशेष कलम दे देंगे। सांसदों को हरे रंग जबकि विधायकों को गुलाबी रंग के मतपत्र दिए जाएंगे। आयोग ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रीकर सहित 55 सांसद राष्ट्रपति चुनाव में संसद भवन के बजाय अपने राज्य विधानसभाओं में मतदान करेंगे। पांच विधायक अपना मत संसद भवन में और चार अन्य विधायक अपना मत ऐसी राज्य विधानसभाओं में डालेंगे जहां से वे निर्वाचित नहीं हुए हैं। राष्ट्रपति चुनाव के नियमों के मुताबिक सांसद या विधायक आयोग से यह कह सकते हैं कि एक अपवाद के तौर पर वह उन्हें किसी अन्य स्थान पर मतदान करने की इजाजत जी दाए। चुनाव आयोग के दस्तावेज के मुताबिक उसने 14 राज्यसभा और 41 लोकसभा सदस्यों को कल संसद भवन की बजाय राज्य विधानसभाओं में वोट डालने की इजाजत दी है। इनमें पर्रीकर, आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य शामिल हैं जिन्होंने संसद की अपनी सदस्यता नहीं छोड़ी है। पर्रीकर राज्यसभा के सदस्य हैं जबकि आदित्यनाथ और मौर्य लोकसभा सदस्य हैं। बाकी जो सांसद अपने राज्य की विधानसभाओं में मत डालेंगे उनमें ज्यादातर तृणमूल कांग्रेस के हैं।

चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संसद के केंद्रीय कक्ष में दोनों सदनों के सांसद 23 जुलाई को मौजूदा राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को विदाई देंगे। इसके बाद 25 जुलाई को देश के मुख्य न्यायाधीश नए राष्ट्रपति को शपथ दिलाएंगे। लोकसभा सचिवालय की ओर से महासचिव अनुप मिश्रा के हवाले से जारी प्रपत्र के अनुसार, 23 जुलाई को शाम साढ़े पांच बजे संसद के केंद्रीय कक्ष में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को विदाई दी जाएगी। परंपरा के अनुसार, लोकसभा अध्­यक्ष सुमित्रा महाजन राष्­ट्रपति मुखर्जी के लिए एक विदाई भाषण देंगी।इस समारोह में सरकार के तमाम आला अधिकारी और दोनों सदनों के सांसद मौजूद रहेंगे। प्रणब मुखर्जी को एक स्मृति चिन्ह और एक सिग्­नेचर बुक भी दी जाएगी जिस पर सभी सांसदों के हस्­ताक्षर होंगे। विदाई समारोह के बाद राष्­ट्रपति मुखर्जी अपने सम्­मान में आयोजित एक चाय समारोह में शिरकत करेंगे। मतगणना का दौर 20 जुलाई को सुबह दस बजे संसद के कमरा नंबर 62 में शुरू होगा। विधानसभाओं में भी वोटों की गिनती जारी रहेगी।
भाजपा आज तय कर सकती है उपराष्ट्रपति उम्मीदवार का नाम

नई दिल्ली, 16 जुलाई (भाषा)।
भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक सोमवार को होगी जिसमें उपराष्ट्रपति पद के लिए राजग के उम्मीदवार के नाम को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। कांग्रेस समेत 18 विपक्षी दलों के गठबंधन ने उपराष्ट्रपति पद के लिए गोपालकृष्ण गांधी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। उपराष्ट्रपति पद के लिए मतदान पांच अगस्त को होगा।
इस पद के लिए नामांकन पत्र भरने की अंतिम तिथि 18 जुलाई है। उपराष्ट्रपति पद के लिए निर्वाचक कालेज में 790 सदस्य हैं जिसमें लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य शामिल हैं।
सत्तारूढ़ गठबंधन को निर्वाचक कालेज में जबर्दस्त बहुमत हासिल है। भाजपा सूत्रों ने विश्वास जताया है कि 790 सदस्यों में से उसके उम्मीदवार को 500 से ज्यादा वोट प्राप्त होंगे।

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