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पंजाब: पीएम नरेंद्र मोदी की रैली से पहले शहीद की पत्नी ने लौटाया ‘सेना मेडल’, कहा- 30 सालों से हमें कोई मदद नहीं मिली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार (18 अक्टूबर) को पंजाब के दौरे पर होंगे। लेकिन उनके दौरे से एक दिन पहले यानी सोमवार को एक शहीद की पत्नी के उसके पति को मिले 'सेना मेडल' को यह कहकर लौटा दिया कि उन्हें सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं मिली।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (फाइल फोटो)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार (18 अक्टूबर) को पंजाब के दौरे पर गए। लेकिन उनके दौरे से एक दिन पहले यानी सोमवार को एक शहीद की पत्नी के उसके पति को मिले ‘सेना मेडल’ को यह कहकर लौटा दिया कि उन्हें सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं मिली। जिस महिला ने मेडल लौटाया उनका नाम सुरिंद्र कौर है। वह 60 साल की हैं। सुरिंद्र का कहना है कि उनके पति ने 30 साल पहले देश के लिए लड़ते हुए श्रीलंका के जफाना में जान गंवा दी थी। सुरिंद्र ने लुधियाना जिला प्रशासन के अधिकारियों को मेडल सौंपकर उसे प्रधानमंत्री मोदी को देने के लिए कहा है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, सुरिंद्र के पति का नाम कश्मीर सिंह था। वह 13 सिख लाइट इन्फैंट्री में हवलदार थे। उनके मरणोपरांत सुरिंद्र को 1991 की 26 जनवरी को मेडल सौंपा गया था।

खबर के मुताबिक, सुरिंद्र कौर ने पिछली सरकारों पर कुछ ना करने का आरोप लगाया। साथ ही साथ उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पीएम मोदी से उम्मीद है कि वह कुछ करेंगे। सुरिंद्र कौर ने कहा कि जब बाकी शहीदों को पेट्रोल पंप और पैसे से मदद मिलती है तो फिर उन्हें कुछ क्यों नहीं दिया गया। कश्मीर सिंह के बेटे रूप तेजिंद्र सिंह (36 साल) ने कहा कि रक्षा मंत्रालय से उन्हें पत्र मिला था कि पेट्रोल पंप दिया जाएगा। लेकिन कुछ नहीं मिला।

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सरबजीत को भी मदद मिली, हमें क्यों नहीं ? तेजिंद्र सिंह ने सरबजीत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरबजीत जो कि सिर्फ एक ‘जासूस’ था उसके परिवार को भी सरकार ने मदद दी लेकिन उनके पिता जिन्होंने देश के लिए जान दी उनके लिए सरकार ने कुछ नहीं किया। तेजिंद्र सिंह जो कि फिलहाल आर्ट एंड क्राफ्ट का कोर्स कर रहे हैं उन्होंने बताया कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलना चाहते थे लेकिन उन्हें इजाजत नहीं मिली इसलिए उन्होंने मेडल वापस देने का फैसला किया। सुरिंद्र कौर इस वक्त गुरदासपुर के निक्को सराय गांव में रहती हैं।

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