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अफजल गुरु की फांसी का बदला था नगरोटा में हुआ हमला, आतंकियों के पास मिले उर्दू में लिखे पोस्‍टर्स

मुठभेड़ वाली जगह से उर्दू में लिखे कुछ पोस्‍टर्स भी बरामद किए गए हैं जिनपर लिखा है, ''अफजल गुरु शहीद के इंतकाम की एक और किश्‍त''।
जम्‍मू-श्रीनगर नेशनल हाइवे पर पैट्रोल करते सेना के जवान। (Photo: PTI)

भारतीय सुरक्षा बलों ने मंगलवार को जम्‍मू-कश्‍मीर के नगरोटा स्थित आर्मी यूनिट पर हमला करने वाले तीन हथियारबंद आतंकियों को मुठभेड़ में मार गिराया। सूत्रों के अनुसार, ये आंतकी पाकिस्‍तान से हाल ही में भारतीय क्षेत्र में घुसने वाले समूह का हिस्‍सा लगते हैं। हालांकि अभी तक सेना ने इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, मगर सूत्रों ने कहा कि इसका इशारा इस बात से मिलता है कि आतंकियों से बरामद किया गया ज्‍यादा सामान पाकिस्‍तान में बना है। हथियारों, गोला-बारूद और विस्‍फोटकों से इतर खाने की चीजों और दवाइयों भी पाकिस्‍तान की हैं। सेना की बम डिस्‍पोजल यूनिट मुठभेड़ वाली जगह के निकट खोजबीन कर रही है। सूत्रों ने कहा कि अभी तक बरामद हुई वस्‍तुओं में हथियारों के अलावा पाकिस्‍तान में बने बिस्‍कुट, दवाइयां और बैंडेज, सेंट की बोतलें, रस्‍सी, तार काटने की मशीन मिली है । इसके अलावा बनियानें, मोबाइल फोन और पॉलिथीन शीट्स भी पाकिस्‍तान निर्मित बरामद हुई हैं। मुठभेड़ वाली जगह से उर्दू में लिखे कुछ पोस्‍टर्स भी बरामद किए गए हैं जिनपर लिखा है, ”अफजल गुरु शहीद के इंतकाम की एक और किश्‍त”।

आतंकी भारतीय सीमा में कैसे घुसे, इस बारे में अभी तक स्थिति स्‍पष्‍ ट नहीं है। सिर्फ यही पता है कि आतंकी ऊधमपुर के बैन टोल प्‍लाजा की तरफ से आए थे। सैन्‍य अफसरों ने कहा है उनकी पहली प्राथमिकता पूरे इलाके को मुक्‍त करना है, वे कैसे और कहां से आए, यह बाद में भी किया जा सकता है।

166 मीडियम रेजिमेंट यूनिट परिसर में पुलिस की वर्दी में घुसे आतंकियों ने ग्रेनेड फेंके, जिसमें दो अफसरों समेत 7 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। एक अफसर और तीन जवानों की मौत आतंकियों से शुरुआती गोलीबारी में हुई। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्‍ता लेफ्ट‍िनेंट कर्नल मनीष मेहता ने कहा कि एक अन्‍य अफसर और दो जवाब यूनिट में होस्‍टेज जैसे हालात को दूर करते वक्‍त शहीद हुए। आतंकियों ने रेजिडेंशियल क्वार्टर में भी घुसने की कोशिश की थी। अगर वे अपने मंसूबों में कामयाब हो जाते तो कई लोग बंधक बनते और हालात बिगड़ जाते।

क्वार्टर में रात को दो महिलाएं अपनी नाइट ड्यूटी पर तैनात थीं। महिलाओं ने हमले की जानकारी मिलते ही क्वार्टर को सुरक्षित करने का काम करते हुए मेन गेट को अपने घरों के सामान से ही ब्लॉक कर दिया जिसने आतंकियों का रास्ता रोक दिया और एक बड़ी होस्टेज सिचुएशन बनने से टल गई।

वीडियो: खुफिया एजेंसियों ने 10 दिन पहले दी थी नगरोटा हमले की चेतावनी; कैम्पस की खराब सुरक्षा पर भी उठे सवाल

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