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मनमोहन सिंह ने कहा, मोदी सरकार हमारी योजनाओं की कॉपी कर रही है

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए आज कहा कि वह लोगों का ध्यान गैर मुद्दों की ओर बांटने के लिए भ्रष्टाचार का राग अलाप रही है, साथ ही इस बात पर जोर दिया...
Author May 27, 2015 15:34 pm
मोदी सरकार पर करारा प्रहार करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाएं खतरे में हैं।

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए आज कहा कि वह लोगों का ध्यान गैर मुद्दों की ओर बांटने के लिए भ्रष्टाचार का राग अलाप रही है, साथ ही इस बात पर जोर दिया कि उन्होंने अपने, अपने परिवार या मित्रों के फायदे के लिए कभी पद का दुरूपयोग नहीं किया।

मोदी सरकार पर करारा प्रहार करते हुए मनमोहन ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाएं खतरे में हैं और कल्यणकारी राज्य की सम्पूर्ण अवधारणा को तीव्र आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने के नाम पर अब ध्वस्त किया जा रहा है।

यहां एक समारोह में अपने तीखे भाषण में पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘जहां तक मेरा सवाल है, मैं पूरी विनम्रता से कह सकता हूं कि मैंने सार्वजनिक पद का अपने, अपने परिवार या मित्रों के फायदे के लिए कभी दुरुपयोग नहीं किया। और फिर भी भाजपा सरकार भ्रष्टाचार का राग अलाप रही है क्योंकि वह लोगों का ध्यान गैर मुद्दों की ओर बांटना चाहती है।’’


पूर्व प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब ट्राई के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप बैजल ने आरोप लगाया है कि सिंह ने उन्हें ट्रजी स्पेक्ट्रम लाइसेंसों पर सहयोग नहीं करने पर नुकसान होने की चेतावनी दी थी। टूजी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला मामले में एक आरोपी बैजल ने यह भी दावा किया कि सीबीआई उनसे इस मामले में अरुण शौरी और रतन टाटा को फंसवाना चाहती थी।

मनमोहन ने इस बात पर भी जोर दिया कि संप्रग सरकार के कार्यक्रमों को नये पैकेज के रूप में पेश किया जा रहा है और भाजपा सरकार की पहल के रूप में इसकी मार्केटिंग की जा रही है। पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘जब हम सत्ता में थे तब भाजपा जिन बातों का विरोध करती थी, अब वे उन्हीं को अपने योगदान के तौर पर बेच रहे हैं।’’

संप्रग सरकार पर लगाए जा रहे ‘नीतिगत पंगुता’ के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि जब उनकी सरकार सत्ता से हटी उस समय भारत दुनिया में दूसरी सबसे तेज गति से वृद्धि दर्ज करने वाली अर्थव्यवस्था थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के तहत आर्थिक हालात में सुधार फुसफुसा है।

मनमोहन ने कहा, ‘‘बेहद पक्षपातपूर्ण और साम्प्रदायिक विचारों को प्रोत्साहित करने के लिए अतीत का लगातार पुनर्लेखन हो रहा है। असंतोष को दबाया जा रहा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लोकतांत्रिक संस्थाएं खतरे में हैं। कल्याणकारी राज्य की सम्पूर्ण अवधारणा को तीव्र आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने के नाम पर अब ध्वस्त किया जा रहा है जबकि दोनों ही एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।’’

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने यह सुनिश्चित करने के लिए कठिन प्रयास किया कि भारत एक खुले बहुलतावादी, उदार धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र के रूप में फले फूले और जिसे अपनी साझी विरासत पर गर्व हो। उन्होंने कहा, ‘‘भारत की इस अवधारणा पर ही अब सुनियोजित तरीके से हमला किया जा रहा है। हमें यह समझना होगा कि यह हमला किस तरह से किया जा रहा है और तब हमें उसके जवाब के लिए आगे आना होगा।’’

मनमोहन ने कहा कि भाजपा नेतृत्व ने दो ‘‘स्थायी मुद्दे’’ बनाए हुए है, पहला संप्रग में भ्रष्टाचार और दूसरा नीतिगत पंगुता और दोनों ही ‘‘असत्य’’ हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम भ्रष्टाचार से लड़ते रहे हैं। हम भ्रष्टाचार से संघर्ष जारी रखे हुए हैं।’’

किसानों के मुद्दों का जिक्र करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में घोर व्यथा है और अगर ऐसे इलाकों में रहने वाले लोग एक साल में ही मोदी सरकार से ‘ऊब’ गए हैं तब चीजें अच्छी नहीं हो सकतीं। आर्थिक मुद्दों पर उन्होंने कहा कि निवेश नहीं बढ़ रहा है और निर्यात में गिरावट आई है।

उन्होंने कहा, ‘‘देखिए कि निवेश के मामले में क्या हो रहा है। निवेश नहीं बढ़ रहा है। देखिए कि कृषि उत्पादन को क्या हो रहा है। कृषि उत्पादन घट रहा है। हमारे किसान परेशान हैं। निर्यात को देखें, तब निर्यात घट रहा है।’’

मनमोहन ने कहा, ‘‘पूरे देश में ग्रामीण क्षेत्रों में बेहद व्यथा की स्थिति है। हमारे 65 प्रतिशत लोग ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं। वे असंतुष्ट हैं और अगर वे इस सरकार के एक साल के कार्यकाल से ऊब गए हैं, तब वास्तव में चीजें अच्छी नहीं कहीं जा सकतीं।’’

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस का यह दायित्व है कि वह लोगों को भाजपा सरकार की गलतियों और पूर्ववर्ती संप्रग सरकार के कमजोर होने की ‘‘गलत चर्चाओं’’ के बारे में सही जानकारी पहुंचाये।

मनमोहन ने कहा, ‘‘वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार और आरबीआई के गवर्नर का यह मत है कि स्थिति में सुधार फुसफुसा है और अगर आप कड़वे सच पर नजर डालें तब पायेंगे कि भाजपा सरकार के तहत हमारी अर्थव्यवस्था की स्थिति अच्छी नहीं है।’’

पूर्व प्रधानमंत्री ने मोदी सरकार के मेक इन इंडिया कार्यक्रम को भी संप्रग सरकार की पहल की छायाप्रति बताया। उन्होंने कहा, ‘‘मेक इन इंडिया कार्यक्रम को देखें, यह हमारी सरकार के कार्यक्रम और नयी विनिर्माण नीति की छायाप्रति है। हमने संकल्प व्यक्त किया था कि जीडीपी में विनिर्माण क्षेत्र की हिस्सेदारी बढ़ायेंगे।’’

मनमोहन ने दावा किया कि संप्रग सरकार की नीतियों के कारण देश ठोस अप्रत्याशित आर्थिक वृद्धि और सामाजिक बदलाव की ओर उन्मुख हुआ। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे कई कार्यक्रमों को अब नये रूपसज्जा और विपणन के जरिये भाजपा सरकार की पहल के रूप में पेश किया जा रहा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इससे हमें कोई आश्चर्य नहीं हुआ है। यह सराहना है अगर भाजपा द्वारा संप्रग सरकार के रचनात्मक कार्यो को आगे बढ़ाया जाता है। हमें अपनी उपलब्धियों पर गर्व है।’’

उन्होंने कहा कि भाजपा को कुछ आंकड़ों को ‘गढ़ना’ और ‘परिवर्तित’ करना है ताकि यह प्रदर्शित किया जा सके कि पिछला एक वर्ष अर्थव्यवस्था के लिए इतना खराब नहीं रहा।

मनमोहन ने कहा, ‘‘लेकिन उनके लोगों का ही मत है कि जिस आर्थिक सेहत में सुधार की वह बात कर रहे हैं, वह काफी फुसफुसी है।’’

पूर्ववर्ती संप्रग सरकार के दौरान ग्रामीण आबादी के लिए की गई पहलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘हमने सभी स्तरों पर शैक्षणिक सुविधाओं में नयी जान फूंकी और उन्हें मजबूत बनाया। ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन और शहरी नवीकरण मिशन पेश किया।’’

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी, राहुल गांधी, सोनिया गांधी गरीबी उन्मूलन और भय एवं दोहण के वातावरण से मुक्त नये भारत के लिए प्रतिबद्ध है।’’

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  1. उर्मिला.अशोक.शहा
    Jun 2, 2015 at 7:48 am
    वन्दे मातरम- हो सकता है आप निर्दोष हो लेकिन चोरी करने हेतु प्रोत्साहन देना यही आपका अपराध है आप पि एम थे फिर भी कोयला फाईल गायब की गई ? कैसे?क्या गांधी को बचाने की कोशिश थी? अगर मोदी सरकार ने कांग्रेस की नीतिया एक वर्षमे कार्यान्वित की तो फिर आप ने दस वर्ष में क्या किया? कोयला इतना काला कैसे हुआ ? नीतिगत पंगुता स्वाभाविक कैसे? आपकी सरकार को कौन चलता था?कांग्रेस के सभी पंचायत से पार्लियामेंट तक के नेता करोड़पति कैसे? म मो आपके पास इन आरोपों का कोई जवाब नहीं तो आप आरोपी नंबर एक हो ही जा ग ते र हो
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    सबरंग