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भूमि विधेयक में और अधिक बदलाव के लिए तैयार हैं: सरकार

भूमि विधेयक के संबंध में विपक्षी दलों द्वारा उठाई जा रही चिंताओं को देखते हुए सरकार ने आज संकेत दिए हैं कि वह भूमि विधेयक में और अधिक बदलाव लाने के लिए तैयार है। सरकार पहले ही अपने प्रस्ताव में कम से कम छह संशोधन करने के लिए तैयार हो चुकी है। ग्रामीण विकास मंत्री […]
Author March 10, 2015 17:02 pm
Lok Sabha: सरकार अपने प्रस्ताव में नौ संशोधन करने के लिए तैयार हुई है। (फ़ोटो-पीटीआई)

भूमि विधेयक के संबंध में विपक्षी दलों द्वारा उठाई जा रही चिंताओं को देखते हुए सरकार ने आज संकेत दिए हैं कि वह भूमि विधेयक में और अधिक बदलाव लाने के लिए तैयार है। सरकार पहले ही अपने प्रस्ताव में कम से कम छह संशोधन करने के लिए तैयार हो चुकी है।

ग्रामीण विकास मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने पीटीआई भाषा को बताया, ‘‘समाज के विभिन्न तबकों, राजनीतिक दलों, किसान संगठनों और कृषि संबंधी विभिन्न संगठनों के साथ विचार-विमर्श के बाद, हम ये संशोधन लेकर आए हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘फिर भी, हम किसानों और कृषि के हितों से जुड़े और अधिक सुझावों के लिए तैयार हैं। लेकिन यह भी देखा जाना चाहिए कि विकास जारी रहे।’’

सरकार अपने प्रस्ताव में नौ संशोधन करने के लिए तैयार हुई है, जिनमें औद्योगिक गलियारों के लिए जमीन सीमित करना, शिकायत निपटान के लिए एक आसान व्यवस्था लाना और सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत लाई जाने वाली सामाजिक अवसंरचना परियोजनाओं को दी जाने वाली छूट हटाना शामिल है।

मूल कानून में इस तरह की परियोजनाओं के लिए जरूरी जमीन हासिल करने के लिए उस क्षेत्र के 70 फीसदी भू मालिकों की सहमति लेना जरूरी था। जब उनसे पूछा गया कि क्या सरकार इस विधेयक में आगे बदलाव करने के लिए तैयार है, तो मंत्री ने कहा कि कई विपक्षी दल पहले ही संशोधन ला चुके हैं।

इस विधेयक के आज लोकसभा में पारित हो जाने का विश्वास जताते हुए उन्होंने कहा, ‘‘हां…कुछ संशोधन पहले ही विपक्ष की ओर से लाए जा चुके हैं। यदि कुछ निकलकर आता है तो हमें उसपर गौर करना होगा। लेकिन विधेयक पारित होना चाहिए।’’
इस विधेयक पर संसद में कल बहस हुई थी और आज इसपर मतदान होना है।

राजग सरकार पहले ही उन संशोधनों की सूची को प्रसारित कर चुकी है जो लाने की उसकी योजना है। सरकार ने नाराज विपक्ष से व्यापक समर्थन जुटाने के लिए विवादास्पद भूमि अधिग्रहण विधेयक में ठोस बदलावों का प्रस्ताव दिया है। विपक्ष ने वर्ष 2013 के कानून में संशोधनों को ‘किसान-विरोधी’ बताते हुए इसकी निंदा की है।

इसी बीच सरकारी सूत्रों ने कहा कि राजग के सभी आठ सहयोगियों ने संसदीय कार्यमंत्री एम वैंकेया नायडू द्वारा संचालित एक बैठक में भूमि मामलों पर सरकार के साथ एकजुटता जताई है।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने नायडू और सिंह के साथ भूमि विधेयक और इससे संबंधित चिंताओं को देखते हुए सरकार द्वारा लाए गए संशोधनों की जानकारी बैठक में दी।

इस बैठक में तेदेपा के नेता अशोक गजपति राजू और वाई एस चौधरी, शिवसेना के अनंत गीते और अनिल देसाई, लोजपा के राम विलास पासवान और चिराग पासवान, अपना दल की अनुप्रिया पटेल, नगालैंड पीपल्स फ्रंट के नेफिऊ रियो, स्वाभिमान पक्ष के राजू शेट्टी, सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के प्रेम दास राय और अकाली दल की हरसिमरत कौर शामिल थीं।

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