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मानसून ने दो दिन पहले ही दी दस्तक

गर्मी की तपिश से राहत और अच्छी पैदावार की उम्मीद जगाने वाले दक्षिण-पश्चिम मानसून का देश में आगमन हो चुका है।
Author नई दिल्ली | May 31, 2017 01:16 am
भारत में इस साल सामान्‍य मानसून रहेगा।

गर्मी की तपिश से राहत और अच्छी पैदावार की उम्मीद जगाने वाले दक्षिण-पश्चिम मानसून का देश में आगमन हो चुका है। भारतीय मौसम विभाग (आइएमडी) ने मंगलवार को केरल में समय से दो दिन पहले मानसून के पहुंचने की आधिकारिक घोषणा कर दी है, इसके साथ ही चक्रवाती तूफान मोरा के कारण मानसून ने पूर्वोत्तर राज्यों में भी दस्तक दे दी है। लेकिन, आइएमडी केरल में मानसून के जल्द आगमन को फिलहाल देश के अन्य हिस्सों में आगमन समय से सीधा जोड़ कर नहीं देख रहा है। आइएमडी अगले हफ्ते मानसून पूर्वानुमान का दूसरा चरण जारी करेगा, जिससे काफी कुछ स्पष्ट होगा। वैसे अभी तक मानसून के सामान्य रहने का पूर्वानुमान है और 96 फीसद बारिश की संभावना जताई गई है। देश में मानसून का आगमन पिछले छह सालों में पहली बार समय से पूर्व हो रहा है। भारतीय मौसम विभाग (आइएमडी) की ओर से मंगलावर को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 30 मई को केरल में दस्तक दे दी है। यह पूर्वोत्तर राज्यों, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश कुछ हिस्सों में भी पहुंच चुका है।’ आइएमडी के वरिष्ठ अधिकारी डॉ एम महापात्र ने कहा, ‘केरल में मानसून का आगमन सामान्य तिथि से दो दिन पहले हुआ है।’ केरल तट पर मानसून सामान्यत: एक जून को पहुंचता है और उसके कुछ दिन बाद पूर्वोत्तर में पहुंचता है। आइएमडी के मुताबिक पिछले 2 दिनों में केरल में व्यापक बारिश दर्ज की गई है। राज्य के 78 फीसद निगरानी केंद्रों ने पिछले 48 घंटों में मानसून की बाकी बारिश दर्ज की है।

केरल को बौछारों से सराबोर करने वाले दक्षिण पश्चिम मानसून का देश के अन्य हिस्सों में भी बेसब्री से इंतजार है। डा. एम महापात्र के मुताबिक केरल में आगमन का दिल्ली, कोलकाता या मुंबई या देश के अन्य हिस्सों में आगमन से कोई सीधा संबंध नहीं है। हालांकि, आइएमडी ने कहा है, ‘दक्षिण पश्चिम मानसून के अगले 3-4 दिनों में लक्षलीप और केरल के बाकी हिस्सों, तटीय और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु के कुछ हिस्सों, बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों और पूर्वोत्तर के कई और जगहों पर पहुंचने के लिए स्थितियां अनुकूल हैं।’ वहीं स्काइमेट के मुताबिक मौसम से जुड़े मॉडल संकेत कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में 15 जून तक मानसून की प्रगति संतोषजनक रहने वाली है और यह अपने निर्धारित गति से आगे बढ़ेगा। स्काइमेट ने अनुमान जताया है कि 5 से 10 जून के बीच मानसून और आगे बढ़ेगा। यह उस दौरान समूचे केरल, तमिलनाडु, मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों, कोंकण व गोवा, आंध्र प्रदेश, पूर्वोत्तर भारत के शेष हिस्सों और पश्चिम बंगाल के कुछ भागों को भी पार कर जाएगा। इसी दौरान मानसून कोलकाता और मुंबई में एक साथ निर्धारित समय जून 10 को दस्तक दे सकता है। स्काइमेट के महेश पलावत ने बताया कि दिल्ली में मानसून का आगमन (निर्धारित तिथि जून 29) समय पर होगा कि नहीं इसके बारे में अभी से कहना मुश्किल है, लेकिन कुछ मॉड्ल्स से यह संकेत जरूर मिल रहे हैं कि दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी राजस्थान में मानसून के कुछ कमजोर रहने की संभावना है। पलावत के मुताबिक मानसून के आगे पीछे आने से बारिश की मात्रा ज्यादा प्रभावित नहीं होती है,आगे प्रगति कैसे होती है उस पर निर्भर करेगा क्योंकि पिछले साल केरल में एक हफ्ते देर से आने के बावजूद देश में मानसून सामान्य रहा था।

 

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