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भारत के नए तेवर से खौफ: पर्रीकर

Myanmar operation को ‘बदली सोच’ का परिचायक करार देते हुए रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने आज पाकिस्तान पर चुटकी ली और कहा कि जो लोग भारत के नये रूख से भयभीत हैं, उन्होंने प्रतिक्रिया व्यक्त करनी शुरू कर दी है।
Author June 12, 2015 09:21 am
सोच को बदल दिया अगर सोच के तरीके में बदलाव आता है, तब कई चीजें बदल जाती हैं। आपने पिछले 2-3 दिनों में ऐसा देखा। उग्रवादियों के खिलाफ एक सामान्य कार्रवाई ने देश में संपूर्ण सुरक्षा परिदृश्य के बारे में सोच को बदल दिया। – मनोहर पर्रीकर, रक्षा मंत्री

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रीकर ने म्यांमा सैन्य अभियान को बदले सोच का परिचायक करार देते हुए पाकिस्तान पर चुटकी लेते हुए कहा है कि जो लोग भारत के नए रुख से भयभीत हैं, उन्होंने प्रतिक्रिया व्यक्त करनी शुरू कर दी है।

गुरुवार को एक सेमिनार को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अगर सोच के तरीके में बदलाव आता है, तब कई चीजें बदल जाती हैं। आपने पिछले 2-3 दिनों में ऐसा देखा। उग्रवादियों के खिलाफ एक सामान्य कार्रवाई ने देश में संपूर्ण सुरक्षा परिदृश्य के बारे में सोच को बदल दिया। रक्षा खरीद प्रक्रिया के सरलीकरण की जरूरत पर अपने विचार व्यक्त करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि इस बारे में सोच में बदलाव की जरूरत है।

अभियान का ब्योरा देने से इनकार करते हुए पर्रीकर ने कहा कि जो लोग भारत के नए रुख से भयभीत है, उन्होंने प्रतिक्रिया व्यक्त करनी शुरू कर दी है। रक्षा मंत्री ने सैन्य कार्रवाई के संबंध में मीडिया के प्रश्नों का उत्तर देने से मना कर दिया। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान के गृह मंत्री निसार अली खान ने बुधवार को कहा था कि पाकिस्तान म्यांमा की तरह नहीं है। साथ ही उन्होंने भारत को चेतावनी दी थी कि उनका देश सीमापार से धमकी के आगे नहीं झुकेगा।

खान का बयान सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ की उस टिप्पणी पर आया था जिसमें उन्होंने कहा था कि मणिपुर में 18 सैनिकों को मारने वाले विद्रोहियों के खिलाफ म्यांमा में सैन्य कार्रवाई अन्य देशों को संदेश है। राठौड़ की टिप्पणी की व्याख्या पाकिस्तान को चेतावनी के रूप में की गई।

इस बीच कांग्रेस ने म्यांमा में उग्रवादियों के खिलाफ सेना की कार्रवाई पर ‘शेखी बघारने और अंधराष्ट्रवाद’ से भरे बयान देने के लिए केंद्रीय मंत्रियों को आड़े हाथों लिया और प्रधानमंत्री मोदी से उन्हें सलाह और परामर्श देने को कहा। कांग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा ने कहा, संयम और परिपक्वता होनी चाहिए ।

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कट्टर राष्ट्रवाद और डींग हांकने वाले दावों से भारत के विशेष बल के अभियान को मदद नहीं मिलने वाली है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रक्षा मंत्री को ‘गैर जिम्मेदाराना’ बयान देने की आदत है ।

शर्मा ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार को भी संयम के साथ काम करने और बोलने की सलाह दी और कहा कि उनके काम करने के तौर-तरीके ने औचित्य के गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, मैं प्रधानमंत्री से उन्हें सलाह और परामर्श देने का अनुरोध करूंगा। शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री को नेपाल के अनुभव से सबक लेना चाहिए जब राहत कार्यों के अत्यधिक प्रचार के कारण हमें शर्मिंदा होना पड़ा।

श्रीनगर से मिली खबर के अनुसार , जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने म्यांमा की सीमा में सैन्य अभियान संबंधी बयानों को ‘शानदार सेल्फ गोल’ करार देते हुए कहा है कि म्यांमा द्वारा उसकी सरजमीं पर इस अभियान को अंजाम दिए जाने की बात नकारने से इन बयानों का उल्टा असर पड़ा है।

 

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कुछ केंद्रीय मंत्रियों के बयानों को कांग्रेस द्वारा ‘शेखी बघारने वाले और अंधराष्ट्रवादी’ बताए जाने पर पलटवार करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने कहा, लोकसभा चुनाव हारने के बाद से कांग्रेस निराशा की स्थिति में है। वह नकारात्मक विचारों से ग्रस्त हो गई है और हर चीज की बस आलोचना ही कर रही है।

उसे वास्तविकता को स्वीकार करना चाहिए और पाकिस्तान की भाषा नहीं बोलनी चाहिए। उन्होंने कहा, इस आचरण के बजाय कांग्रेस को अब रचनात्मक भूमिका निभाना शुरू करके राष्ट्रहित और देश की सुरक्षा के पक्ष में बात करनी चाहिए।

शर्मा ने कहा, म्यांमा मामले में सरकार की आलोचना करने के बजाय कांग्रेस को व्रिदोहियों को मार गिराने के लिए सैन्य बलों को बधाई देनी चाहिए थी और आतंकवाद से लड़ने की सरकार की इच्छा की सराहना करनी चाहिए थी।

 

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