April 27, 2017

ताज़ा खबर

 

सास, बहू और समधन का मामला है मुलायम परिवार का झगड़ा !

समाजवादी पार्टी और मुलायम सिंह यादव के परिवार में दरार के लिए शिवपाल यादव और अमर सिंह को कारण बताया जा रहा है।

SP UP Election Candidates List: अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव। (फाइल फोटो)

समाजवादी पार्टी और मुलायम सिंह यादव के परिवार में दरार के लिए शिवपाल यादव और अमर सिंह को कारण बताया जा रहा है। हालांकि वास्‍तव में मुलायम और अखिलेश यादव के बीच मतभेदों का केंद्र उनके घर में है। लखनऊ में राजनीतिक अटकलों के अनुसार यह सास, बहू और समधिन के बीच का मामला है। मुलायम की दूसरी पत्‍नी साधना गुप्‍ता यादव के मन में लंबे समय से मलाल है कि उनके बेटे प्रतीक यादव को राजनीति में शामिल नहीं होने दिया गया। राजनीति के बजाय प्रतीक को बॉडी बिल्डिंग जिम का काम देखना पड़ रहा है। प्रतीक की पत्‍नी अपर्णा भी अपने पति व खुद को लेकर महत्‍वाकांक्षी हैं। अपर्णा को उनकी मां अम्‍बी बिष्‍ट इस बात के लिए प्रेरित भी कर रही हैं। अम्‍बी बिष्‍ट लखनऊ की हाई प्रोफाइल वकील हैं। यही वजह है कि अपर्णा को इस बार उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए लखनऊ कैंट सीट से टिकट भी दिया गया है।

गौरतलब है कि मुलायम परिवार में दरार चरम पर है। रविवार को अखिलेश यादव ने चाचा शिवपाल को मंत्रीमंडल से बर्खास्‍त कर दिया। उनके साथ ही चार और मंत्रियों की भी छुट्टी कर दी। उन्‍होंने सपा में मतभेदों के लिए अमर सिंह पर दोष मढ़ा। अखिलेश ने कहा कि अमर सिंह के करीबी लोगों को बख्‍शा नहीं जाएगा। इसके बाद मुलायम सिंह ने रामगोपाल यादव को पार्टी से छह साल के लिए निकाल दिया। वे राज्‍य सभा सांसद भी हैं। रामगोपाल अखिलेश यादव के समर्थक थे और मुलायम के चचेरे भाई हैं। उन्‍होंने अखिलेश के समर्थन में एक खत भी लिखा था। राम गोपाल ने पत्र में लिखा, ‘राष्ट्रीय विरोधियों के गले में फांस है, इस फांस को और शाप्र करना है। अखिलेश का विरोध करने वाले विधान सभा का मुंह नहीं देख पाएंगे। जहां अखिलेश वहां विजय।’

बर्खास्तगी के बाद बोले शिवपाल- पार्टी के कुछ नेता CBI से बचने के लिए BJP से मिल गए, CM नहीं समझ सके चाल

समाजवादी पार्टी में चल रही खींचतान का अंजाम क्या होगा?:

मंत्रियों की बर्खास्तगी पर बोले आजम खान- काफी दिनों से महसूस कर रहा था एक शख्स से पार्टी का नुकसान होगा

वहीं शिवपाल ने मंत्री पद से हटाए जाने के बाद नाम लिए बिना रामगोपाल यादव पर हमला बोला। उन्‍होंने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पार्टी के ही एक बड़े नेता की चाल के शिकार हो गए हैं, जिसे वो समझ नहीं सके और ऐसा कदम उठा लिया। उनका इशारा रामगोपाल यादव की ओर था। शिवपाल ने रामगोपाल यादव का नाम लिए बिना कहा, पार्टी के कुछ बड़े नेता सीबीआई से बचने के लिए बीजेपी से मिल गए हैं। उन्होंने कहा कि यह वक्त चुनाव का है, इसलिए एकजुट होकर सभी लोग पार्टी हित में काम करें। शिवपाल ने यह भी कहा कि मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में वो विधानसभा चुनाव लड़ेंगे।

मुलायम सिंह यादव ने रामगोपाल यादव को पार्टी से निकाला, अखिलेश के समर्थक थे रामगोपाल

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on October 23, 2016 4:37 pm

  1. No Comments.

सबरंग