December 08, 2016

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भारत ने परमाणु समझौता करने के लिए जापान से कोई वादे नहीं किए: विदेश मंत्रालय

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने इस बात का भी जिक्र किया कि एनसीए में मौजूद सभी प्रावधान दोनों पक्षों पर बाध्यकारी हैं।

Author नई दिल्ली | November 17, 2016 21:37 pm
तोक्यो में एक समारोह के दौरान भारत-जापान के बीच हुए समझौतों के दस्तावेज आदान-प्रदान करने के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने जापानी समकक्ष शिंजो आबे से हाथ मिलाते हुए। (PTI Photo by Shirish Shete/11 Nov, 2016)

भारत ने गुरुवार (17 नवंबर) को कहा कि जापान के साथ परमाणु सहयोग समझौते (एनसीए) में समझौते को समाप्त करने के प्रावधान में कुछ भी नया नहीं है और नयी दिल्ली ने 2008 में परमाणु हथियारों के परीक्षण पर एकपक्षीय रोक की घोषणा के दौरान खुद से किए वादे के अलावा समझौते के लिए कोई अतिरिक्त वादा नहीं किया है। उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि एनसीए में मौजूद सभी प्रावधान दोनों पक्षों पर बाध्यकारी हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने बताया कि हालांकि समझौते को समाप्त करने की परिस्थिति का एनसीए में विशेष रूप से जिक्र नहीं है और काल्पनिक संभावनाओं एवं गंभीरता कम करने वाली परिस्थितियों और परिणामों को समझने के लिए प्रावधानों को व्यापक रूप से पढ़े जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘भारत परमाणु मुद्दे पर जापान की विशेष संवेदनशीलता की सराहना करता है। यह महसूस किया गया कि इस परिप्रेक्ष्य में जापान की ओर से जाहिर विचार पर ध्यान दिया जा सकता है। ऐसे रिकॉर्ड को संतुलित किए जाने की जरूरत है। साथ ही भारत की स्थिति का सटीक वर्णन किए जाने की भी जरूरत है।’

स्वरूप ने कहा कि ‘विचारों और समझ पर नोट’ सितंबर 2008 में भारत के किए वादों को दोहराता है और भारत ने कोई अतिरिक्त वादा नहीं किया है। दरअसल, उनसे भारत-जापान एनसीए में मौजूद समझौते को समाप्त करने के प्रावधान के बारे में पूछा गया था। साथ ही यह भी पूछा गया था कि क्या भारत ने समझौते पर हस्ताक्षर करने के दौरान कोई विशेष छूट दी है। गौरतलब है कि पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जापान यात्रा के दौरान एनसीए पर हस्ताक्षर किये गये थे। इसके अलावा, स्वरूप ने यह भी कहा कि ऐसा कोई सुझाव कि एनसीए में समझौते के प्रावधान को खत्म करने का प्रावधान भारत पर बाध्यकारी नहीं है, वह तथ्यात्मक रूप से गलत है। एनसीए के ऐसे सभी प्रावधान दोनों पक्षों पर बाध्यकारी हैं।

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First Published on November 17, 2016 9:37 pm

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