April 29, 2017

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लाउडस्पीकर से दी गई अजान को गैरइस्लामिक मानता है यह मुसलमान शख्स, 20 साल से लड़ रहा लड़ाई और बंद करा दिए 7 भोंपू

मुंबई का रहने वाला एक मुसलमान शख्स ऐसा भी हैं जो लाउडस्पीकर के खिलाफ लंबी कानूनी लड़ाई लड़ रहा है।

Author नई दिल्ली | April 21, 2017 08:16 am
मुंबई के रहने वाले मोहम्मद अली उर्फ बाबूभाई (PC-NDTV)

सोनू निगम के सोशल मीडिया पर किए गए ट्विट के बाद पूरे देश भर के मुसलमान जहां एक ओर उनके खिलाफ नजर आ रहे हैं। यहां तक कि एक मौलवी ने तो उनके खिलाफ फतवा तक जारी कर दिया था। लेकिन वहीं दूसरी ओर मुंबई का रहने वाला एक मुसलमान शख्स ऐसा भी हैं जो लाउडस्पीकर के खिलाफ लंबी कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। जी हां, एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में मुंबई के रहने वाले मोहम्मद अली उर्फ बाबूभाई ने बताया कि लाउडस्पीकर के खिलाफ 20 साल से कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।  आपको बता दें कि बाबूबाई की उम्र 66 साल है, जो कि एक नवाजी मुसलमान हैं। बाबूभाई का कहना है कि लाउडस्पीकर से दी गई अजान गैरस्लामिक है। उन्होंने कहा कि लाउडस्पीकर 100 साल से आया है, जबकि इस्लाम धर्म 1400 साल पुराना है जो कि मुकम्मल है।

बाबूभाई लाउडस्पीकर का खुलकर विरोध करते हैं। उन्होंने लाउडस्पीकर दी गई अजाम को बंद कराने के लिए हाईकोर्ट में पिटीशन भी दायर की थी, लेकिन उनके पास कम पैसे थे, लिहाजा इस वजह से उन्होंने इस मामले पर खुद ही पैरवी की। बकौल बाबूभाई लाउडस्पीकर का प्रयोग किया जाना धर्म का हिस्सा नहीं है और न ही इसे हटाने से धर्म पर किसी तरह का खतरा है। उन्होंने कहा कि धर्म लगड़ा नहीं है, जिसे बैसाखी देकर ताकतवर बनाया जाए। बाबू ने इस लड़ाई को जारी रखने के लिए धर्मग्रंथ के साथ मौलवियों के 64 फतवे भी खोज निकाले हैं। उन्होंने बताया कि उनकी लड़ाई धर्म के खिलाफ नहीं बल्कि धर्म के नाम पर डेली रुटीन में जोड़ी गई अतिरिक्त और गैरजरूरी बातों के खिलाफ है। धर्म पहले से ही बेहद मजबूत है, जिसकी बुनियाद को किसी लाउडस्पीकर की जरूरत नहीं है।

बाबूभाई ने अपनी बात रखने के लिए किसी सोशल मीडिया का सहारा न लेकर कानून पर भरोसा रखकर इसे आगे जारी रखा है। लिहाजा अब वे इस लड़ाई में जीत गए हैं, इसलिए ये फैसला भी देश में लागू हो चुका है।धर्मस्थलों पर बजते लाउडस्पीकर को लेकर सुनवाई के दौरान मुंबई हाईकोर्ट ने अगर्स 2016 में फैसला भी सुनाया था कि कहीं भी लाउडस्पीकर का इस्तेमाल रात दस से सुबह 6 के बीच करने वालों पर एक लाख रुपए तक का जुर्माना और पांच साल तक की जेल होगी। लेकिन वाबजूद इसके पूरे देश के धार्मिक स्थलों पर लाउड स्पीकर चलता है।

उन्होंने कुरान के हवाले से मुंबई के बेहराम पाड़ा और भारत नगर जैसे मुस्लिम बहुल इलाकों की सात मस्जिदों पर से सारे लाउडस्पीकर बंद करा दिए है। उनकी लड़ाई में साथ देने वालों को हिम्मत जुटाने में काफी सम लगा लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। स्थानीय मदनी मस्जिद के ट्रस्टी मोहम्मद नजर ने NDTV इंडिया को बताया कि उनकी मस्जिद में तीन स्पीकर लगे हुए थे। अब ये भी लाउडस्पीकर भी हटा लिए गए हैं।

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First Published on April 21, 2017 1:27 am

  1. S
    Shad Rizvi
    Apr 21, 2017 at 2:09 pm
    Babubhai Bewqoof hain. Bawjood iskey ki hamein koi haqq nahin ki hum kisi ko bhi kisi tarah pareshan karein, Babubhai ne jo reason diya hai woh sirf aur sirf bewqoofi hai aur yehi sonch ke log aaj duniya bhar mein Islam ke naam par nanga naach naach rahey hain. Agar 1400 saal pahley jab Islam aaya tabb loudspeaker nahin thhey toh uss waqt na train thhee na bus thhe, na light thhee aur na AC, fridge, TV waghairah, na mobile thha aur na computer aur social media. Toh Babubhai kya iss sab ko bhi ghair Islamic maantey hain? To phir Babubhai ko 1400 saal pahley ki zindagi guzarni chahiye.
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