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नाथूराम गोडसे के महिमामंडन पर क्यों चुप हैं नरेंद्र मोदी?

कुछ हिंदुत्ववादी संगठनों द्वारा नाथूराम गोडसे का महिमामंडन करने पर सख्त ऐतराज जताते हुए सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि चीजें आरएसएस की पटकथा के मुताबिक हो रही हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर मोदी सरकार की चुप्पी पर सवाल किया। सामाजिक कार्यकर्ता राम पुनीयानी ने महात्मा गांधी की पुण्य तिथि के मौके पर यहां संवाददाताओं […]
Author January 31, 2015 13:10 pm
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि चीजें आरएसएस की पटकथा के मुताबिक हो रही हैं।

कुछ हिंदुत्ववादी संगठनों द्वारा नाथूराम गोडसे का महिमामंडन करने पर सख्त ऐतराज जताते हुए सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि चीजें आरएसएस की पटकथा के मुताबिक हो रही हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर मोदी सरकार की चुप्पी पर सवाल किया।

सामाजिक कार्यकर्ता राम पुनीयानी ने महात्मा गांधी की पुण्य तिथि के मौके पर यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘गोडसे की इस खुलेआम सराहना और बहुलवाद पर हमले से मैं हैरान नहीं हूं और लेकिन ऐसा देखकर दुख होता है। चीजें आरएसएस की पटकथा के मुताबिक आगे बढ़ रही हैं। लेकिन यह खतरनाक यात्रा है।’’

गांधीवादी विचारों को बढ़ावा देने के लिए समर्पित संगठन बंबई सर्वोदय मंडल के संरक्षक ने गांधीवादी सिद्धांतों का विरोध करने वालों को मोदी सरकार के प्रोत्साहन पर सवाल उठाया।

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  1. I
    iqbal khan
    Feb 2, 2015 at 12:02 am
    बीजेपी जूठ बोलने म मास्टर डिग्री ली हे उसको हराओ इसमें देश की भलाई हे
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    1. J
      Jeengar Durga Shankar Gahlot
      Feb 1, 2015 at 2:09 am
      आखिर, यह 'नरेन्द्र मोदी' नाम का उत्पादन भी तो उन्हीं तत्वों का किया हुआ है, जिन्होंने 'नाथूराम गोडसे' का किया था. इसलिए 'नरेन्द्र मोदी' में यह साहस कहां से पैदा होगा कि- वे अपने पालन-पोषण करने वालों की राष्ट्रद्रोही-साजिशों के खिलाफ कुछ बोल सके. इन मक्कार-राष्ट्रवादियों को अपने अराजकतावादी और आतंकवादी लक्ष्य को पूरा करने के लिए एक निम्न-वर्गीय समुदाय के सदस्य की जरुरत थी जो 'नरेन्द्र मोदी' के रूप में पूरी हो चुकी है. जैसे, पहले दलित समुदाय के 'बंगारू लक्ष्मण' इनके मोहरे बने थे, आज 'मोदी' है.
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      1. A
        Asma
        Feb 2, 2015 at 1:22 pm
        क्या आपको नाथूराम गोडसे का इतिहास पता है की उन्होंने गांधीजी को क्यों मारा? क्या अपनी आँखों से गांधीजी की अंधभक्ति का चश्मा उतार कर कभी भी सच्चाई जानने की कोशिश की क्या आपने कभी भी निष्पक्ष होकर दोनों पहलुओं को विश्लेषित करने का प्रयास किया ? मुझे तो नहीं लगता ....... अगर आपको पता करना है की नाथूराम ने गांधीजी की हत्या क्यों की तो एक बार "मैंने गांधी को क्यों मारा " पढ़ लीजिये और फिर तर्क कीजिये..
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      2. S
        Sidheswar Misra
        Jan 31, 2015 at 4:40 pm
        मोदी जी आर एस एस के प्रचारक रहे है संघ कभी भी गांधी जी के विचारो से मत नहीं रहा | कोई भी अपने अभिभावक के विचार से दूर नहीं जा सकता | गांधी के शहादत दिवश पर भी मोदी जी ने कोई सन्देश नहीं दिया ,जो मोदी जी हर विषय पर कुछ न कुछ छपते रहे लेकिन अपने मन की भी बात करते रहते है लेकिन गांधी जी को अपने मन से दूर
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        सबरंग