ताज़ा खबर
 

बल्लभगढ़ दंगा: तबाह हुए परिवारों ने की अटाली में ‘घर वापसी’

बल्लभगढ़ जिले के अटाली गांव में बुधवार शाम सात बजे के लगभग एक दबा हुआ सन्नाटा पसरा हुआ था। सांप्रदायिक हिंसा के बाद यहां से भागे 150 मुसलिम परिवारों का पहला जत्था गांव लौटा था। थोड़ी-थोड़ी देर पर यह सन्नाटा उन लोगों के रोने-बिलखने की आवाजों से टूट रहा था जो अपने घर के मलबे के पास से होकर गुजर रहे थे।
बल्लभगढ़ के अटाली में सुरक्षाकर्मियों के बीच गांव लौटते अल्पसंख्यक समुदाय के लोग। (फोटो: ताशी तोबग्याल)

बल्लभगढ़ जिले के अटाली गांव में बुधवार शाम सात बजे के लगभग एक दबा हुआ सन्नाटा पसरा हुआ था। सांप्रदायिक हिंसा के बाद यहां से भागे 150 मुसलिम परिवारों का पहला जत्था गांव लौटा था। थोड़ी-थोड़ी देर पर यह सन्नाटा उन लोगों के रोने-बिलखने की आवाजों से टूट रहा था जो अपने घर के मलबे के पास से होकर गुजर रहे थे।

पच्चीस मई की हिंसा में घायल हुए व्यक्ति की पत्नी नूर ने कहा-हिंसा के बाद पहले सिर्फ मर्द लोग आए थे और गांव का हाल देखा था। उन्होंने हमसे कहा था कि हालात ठीक नहीं हैं। लेकिन यहां का नजारा तो भरोसा करने लायक ही नहीं है। हमारा सब कुछ तबाह हो चुका है। खाना, कपड़े यहां तक कि हमारे फर्नीचर तक नष्ट किए जा चुके हैं।

गांव लौटे कुछ लोगों के हाथों में उन मामूली सामानों की गठरियां थीं जो वे भागते वक्त अपने साथ ले गए थे। और कुछ लोगों के हाथ में केले, पानी के साथ कुछ और सामान थे। इन्हें नहीं मालूम था कि गांव में इन्हें क्या मिलेगा। गांव से भागे हुए इन लोगों ने इसके पहले बल्लभगढ़ के पुलिस स्टेशन में पनाह ली थी। एक मस्जिद के निर्माण को लेकर हुए सांप्रदायिक झगड़े के बाद यहां तनाव फैल गया था। आरोप है कि जाट समुदाय के लोगों ने 15 मुसलिमों को घायल कर दिया था और 20 घरों को जला दिया था।

बुधवार को जब पीड़ितों को लेकर पहली बस पहुंची तो मुसलिमों के घरों वाले इलाके की घेरेबंदी कर दी गई थी। रैपिड एक्शन फोर्स के जवान से घिरे इलाके में लोग टूटे दरवाजे से अपने घरों में घुसे और नुकसान का जायजा लिया।

हालांकि इस दौरान जाट समुदाय के लोग अपने घरों में ही रहे लेकिन उन्होंने इस बात के संकेत दिए कि मस्जिद का मुद्दा आगे भी तनाव का कारण बन सकता है। ग्रामीण शेर सिंह ने कहा-हम झगड़ा नहीं चाहते। यह एक गलती थी और इसके कारण हमारे गांव को शर्मिंदा होना पड़ा। लेकिन मस्जिद का मामला आगे भी तनाव ला सकता है। दोनों समुदायों को सावधानी से आगे बढ़ना होगा।

इसके बाद उन छह लोगों के समूह ने मस्जिद में प्रवेश किया जिन पर सांप्रदायिक झगड़े के दौरान हमला किया गया था। धार्मिक ढांचे को हुए नुकसान का जायजा लेने के बाद फिरोज अली ने कहा-उम्मीद है कि हमें मस्जिद के दीवार के फिर से निर्माण करने की इजाजत मिलेगी। रमजान के वक्त इस इलाके को साफ कर लिया जाएगा।

बुधवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के निर्देश पर जिला प्रशासन के आला अधिकारियों ने केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर, हरियाणा के शिक्षा मंत्री रामविलास शर्मा, पीडब्लूडी मंत्री राव नरवीर सिंह की अगुआई में पुलिस आयुक्त सुभाष यादव, जिला उपायुक्त अमित अग्रवाल, बल्लभगढ़ की एसडीएम डाक्टर प्रियंका सोनी ने दोनों पक्षों में समझौता करवाया। हालांकि प्रशासनिक अधिकारी और मंत्री पत्रकारों के सवालों का जवाब देने से बचते रहे। समझौते के बाद शाम पांच बजे अल्पसंख्यक समुदाय के पीड़ित लोगों को पुलिस सुरक्षा में गांव भेज दिया गया।

बल्लभगढ़ थाने में पिछले दस दिन से अटाली गांव की महिलाएं बच्चे और बुजुर्ग पुलिस संरक्षण में पनाह लिए हुए थे। पुलिस इन्हें 25 मई की रात गांव से बसों में भरकर यहां लाई थी। लगातार आरोप-प्रत्यारोप और बीच-बचाव के बाद बुधवार की बैठक में अटाली गांव के पीड़ित पक्ष की तरफ से पंचायत सदस्य शाकिर, इशाक नंबरदार, अब्दुल गफार कुरैशी और गांव के सरपंच राजेश, प्रह्लाद, लीलू, ब्रह्म सिंह ने आश्वासन दिया कि दोनों पक्ष आपस में भाईचारे से रहेंगे।

प्रशासन ने पीड़ित पक्ष को भरोसा दिया कि जिन 19 परिवारों के घरों को नुकसान हुआ है, उन्हें मुआवजा दिया जाएगा। साफ कहा गया कि पीड़ित पक्ष हमलावरों के खिलाफ कुछ नहीं बोलेगा और यह मसला पुलिस पर छोड़ दिया है कि वे इनके खिलाफ कार्रवाई करें या नहीं करें। हादसे के बाद करीब 150 परिवार बल्लभगढ़ थाने में पनाह लिए हुए थे।

पीड़ित पक्ष के आंसू पोछने बुधवार को हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर, कांग्रेस अल्पसंख्यक सेल के चैयरमैन खुर्शीद अहमद, हरियाणा के पूर्व मंत्री अफताब अहमद और अब्दुल कुरैशी, सतबीर डागर समेत कई नेता बल्लभगढ़ थाने पहुंचे। अखिल भारतीय किसान महासभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और हरियाणा सीपीआइ (एमएल) के प्रभारी प्रेम सिंह गहलावत ने भी लोगों की दास्तान सुनी।

इन सभी नेताओं ने मौजूदा मनोहर लाल खट्टर सरकार की कार्यप्रणाली पर उंगुली उठाते हुए प्रशासनिक तौर पर सरकार को पूरी तरह से नाकाम बताया। सूत्रों के मुताबिक जब इस विवाद से सीधे मनोहर लाल खट्टर और उनकी टीम को जोड़ा जाने लगा तो मुख्यमंत्री कार्यालय सक्रिय हुआ।

मुख्यमंत्री ने फरीदाबाद के पुलिस आयुक्त और जिला उपायुक्त से सीधी बात कर सख्त हिदायत दी कि मसले का हल प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। मुख्यमंत्री ने हरियाणा के शिक्षामंत्री रामविलास शर्मा को पीडब्लूडी मंत्री राव नरवीर सिंह के साथ फरीदाबाद भेजा। स्थानीय सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर भी समझौते में मौजूद रहे। समझौते के बाद पीड़ित प्रशासन की ओर से मुहैया कराई बसों से अटाली गांव लौट गए।

समझौते में किन-किन बातों पर समहति बनी अभी यह सामने नहीं आया है। लेकिन रामविलास शर्मा और कृष्णपाल गुर्जर के मुताबिक धार्मिक स्थल की टूटी दिवार का निर्माण करवा दिया जाएगा। निर्माणाधाीन मस्जिद जस की तस रहेगी। पुलिस गांव में पूर्ण शांति होने तक बनी रहेगी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.