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अशोक सिंघल को जन्मदिन पर ‘राममंदिर’ का तोहफा दें नरेंद्र मोदी: डालमिया

विश्व हिन्दू परिषद के एक वरिष्ठ नेता ने मांग की कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को प्रमुख हिन्दुत्व नेता अशोक सिंघल के 90वें जन्मदिन पर अयोध्या में राम मंदिर का ‘‘तोहफा’’ देना चाहिए..
Author नई दिल्ली | October 2, 2015 14:50 pm
अशोक सिंघल ने उस राम जन्मभूमि आंदोलन में एक प्रमुख भूमिका निभायी थी जिसके बाद हिन्दू कार्यकर्ताओं द्वारा 1992 में बाबरी मस्जिद को ढहाया गया। (पीटीआई फोटो)

विश्व हिन्दू परिषद के एक वरिष्ठ नेता ने मांग की कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को प्रमुख हिन्दुत्व नेता अशोक सिंघल के 90वें जन्मदिन पर अयोध्या में राम मंदिर का ‘‘तोहफा’’ देना चाहिए।

विहिप के पूर्व अध्यक्ष विष्णुहरि डालमिया ने जब यह मांग की, उस समय आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत एवं गृह मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई केन्द्रीय मंत्री मौजूद थे। उन्होंने विहिप संरक्षक सिंघल के जीवन पर लिखी एक पुस्तक को गुरुवार को जारी किए जाने के अवसर पर यह बात कही।

सिंघल ने उस राम जन्मभूमि आंदोलन में एक प्रमुख भूमिका निभायी थी जिसके बाद हिन्दू कार्यकर्ताओं द्वारा 1992 में बाबरी मस्जिद को ढहाया गया। दक्षिणपंथी संगठनों की विवादित स्थल पर राममंदिर के निर्माण की पुरानी मांग रही है।

भाजपा ने भी राममंदिर निर्माण का समर्थन किया था लेकिन यह भी दावा किया था कि वह संविधान के दायरे के भीतर सारी संभावनाओं को तलाश करने के बाद ऐसा करेगी। यह मामला उच्चतम न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है।

डालमिया ने आरएसएस एवं विहिप कार्यकर्ताओं के बीच कहा, ‘‘जन्मदिन पर लोगों को तोहफा देने की परंपरा है। मैं प्रधानमंत्री मोदी से कहूंगा कि उन्हें (सिंघल को) मंदिर दें। राजनाथजी यहां हैं अ‍ैर वह मोदी को इस बारे में अवगत करा देंगे।’’

बहरहाल, भागवत, सिंह एवं सिंघल सहित अन्य सभी वक्ताओं ने इस विवादास्पद मुद्दे का कोई उल्लेख नहीं किया। सिंह ने कहा, ‘‘यह प्राचीन मान्यता है कि हिन्दुत्व एक जीवन पद्धति है तथा एक मानवीय धर्म है। अशोक सिंघल इस पर गहरी आस्था रखते हैं। वह एक संस्था बन गये हैं।’’ साथ ही उन्होंने यह भी ध्यान दिलाया कि यद्यपि कई लोग सिंघल के मत से सहमत नहीं हैं।

भागवत ने कहा कि सिंघल ने देश एवं हिन्दू धर्म के लिए अपना जीवन लगा दिया। आरएसएस प्रमुख ने कहा कि सिंघल की मुद्दों पर अपनी राय थी लेकिन उन्होंने सदैव संगठनात्मक अनुशासन को प्राथमिकता दी। इस अवसर पर मौजूद लोगों में केन्द्रीय मंत्री हर्षवर्धन, महेश शर्मा एवं साध्वी निरंजन ज्योति भी शामिल थे।

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