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धर्मांतरण मुद्दा: प्रधानमंत्री के जवाब की मांग पर अड़ा विपक्ष

कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, वामदल, राजद व आप सदस्यों ने लोकसभा में धर्मांतरण के मुद्दे पर सरकार को घेरा और प्रधानमंत्री के जवाब की मांग करते हुए भारी शोरशराबा किया जिसके कारण सदन को चार बार स्थगित करना पड़ा। भोजनावकाश के बाद आसन के समक्ष नारेबाजी कर रहे राजद के राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने […]
मोदी ने सफाई अभियान में सौरव गांगुली, कपिल शर्मा समेत अन्य हस्तियों को किया नामांकित (फोटो: भाषा)

कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, वामदल, राजद व आप सदस्यों ने लोकसभा में धर्मांतरण के मुद्दे पर सरकार को घेरा और प्रधानमंत्री के जवाब की मांग करते हुए भारी शोरशराबा किया जिसके कारण सदन को चार बार स्थगित करना पड़ा। भोजनावकाश के बाद आसन के समक्ष नारेबाजी कर रहे राजद के राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने अखबार को फाड़कर टेबल के पास हवा में उछाल दिया। उपाध्यक्ष ने इस पर सख्त आपत्ति जताई और यादव को बाद में क्षमा मांगनी पड़ी। हंगामे के दौरान ही माकपा सदस्य ए संपत की तबीयत खराब हो गई।

एक बार के स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही शुरू होने पर कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, वाम दल, राजद, आप के सदस्य धर्मांतरण का विषय उठाते हुए अध्यक्ष के आसन के समीप आकर नारेबाजी करने लगे। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हर राज्य में ‘घर वापसी’ के नाम पर धर्मांतरण किया जा रहा है। लोगों को प्रलोभन दिया जा रहा है। संविधान में हरेक को अपनी पसंद का धर्म मानने का अधिकार है। ऐसे कार्यों से देश में अशांति फैल सकती है। मोदी के नाम पर यह सरकार बनी है। इसलिए प्रधानमंत्री सदन में बयान दें।

संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि देश के लोग देख रहे हैं कि क्या हो रहा है। जो लोग सदन में नहीं हैं, उनके बारे में नारे लगाए जा रहे हैं। इसे कार्यवाही से हटाया जाना चाहिए। मंगलवार सुबह आठ बजे से विधानसभा चुनावों (झारखंड और जम्मू कश्मीर) की मतगणना शुरू होगी, तब आपको जवाब मिल जाएगा।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसका विरोध करते हुए कहा कि हमें विरोध करने का अधिकार है। हमारी बातों को कार्यवाही से नहीं निकाला जा सकता। इसी बीच, लोकपाल और लोकायुक्त व अन्य संबद्ध विधि (संशोधन) विधेयक चर्चा व पारित होने के लिए लिए गए। हालांकि विपक्षी सदस्यों का शोर शराबा जारी रहा।

इसी बीच, अध्यक्ष के आसन के पास नारेबाजी कर रहे राजद के राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने एक समाचारपत्र की प्रति को फाड़कर टेबल के पास हवा में उछाल दिया। इसके बाद उपाध्यक्ष एम थम्बीदुरई ने तीन बजकर पांच मिनट पर सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी। तीन बजकर 10 मिनट पर कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर स्थिति ज्यों की त्यों बनी रही।

उपाध्यक्ष थंबीदुरई ने राजेश रंजन द्वारा अखबार फाड़कर उछाले की घटना पर गहरी आपत्ति जताते हुए कहा कि जिस तरह से पप्पू यादव ने मेरे ऊपर कागज फेंका, उस पर मैं गहरी आपत्ति व्यक्त करता हूं। यह गलत है। आप अपनी बात रखें लेकिन मुझ पर कागज फेंके, यह ठीक नहीं है। यह अच्छी बात नहीं है कि आसन के प्रति असम्मान प्रदर्शित किया जाए।

इस पर यादव ने कहा कि उन्होंने उपाध्यक्ष के पर कागज नहीं फेंका और वे उनका सम्मान करते हैं लेकिन अगर उन्हें ऐसा लगा तो वे क्षमा मांगते हैं। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस पर उपाध्यक्ष से कहा कि आप वरिष्ठ नेता हैं। आपके पास काफी अनुभव है। हमारा आसन के प्रति असम्मान प्रदर्शित करने का कोई इरादा नहीं है। हमारी नाराजगी सरकार के प्रति है जो हमारी बात नहीं सुन रही है।

इस दौरान कांग्रेस, तृणमूल, वामदल सदस्यों का शोर शराबा जारी रहा। माकपा के ए संपत आसन के समीप आकर विपक्ष के नेता को नहीं बोलने देने के विषय को उठाने लगे। इस दौरान उनकी तबीयत खराब हो गई और सदन को 10 मिनट के लिए स्थगित कर दिया गया। सदन में एक डाक्टर को उनकी जांच करते देखा गया। केंद्रीय मंत्री डा. हर्षवर्द्धन, वेंकैया नायडू, जितेंद्र सिंह के अलावा ने एसएस आहलुवालिया समेत कई नेताओं को संपत का हालचाल पूछते देखा गया। कुछ देर बाद उन्हें सदन से बाहर ले जाया गया। साढे तीन बजे एक बार फिर आधे घंटे के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी गई।

 

 

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