January 20, 2017

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ट्रिपल तलाक: पर्सनल लॉ बोर्ड के खिलाफ हुई मुस्लिम महिलाएं, बोलीं- शरियत की याद महिलाओं की आजादी के वक्त ही क्यों आती है ?

ट्रिपल तलाक और बहुविवाह के मुद्दे पर मुस्लिम महिला फाउंडेशन नाम का संगठन ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के खिलाफ खड़ा हो गया है।

इस तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है।

ट्रिपल तलाक और बहुविवाह के मुद्दे पर मुस्लिम महिला फाउंडेशन नाम का संगठन ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के खिलाफ खड़ा हो गया है। ट्रिपल तलाक पर सरकार का विरोध कर रही AIMPLB को आड़े हाथों लेते हुए मुस्लिम महिला फाउंडेशन की अध्यक्ष नाजनीन अंसारी ने कहा, ‘शरियत की याद महिलाओं की आजादी की बात के वक्त ही क्यों आती है, ये मौलवी रेप और बाकी गलत काम करने वाले पुरुषों के खिलाफ शरियत की बात क्यों नहीं करते ?’

दूसरी तरफ भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन की जाकिया सोमन ने कहा कि विधि आयोग ने उन्हें महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार के खिलाफ लड़ने का मौका दिया है। इसलिए वह महिलाओं से गुजारिश कर रही हैं कि बांटे जा रहे प्रश्नपत्र को जरूर भरें। उस प्रश्नपत्र में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड में बदलाव पर राय मांगी गई है। जाकिया का दावा है कि वह लगभग 50,000 महिलाओं से फॉर्म भरवाएंगी। जाकिया सोमन ने बताया कि उनका संगठन 15 राज्यों में फैला हुआ है। प्रश्न पत्र भरवाने के लिए वह सबकी मदद लेंगी।

वीडियो: Speed News

इसी तरह भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन की सह-संस्थापक नूरजहीन साफिया नाज ने AIMPLB पर विधि आयोग के प्रश्नपत्र का ‘राजनीतिकरण’ करने का आरोप लगाया। मुंबई की रहने वाली नाज ने कहा, ‘बोर्ड पर्सनल लॉ को पितृसत्ता को बनाए रखने के इस्तेमाल करना चाहता है। वे लोग इसे आंतरिक धार्मिक युद्ध बताकर सांप्रदायिक कर देते हैं। ‘

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First Published on October 15, 2016 1:43 pm

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