December 07, 2016

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पैसे बिना कैसे सजे बैंड, बाजा और बारात

दरवाजे के ठीक बाहर का माहौल रोमांच से भरा है। शादी का जश्न एक बुरे सपने में बदल गया है।

Author नई दिल्ली | November 16, 2016 04:07 am
प्रतीकात्मक तस्वीर।

500 और 1000 रुपए के नोटों के चलन से बाहर होने से फौरी तौर पर लोगों के पास नगदी की कमी हो गई है। पुराने नोट बंद होने के कारण शादी-विवाह का यह मौसम सूना पड़ता नजर आ रहा है। राजेंद्र गुप्ता की शादी 24 नवंबर को होनी तय है। वे फिलहाल यह सोच रहे हैं कि क्या उन्हें टेंटवाले और सुनार को पहले ही पैसे दे देने चाहिए। राजेंद्र ने कहा, ‘नोट बंद करने के लिए सरकार का शुक्रिया। मेरे पास लोगों को चुकाने के लिए ज्यादा नगदी नहीं है।’

उन्होंने कहा कि कल कुछ लोग पैसा लेने के लिए मेरे घर का दरवाजा खटखटा रहे थे। दरवाजे के ठीक बाहर का माहौल रोमांच से भरा है। शादी का जश्न एक बुरे सपने में बदल गया है। उन्होंने सरकार के इस कदम का समर्थन करते हुए कहा कि समस्या नए नोट लाने के लिए उचित प्रबंधन नहीं होने के कारण है। उन्होंने कहा कि आप लोग यह उम्मीद कैसे कर सकते हैं कि जिसके घर में शादी है हो, वह नोट बदलने की लंबी कतार में खड़ा रहे? अगर वह ऐसा करता भी है, तो उसे 10,000 या इससे कम रुपए ही मिलेंगे, जिससे उसका शादी का खर्च तक पूरा नहीं होगा।

शादी के इस मौसम में कारोबारियों का सबसे ज्यादा काम होता है, लेकिन बाजार में नगदी नहीं होने से समस्या पैदा हो गई है। वहीं राजधानी में बारात में शामिल होने वाले अनेक बैंड अपने ग्राहकों को पूरा पैसा चुकाने के लिए एक महीने की समय सीमा दे रहे हैं। टैगोर गार्डन में शादी-ब्याह कराने वाले सिंधी हीरानंद बैंड के मालिक पंकज ने कहा, ‘लोगों के पास नई नगदी नहीं है, इसलिए हमारा कारोबार प्रभावित हो रहा है।’ भारतीय शादियां तरह-तरह के व्यंजनों के लिए भी मशहूर हैं, लेकिन शादी की दावतों के लिए व्यंजन बनाने वाले केटरर्स को भी मजबूरी में आॅर्डर रद्द करना पड़ रहा है।

रॉयल केटरर्स के मनोज ने बताया कि कुछ लोग मुझे सिर्फ यह बताने के लिए फोन कर रहे हैं कि हम लोग पैसा देने की हालत में नहीं हैं, इसलिए अपना आर्डर रद्द कर रहे हैं। मेरे यहां काम करने वाले दिहाड़ी कर्मचारी हैं और मुझे भी नहीं पता कि मैं उन्हें भुगतान कैसे करूंगा। अब 500 और 1000 के पुराने नोट लेने या इन्हें बदलने के लिए कोई भी तैयार नहीं है। उन्होंने बताया कि मैं कतार में खड़ा नहीं होना चाहता। पहले पुराने नोटों को जमा कराने के लिए लाइन लगाइए और फिर उन्हें बदलने के लिए। इसके बावजूद आपके पैसा निकालने की समयसीमा तय है।

शादी-विवाह के कपड़े बेचने वाले एक दुकानदार ने बताया कि हमारे यहां भी खरीदारों की कमी है। एक दुकानदार ने कहा कि खर्च करने के लिए बहुत कम पैसे हैं। कपड़े खरीदना हमारी सूची में सबसे अंत में हैं। हमारे यहां खरीदारों की भी कमी है और इस समय हमारे कारोबार में करीब 80 फीसद तक की गिरावट आई है।

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First Published on November 16, 2016 4:07 am

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