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क्या बदलेगी भारत की तस्वीर, नरेंद्र मोदी ने कहा: हर बेघर को घर देना सरकार की जिम्मेदारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि हर एक बेघर परिवार को आवास की सुविधा उपलब्ध कराना सरकार का दायित्व है और इस जरूरत को पूरा करने के लिए आने वाले वर्षों में शहरों में दो करोड़ आवास बनाये जाएंगे।
Author June 25, 2015 17:37 pm
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि हर एक बेघर परिवार को आवास की सुविधा उपलब्ध कराना सरकार का दायित्व है और इस जरूरत को पूरा करने के लिए आने वाले वर्षों में शहरों में दो करोड़ आवास बनाये जाएंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि हर एक बेघर परिवार को आवास की सुविधा उपलब्ध कराना सरकार का दायित्व है और इस जरूरत को पूरा करने के लिए आने वाले वर्षों में शहरों में दो करोड़ आवास बनाये जाएंगे।

मोदी ने शहरी विकास मंत्रालय के स्मार्ट सिटी, अटल शहरी विकास परियोजना तथा 2022 तक सबके लिए आवास योजना की शुरुआत करते हुए कहा कि हर परिवार अपने मकान का सपना देखता है और इसके पूरा होते ही उसके जीवन में बदलाव शुरू हो जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश लोगों को केवल मकान देना नहीं है, बल्कि बेघर लोगों के जीवन में उमंग भरने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि शहरों में दो करोड़ आवास बनाये जाने हैं और यदि ऐसा नही हो पाया, तो जवाब उनसे मांगा जायेगा। यह देश का स्वभाव है। उन्होंने कहा कि इस स्वभाव के कारण किसी के कुछ बोलने के डर से वह काम करना बंद नहीं कर देंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र ने मोदी गुरुवार को शहरी भारत की तस्वीर बदलने के लिए तीन परियोजनाओं की शुरुआत की। ये तीनों ही योजनाएं शहरी भारत से जुड़ी हुई हैं। इनमें 100 स्मार्ट सिटी बनाने, 500 शहरों के लिए अटल शहरी पुनर्जीवन और परिवर्तन मिशन और 2022 तक शहरी इलाकों में सभी के लिए घर बनाने की योजना शामिल हैं। इन परियोजनाओं पर चार लाख करोड़ खर्च किए जायेंगे।

शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि इन योजनाओं को अमलीजामा पहनाने में राज्यों और स्थानीय निकायों का महत्वपूर्ण योगदान होगा। इसमें निजी क्षेत्र की भी काफी साझेदारी देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी तीन परियोजनाओं को लागू करने के लिए दिशा-निर्देश जारी करेंगे।

प्रधानमंत्री ने आवास मिशन का ‘लोगो’ भी जारी किया, जिसका डिजाइन तैयार करने में उन्होंने निजी तौर पर रुचि दिखाई है। इन परियोजनाओं के परिचालन दिशा-निर्देश, नियमों, लागू करने का ढांचा केंद्र द्वारा राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, स्थानीय शहरी निकायों के साथ पिछले एक वर्ष के दौरान की गयी चर्चा के आधार पर तैयार किया गया है।

शहरीकरण की आवश्यकता पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि करीब भारत की 40 फीसदी आबादी या तो शहरी केंद्रों में रहती है या आजीविका के लिए इन पर निर्भर रहती है। आज हम इसी संबंध में विचार-विमर्श करने के लिए जमा हुए हैं कि इनलोगों के जीवन-स्तर में कैसे सुधार लाना है। उन्होंने कहा कि हम अपने देश के गरीब लोगों को नसीब पर नहीं छोड़ सकते हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि हर शहरी गरीब को इस लायक बनाया जाएगा कि उनके पास अपना घर होगा। उन्होंने कहा कि हर कोई अपना घर लेने का सपना देखता है। और यह सपना सिर्फ एक छत और चारदीवारों तक ही सीमित नहीं रहता है। एक बार जब गरीब का खुद का घर हो जाता है तो फिर उसके इरादे बदलते हैं, सपने संजोते हैं। फिर और भी चीजों को अपनाने की दिशा में वे आगे बढ़ते हैं।

मोदी ने कहा कि शहरीकरण पर 25-30 साल पहले भी काम हो सकता था। शहरीकरण को एक अवसर के रूप में अगर काम किया गया होता तो आज स्थिति कुछ और होती। उन्होंने यह भी कहा कि पुराने अनुभवों के आधार पर निराश होकर बैठने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि हम सही रास्ते पर हैं और किसी तरह की कानूनी या आर्थिक समस्या पेश आई तो उसे हल कर लिया जाएगा।

स्मार्ट सिटी और एएमआरयूटी परियोजनाओं पर क्रमश: 48 हजार करोड़ एवं 50 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे जो पांच वर्षों में केंद्रीय अनुदान के रूप में होंगे। 2022 तक सभी के आवास पर अगले सात वर्षों में 3 लाख करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। आवास योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्गो एवं लो इनकम ग्रुप के लोगों को 15 वर्षों की अवधि में 6.5 प्रतिशत की ब्याज सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इस हिसाब से इस योजना का लाभ उठाने वाले हर आदमी को 2.3 लाख रुपये का फायदा होगा।

 

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