May 27, 2017

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सर्जिकल स्‍ट्राइक का तो समर्थन, पर इसके ”प्रचार” को लेकर अब घिरने लगी मोदी सरकार!

पूर्व गृह मंत्री पी चिंदबरम ने एक अखबार को दिए इंटरव्यू में कहा है कि भारत ने 2013 में एक बहुत बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (पीटीआई फाइल फोटो)

उरी हमले के बाद पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक करके कई आंतकियों को मार गिराने के लिए काफी तारीफ बटोर चुकी नरेंद्र मोदी सरकार अब आलोचनाओं में घिरती नजर आ रही है। 17 सितंबर को हुए उरी हमले में 19 भारतीय जवान मारे गए थे। मोदी सरकार पर सर्जिकल स्ट्राइक का “प्रचार” करके सियासी लाभ लेने की कोशिश करने का आरोप लगाया जा रहा है। पूर्व गृह मंत्री पी चिंदबरम और कांग्रेसी नेता संदीप दीक्षित ने सार्वजनिक तौर पर कहा है कि भारत पहले भी ऐसी सर्जिकल स्ट्राइक करता रहा है लेकिन कूटनीतिक चिंताओं के चलते इसका “प्रचार” नहीं किया जाता था। सेना के कुछ पूर्व अधिकारियों और कुछ सुरक्षा विशेषज्ञों ने भी मोदी सरकार के सर्जिकल स्ट्राइक के “प्रचार” पर सवाल उठाया है।  भारतीय सेना के अनुसार 28-29 सितंबर की रात को उसके पैरा फोर्सेज के कमाडों ने इस सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था।

वीडियो- पाकिस्तान को किस तरह चुकानी होगी आतंकी हमले की कीमत:

पी चिंदबरम ने एक अखबार को दिए इंटरव्यू में कहा कि भारत ने 2013 में एक बहुत बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की थी। चिदंबरम ने बताया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने रणनीतिक गतिरोधों को ध्यान में रखते हुए इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं करने का फैसला किया था। चिदंबरम ने सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर किसी भी तरह का अपरिपक्व फैसला लेने से बचने की भी सलाह दी।

कांग्रेसी नेता संदीप दीक्षित ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनके पूर्व मंत्रियों को लिखे एक खुले पत्र में भी ऐसे ही सवाल उठाए हैं। दीक्षित ने अपने पत्र में संकेत किया है कि कांग्रेस सरकार के 10 साल के शासन में भारत ने कई सर्जिकल स्ट्राइक की लेकिन उन्होंने उनका ऐसा प्रचार नहीं किया है। दीक्षित ने लिखा है, “आपके प्रधानमंत्री काल में भी कई मौकों पर ऐसी कार्रवाई की बातें मैंने सुनी थीं। 2007, 2009, मुंबई हमले के बाद, 2011 में, जनवरी 2013 और 2014 की शुरुआत में और कई बार।”

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भारतीय सेना के कई पूर्व अधिकारियों ने भी कहा है कि सेना द्वारा सीमा नियंत्रण रेखा के पार जाकर सर्जिकल स्ट्राइक करना नई बात नहीं है। भारतीय वायु सेना के पूर्व एयर वाइस मार्शल मनमोहन बहादुर ने एक लेख में जुलाई 10981 में भारतीय सेना द्वारा किए गए सर्जिकल स्ट्राइक का विस्तृत ब्योरा दिया है। रणीनीतिक मामलों के कई जानकारों ने भी सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर ऐसे ही सवाल उठाए हैं। टिप्पणीकार प्रताप भानू मेहता ने अपने हालिया लेख में लिखा है, “ऐसा ऑपरेशन पहली बार नहीं हुआ है। लेकिन भारत की नीयत और निश्चय दर्शान के लिए ऑपरेशन का इस्तेमाल नया है।”

सोशल मीडिया पर भी कुछ लोग नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक का “इस्तेमाल” करने को लेकर तंज कस रहे हैं। जॉय नामक यूज़र ने लिखा है, “पुराने सुनहरे दिन जब सर्जिकल स्ट्राइक के बाद कभी पीआर कैंपेन नहीं होते थे। बहादुर जवानों ने अपना काम किया। सरकार ने तब इसका श्रेय नहीं लूटा।”

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वीडियो- जानिए भारत के लिए सर्जिकल स्ट्राइक क्यों महत्वपूर्ण है– 

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First Published on October 3, 2016 4:03 pm

  1. I
    Indian
    Oct 3, 2016 at 1:35 pm
    There is nothing wrongdoing in publicizing surgical strikes at least the countrymen should know how much we respect our martyred soldiers....and how much their lives means to us.....
    Reply
    1. A
      Abhay Krishna
      Oct 3, 2016 at 5:26 pm
      मोदी के पास जुो का अकाल पद गया है इसलिए भारतीय फ़ौज को ही लपेटे में ले लिया.बिना इसबात को सोचे की इसका अंजाम क्या होगा?
      Reply
      1. K
        kiss the
        Oct 4, 2016 at 3:49 am
        UN k bayan ka abhi tak koi jawab nhi diya a h.Agar Kaam kiya h to wah wahi lootne me koi buraai nhi h jaisa ki modi govt ki buniyaad hi raam naam na Paraya Kaam Apna ki tarj pe rahi h.Jo kiya H(2002) Uska Credit lene se piche hat ti h
        Reply
        1. K
          ks
          Oct 3, 2016 at 2:02 pm
          kewal jansatta jese newspaper hi gher rahe ha varna desh me sabhi theek feel kar rahe ha
          Reply
          1. D
            DHANRAJ C.
            Oct 4, 2016 at 9:23 am
            ompuri or congress dono ki maansikta ek jaisi hi hai | sathiyaayi huyi
            Reply
            1. D
              DHANRAJ C.
              Oct 4, 2016 at 9:23 am
              ompuri or congress dono ki maansikta ek jaisi hi hai | sathiyaayi huyi
              Reply
              1. D
                DHANRAJ C.
                Oct 4, 2016 at 9:21 am
                ये घटिया कांग्रेसी सर्जीकल स्ट्राइक की बात सोच भी नही सकते | यु ही अपने मुह मिया मिट्ठू बन रहे है | देशभक्ति क्या होती है ये आज के घटिया कांग्रेसी जानते तक नहीं |
                Reply
                1. P
                  Pardeep Punia
                  Oct 3, 2016 at 3:36 pm
                  जब किसी को कुच्छ नया मिलता है तो वह सबको दिखता फिरता है , वह नहीं जनता की इसके फायदे और नुकशान क्या होंगे .....जो की वर्तमान सरकार कर रही है . इन्होंने जो किया वो कांग्रेस ने कभी सोचा भी नहीं होगा . सर्जिकल स्ट्राइक ...हम भूल गए १९४८ , १९६२ , १९६५ , १९७१ और १९८७ को . मेरे दोस्त कारगिल को भी शायद याद नहीं रखते यदि कांग्रेस ने किया होता . आज टेलिविशन पैर बहस होती है ...अर्णव गोस्वामी और अन्य फायर ब्रांड एंकर फाइट करते हैं भारत की तरफ से .सब टी आर पि का खेल .
                  Reply
                  1. D
                    DHANRAJ C.
                    Oct 4, 2016 at 9:25 am
                    ओमपुरी और कांग्रेस दोनों की मानसिकता एक जैसी ही है | सठियाई हुयी
                    Reply
                  2. s
                    s,s,sharma
                    Oct 4, 2016 at 10:55 am
                    It is very difficult to tolerate a politician like MODI.He can go to any extant to promote himself and his party.MODI should feel ashamed of himself, if whatoppositionis saying fraction of it is true.
                    Reply
                    1. A
                      a
                      Oct 4, 2016 at 1:38 pm
                      गनमरे गान से बोलता है क्या या सब को मा,मू बना रहा है ,लगता जरूर khangressi या केजरुदीन की गान का कीड़ा होगा , सब लोग टीवी देखते है और इन्टरनेट भी
                      Reply
                    2. V
                      vicki Sharma
                      Oct 6, 2016 at 3:57 am
                      अर्णब, धनराज कि दोनों ही इस देश के लिए शर्म हैं.
                      Reply
                      1. V
                        vicki Sharma
                        Oct 6, 2016 at 3:53 am
                        यह "खान्ग्रेसी" क्या है रे बाइक हुए संघी बन्धुए मज़दूर?
                        Reply
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