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मार्कंडेय काटजू बोले- गांधी ने नहीं दिलाई आजादी, भगत सिंह-आजाद-बिस्मिल-सूर्य सेन थे असली राष्ट्रभक्त

अपने विवादित बयानों के लिए चर्चित रहने वाले सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मार्केंडय काटजू ने गांधी जंयती (2 अक्टूबर) पर महात्मा गांधी को लेकर विवादित पोस्ट किया है।
Author नई दिल्ली | October 2, 2016 12:22 pm
भारतीय सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायधीश मार्कंडेय काटजू ने गोधरा कांड के पीछे किसी दक्षिणपंथी हिंदू संस्था की साजिश होने की बात कही है। (File Photo)

अपने विवादित बयानों के लिए चर्चित रहने वाले सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मार्केंडय काटजू ने गांधी जंयती (2 अक्टूबर) पर महात्मा गांधी को लेकर विवादित पोस्ट किया है। फेसबुक पर काटजू ने पोस्ट में लिखा- कौन सही है- गांधी या भगत सिंह और सूर्य सेन? काटजू ने लिखा- जब 1938 में इंग्लैंड के प्रधानमंत्री नेविले चेम्बरलिन जर्मनी से म्यूनिख समझौता करके लौटे थे तो विपक्ष के नेता विस्टन चर्चिल ने कहा था कि आपके पास युद्ध या अपमान में से विकल्प चुनने का अधिकार है और आपने अपमान चुना।

तो भारतीयों, आपको फेक महात्मा गांधी और असली फ्रीडम फाइटर भगत सिंह और सूर्य सेन में चुनने को विकल्प दिया गया था। आपको एक वास्तविक स्वतंत्रता संग्राम के बीच एक स्वतंत्रता सेनानी को चुनने का विकल्प दिया गया। एक ऐसा स्वतंत्रता सेनानी जो कि हमेशा सशस्त्र संघर्ष की बात करता हो क्योंकि बिना सशस्त्र लड़ाई के कोई अपना साम्रज्य नहीं देता है। कोई शंका नहीं ही इसमें लाखों देशवासी मारे गए। जिन्होंने भारत की वास्तविक स्वतंत्रता का नेतृत्व किया और एक समृद्ध देश का निर्माण किया। वहीं एक नकली स्वतंत्रता संग्राम, जिसमें खूनखराबे से परहेज किया गया, जिसमें भारत ने भीषण गरीबी, भीषण बेरोजगारी इत्यादि का नेतृत्व किया। आपने (भारतीयों) भगत सिंह और सूर्या सेन के सम्मानजनक रास्ते की जगह गांधी के अपमानमजनक रास्ते को चुना।

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बहुत से लोगों का कहना है कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भारत की ओर से ब्रिटिशों के खिलाफ अपनाया गया हिंसक तरीका गलत था। जिसका भगत सिंह, सूर्य सेन, चंद्रशेखर आजाद, राजगुरू, राम प्रसाद बिस्मिल इत्यादि ने वकालत की थी। लोगों का कहना है कि गांधी का गैर हिंसक तरीका सही है। मैं इस बात से पूरी तरह से असहमत हूं। पहली बात, क्या साम्राज्यवादी किसी की भूख हड़ताल, नमक यात्रा और रघुपति राघव राजा राम गाने की वजह से अपना विशाल साम्राज्य छोड़ सकते थे। भारत को स्वतंत्रता गांधी जी की वजह से नहीं मिली बल्कि द्वितीय विश्व युद्ध के कारण मिली। जिसमें जर्मनी ने इंग्लैंड पर हमला करके उसे कमजोर कर दिया था। जिसके बाद उन्हें अमेरिकियों की मदद की जरुरत पड़ी। अमेरिका ने मदद के बदले ब्रिटिशों पर भारत छोड़ने का दबाव डाला क्योंकि भारत निवेश के नजरिए से ओपन मार्केट था। उन्होंने कहा कि गांधी की वजह से कुछ नहीं मिला। अगर उनके रास्ते पर हम चलते तो भारत को कभी आजादी नहीं मिली होती। स्वतंत्रता संग्राम के लिए सशस्त्र संघर्ष जरूरी है।

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First Published on October 2, 2016 12:17 pm

  1. S
    Sukhbir Singh
    Oct 2, 2016 at 7:36 am
    AGAR MAHANTMA HI 20 SAAL PAHLE MAR A HOTA,TO BHARAT PAHLE AJAD HO A HOTA,AOR HALAT BHI AAJ SE BEHTAR HOTEE
    Reply
  2. S
    Sukhbir Singh
    Oct 2, 2016 at 7:31 am
    BILKUL SAHI BOLA, MAHANTMA HI NE HI BHARAT KA BERRA GARG KIA
    Reply
  3. J
    jas punjabi
    Oct 2, 2016 at 2:36 pm
    hi aur nehru dono i nali de kithe si dona de janm din थthe e band honi chahidi karansi ton foto bhi band Karni chahidi
    Reply
  4. R
    Rajendra Sihag
    Oct 2, 2016 at 8:37 am
    भारत एक शक्तिशाली राष्ट्र है मगर अहिंसावादी नीति के कारण हम कमजोर बन गए , अगर देश को सुभाष चंद्र के होते आजादी मिली होती तो आज पाक व चीन जैसे देश हमारी तरफ आँख उठाकर देख भी नहीं सकते थे ।
    Reply
  5. S
    Shiv
    Oct 2, 2016 at 10:18 am
    hi nhi Aazad the asli hero...hi ki bhoomika to unhe marwane me थी......गाँधी औऔर नेहरू ने तो सब देश का कावड ही कर गए ..
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