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अमर सिंह बोले- मुलायम ने अखिलेश को फायदा पहुंचाने के लिए रचा फैमिली ड्रामा, दोनों एक हैं और रहेंगे

अमर सिंह दावा किया कि मुलायम सिंह मास्टर स्क्रिप्ट राइटर है और यह सब कुछ उन्होंने ही प्लान किया था। यह सब एक प्रोग्राम्ड ड्रामा था, जिसमें सबका रोल फिक्स था।
Author नई दिल्ली | February 22, 2017 13:42 pm
अमर सिंह ने मुलायम पर लगाए गंभीर आरोप। (File Photo)

समाजवादी पार्टी में पिता मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के बीच पार्टी और सिंबल को लेकर लड़ी गई जंग को सपा के वरिष्ठ नेता अमर सिंह ने ‘प्रोग्राम ड्रामा’ (पहले से रचा गया नाटक) करार दिया है। अमर सिंह ने कहा कि मुलायम और अखिलेश एक हैं और एक रहेंगे। मुलायम अपने बेटे के हाथों हार के खुश हैं। साइकिल, बेटा और एसपी (समाजवादी पार्टी) उनकी कमजोरी है। पोलिंग के दिन पूरा परिवार एक साथ गया तो आखिर सबके सामने झगड़े का ये ड्रामा क्यों?

सीएनएन-न्यूज 18 को दिए इंटरव्यू में अमर सिंह ने मुलायम सिंह यादव और समाजवादी पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए। सिंह ने कहा कि यह पूरा फैमिली ड्रामा मुलायम सिंह यादव ने रचा। वह इसके स्क्रिप्ट राइटर है। ऐसा अखिलेश की छवि सुधारने के लिए किया गया। यह सारा नाटक सत्ता विरोधी लहर, कानून-व्यवस्था की स्थिति से लोगों का ध्यान हटाने की एक चाल थी। ताकि विधानसभा चुनाव में उनको इसका लाभ मिल सके। बता दें कि मुलायम परिवार में कलह के पीछे अमर सिंह का हाथ बताया जाता रहा है।

अमर सिंह दावा किया कि मुलायम सिंह मास्टर स्क्रिप्ट राइटर है और यह सब कुछ उन्होंने ही प्लान किया था। यह सब एक प्रोग्राम्ड ड्रामा था, जिसमें सबका रोल फिक्स था। मुझे बाद में अहसास हुआ कि हम सब का इस्तेमाल किया जा रहा है। कांग्रेस से गठबंधन के सवाल पर सिंह ने कहा कि अगर मुलायम सिंह को कांग्रेस के साथ गठबंधन करने की इच्छा नहीं होती तो वह प्रियंका गांधी के साथ लंबी बैठक नहीं करते।

समाजवादी पार्टी में कलह की पूरी कहानी

– समाजवादी परिवार की कलह अखिलेश के दो करीबी नेताओं को पार्टी से बाहर निकाले जाने से शुरू हुआ। उस समय समाजवादी पार्टी के उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अखिलेश यादव थे। अखिलेश से बिना पूछे उनके करीबी नेताओं को पार्टी से बाहर कर दिया गया। अखिलेश ने फिर से उन नेताओं को पार्टी से बाहर कर दिया।

– सपा परिवार की कलह उस समय खुलकर सामने आ गई जब बाहुबली मुख्तार अंसारी की पार्टी कौमी एकता दल का सपा में विलय किया गया। अखिलेश इस फैसले से नाराज हो गए है और उन्होंने इसका विरोध करते हुए गठबंधन तैयार करने मंत्री बलराम यादव को मंत्री पद से हटा दिया। कहा गया कि कौमी एकता दल का सपा में विलय शिवपाल सिंह यादव के इशारे पर किया गया।

– तत्कालीन समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायस सिंह यादव ने तुरंत अखिलेश यादव को प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाते हुए शिवपाल सिंह को अध्यक्ष बना दिया। इसके जवाब में अखिलेश ने चाचा शिवपाल सिंह यादव समेत कुछ मंत्रियों को सरकार से बाहर कर दिया। जिसके बाद मुलायम सिंह के नेतृत्व में सुलाह की कोशिश होती रही, लेकिन बात नहीं बनी। चाचा और भतीजे के बीच लड़ाई धीरे-धीरे बढ़ती गई और मुलायम शिवपाल के पक्ष में खड़े हो गए। मुलायम ने रामगोपाल यादव को पार्टी से 6 साल के लिए बाहर कर दिया।

– रामगोपाल यादव ने पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाया और उसमें अखिलेश यादव को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया गया। इसके बाद यह लड़ाई चुनाव आयोग जा पहुंची और आयोग ने पार्टी और सिंबल अखिलेश को दे दिया। इस पूरी कहानी में राम गोपाल यादव और अखिलेश यादव परिवार में कलह के पीछे अमर सिंह का हाथ बताते रहे।

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  1. A
    Abu talib
    Feb 21, 2017 at 2:05 pm
    ऐन-मुमकिन है कि ड्रामा हो, पर अमर सिंह का विश्वास तो बिलकुल नहीं किया जा सकता !
    (1)(0)
    Reply