January 18, 2017

ताज़ा खबर

 

मार्कण्डेय काटजू ने इशारों में मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप, कहा- साफ करें दामन

जस्टिस मार्कण्डेय काटजू ने फेसबुक पोस्ट में पूछा है, क्या सीजीआई को सीज़र की पत्नी की तरह संदेह से परे नहीं होना चाहिए?

भारत के मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर (बाएं) और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मार्कण्डेय काट्जू (दाएं) (फाइल फोटो)

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मार्कण्डेय काटजू ने गुरुवार को फेसबुक पोस्ट लिखकर इशारों में भारत के मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर पर  भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। जस्टिस काटजू ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा है कि जस्टिस ठाकुर पहले अपना दामन साफ कीजिए। पूर्व न्यायाधीश काटजू ने फेसबुक पोस्ट में लिखा है, “मुझे पता चला है कि आज सुप्रीम कोर्ट में सीजीआई ठाकुर के पीठ में बीसीसीआई का मामला पेश होना है। मुझे ये भी पता चला है कि अदालत से मुझे अदालत की अवमानना की नोटिस भेजने की अपील भी की जाएगी।” गुरुवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) लोढ़ा समिति की सिफारिशें लागू करने से जुड़ी प्रगति रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश करने वाला है।

पूर्व न्यायाधीश काटजू ने आगे लिखा है, “अदालत चाहे तो ऐसा कर सकती है। लेकिन जस्टिस ठाकुर को भी ये साफ करना चाहिए कि क्या ये सच है कि जब वो बैंगलोर (जब वो कर्नाटक हाई कोर्ट में जज थे) तो उन्हें जमीन मिली थी, जो कर्नाटक हाई कोर्ट के भूतपूर्व कर्मचारियों को दी जानी थी। हाई कोर्ट का जज एक संवैधानिक पदाधिकारी होता है, न कि हाई कोर्ट या किसी और का कर्मचारी। अगर ये सच है तो क्या ये भ्रष्टाचार नहीं है? और क्या सीजीआई को सीज़ज की पत्नी की तरह संदेह से परे नहीं होना चाहिए?

वीडियो: बीसीसीआई के दावों को लोढ़ा समिति ने खारिज किया- 

सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई में सुधार के लिए लोढ़ा समिति का गठन किया था। लोढ़ा समिति ने अपनी रिपोर्ट में बीसीसीआ में कई बदलावों का सुझाव दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने 28 सितंबर को लोढा समिति की सिफारिशों को लागू करने के मामले पर सुनवाई करते हुए बीसीसीआई को लताड़ लगाई थी। टीएस ठाकुर ने कहा था, “बीसीसीआई को लगता है कि वो खुद कानून है। हमें पता है कि आदेश पालन कैसे करवाया जाता है। बीसीसीआई को लगता है कि वो भगवान है। आप (बीसीसीआई) या तो बात मानें या हम मनवा लेंगे। बीसीसीआई का बरताव काफी खराब है।” हालांकि बीसीसीआई ने 1 अक्टूबर को हुई अपनी आम सभा में उच्चतम न्यायालय के आदेश की पूरी तरह से अनदेखी करते हुए भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने शनिवार (1 अक्टूबर) को एक राज्य एक वोट, 70 वर्ष की आयु सीमा, कार्यकाल के बीच में तीन साल का ब्रेक जैसी लोढ़ा समिति की अहम सिफारिशों को खारिज कर दिया।

बीसीसीआई ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायमूर्ति मार्कंडे काटजू को चार सदस्यीय कानूनी पैनल का प्रमुख नियुक्त किया है जो बोर्ड को न्यायाधीश लोढ़ा समिति के सुधारों से होने वाले प्रभावों को समझने में मदद करेंगे। मार्कण्डेय काटजू पहले भी लोढ़ा समिति और चीफ जस्टिस ठाकुर पर आलोचनात्मक टिप्पणियां कर चुके हैं।

Read Also: BCCI रद्द करेगी भारत-न्यूज़ीलैंड सीरीज़; लोढ़ा कमेटी ने कहा- “BCCI के खातों को सील नहीं किया गया, सभी मैच हो सकते हैं”

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on October 6, 2016 1:12 pm

सबरंग