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भाजपा-कांग्रेस झुके पर सहयोगी अड़े

नई दिल्ली/मुंबई। सीटों के बंटवारे को लेकर महाराष्ट्र में जारी तनातनी के बीच कांग्रेस व भाजपा ने अपने सहयोगी दलों के सामने झुकने के संकेत दिए हैं। दोनों दलों ने गठबंधन सहयोगियों को नए प्रस्ताव पेश किए पर उनकी ठंडी प्रतिक्रिया के बाद इन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि जरूरत पड़ने पर वे सभी सीटों […]
Author September 23, 2014 09:09 am

नई दिल्ली/मुंबई। सीटों के बंटवारे को लेकर महाराष्ट्र में जारी तनातनी के बीच कांग्रेस व भाजपा ने अपने सहयोगी दलों के सामने झुकने के संकेत दिए हैं। दोनों दलों ने गठबंधन सहयोगियों को नए प्रस्ताव पेश किए पर उनकी ठंडी प्रतिक्रिया के बाद इन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि जरूरत पड़ने पर वे सभी सीटों पर अकेले लड़ने को तैयार हैं।

भाजपा ने सोमवार को कुछ पीछे हटते हुए 25 साल के अपने सहयोगी दल शिवसेना से कहा कि वह 135 के बजाय 130 सीटों से ही संतोष करने को तैयार है। लेकिन शिवसेना इस पर भी सहमत होते नहीं दिखी। इससे 25 साल पुराने गठबंधन के बिखरने की संभावना और बढ़ गई है। महाराष्ट्र भाजपा के शीर्ष नेता व राज्य विधानसभा में नेता विपक्ष एकनाथ खड़से ने कहा कि गठबंधन ‘मृत्यु शैय्या’ पर है। उधर, कांग्रेस के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि कांग्रेस उन 10 सीटों को लौटाना चाहती है जो उसने 2004 में राकांपा से ली थी। उन्होंने कि उनकी पार्टी गठबंधन के लिए ‘उत्सुक’ है लेकिन जरूरत पड़ने पर वे अकेले जाने के लिए भी तैयार हैं। सीटों के बंटवारे पर सोमवार को मुंबई में राकांपा की कोर कमेटी की बैठक हुई जिसमें पार्टी अध्यक्ष शरद पवार भी मौजूद थे। बैठक के बाद वरिष्ठ पार्टी नेता प्रफुल्ल पटेल ने ट्वीट किया कि मंगलवार को कांग्रेस नेताओं के साथ होने वाली बैठक में उन्हें इस मुद्दे पर सकारात्मक समझौते की उम्मीद है।

गतिरोध ने शिवसेना और भाजपा नीत बड़े गठबंधन ‘महायुति’ के छोटे सहयोगी दलों को भी परेशान कर दिया है और इनमें से एक ने गठबंधन से बाहर होने और अकेले चुनाव लड़ने की धमकी दी है। आरपीआइ अध्यक्ष रामदास अठावले और राष्ट्रीय समाज पार्टी (आरएसपी) के नेता महोदव जनकर ने शिवसेना और भाजपा से कहा कि वे कांग्रेस-राकांपा को चौथी बार सत्ता में आने से रोकने के लिए मिलकर चुनाव लड़ें। जनकर ने कहा कि यदि सीट बंटवारे का मुद्दा मंगलवार तक नहीं सुलझता है और गठबंधन टूटता है तो आरएसपी 125 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी। अठावले ने कहा कि शिवसेना और भाजपा को आरपीआई को हल्के में नहीं लेना चाहिए। उन्होंने कहा- हमें हल्के में मत लो। महायुति सीट बंटवारे के मुद्दे को जल्द निपटाओ।

भाजपा महासचिव और महाराष्ट्र मामलों के प्रभारी राजीव प्रताप रूड़ी ने कहा कि पार्टी ने शिवसेना को ‘एक बहुत ही उदार प्रस्ताव’ भेजा है। उन्होंने कहा कि हम 130 सीटें मांग रहे हैं। इनमें से कई ऐसी सीटें भी शामिल हैं जिनपर शिवसेना ने पिछले 30 साल में सिर्फ हार का ही मुंह देखा है। उन्होंने कहा कि हमें सबसे खराब सीट ही दीजिए लेकिन हमें संख्या दीजिए। यह पहला अवसर है जब भाजपा औपचारिक रूप से अपनी मांग से कुछ पीछे हटी है।
भाजपा के प्रस्ताव पर शिवसेना का कोई नेता जवाब देने के लिए तैयार नहीं दिखा। लेकिन पार्टी के एक सांसद ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर कहा कि प्रस्ताव पुराना है। उद्धव ठाकरे स्पष्ट कर चुके हैं कि उनकी पेशकश अंतिम है।
इससे पहले भाजपा ने अपना रुख कड़ा करते हुए कहा था कि अगर उसे मजबूरी में गठबंधन तोड़ना पड़ा तो वह सभी 288 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। नई पेशकश से पहले रूड़ी ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कहा था कि इस अनिश्चिततापूर्ण स्थिति में भाजपा को मजबूर किया जा रहा है कि वह शिवसेना अलग हो जाए। हम सभी सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेंगे लेकिन हम चाहेंगे कि शिवसेना हमारे साथ आए। पार्टी सूत्रों ने दावा किया कि बीस-तीस सीटों को छोड़कर भाजपा ने ज्यादातर सीटों के उम्मीदवारों की सूची तैयार कर ली है।
ऐसी खबरें हैं कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने ठाकरे से फोन पर बात करके उनसे अपने रुख में नरमी लाने की अपील की है लेकिन भाजपा नेताओं ने इस बात तक की पुष्टि करने से इनकार कर दिया कि पार्टी प्रमुख ने उन्हें फोन भी किया है या नहीं। समझा जाता है कि शाह ने रविवार को भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति और संसदीय बोर्ड की बैठकों के बाद ठाकरे को फोन किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में हुई ये दोनों बैठकें तीन घंटे से अधिक समय तक चली थीं।

उधर, कांग्रेस ने भी थोड़ी रियायत की पेशकश करने के साथ ही सभी सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर भी चर्चा की। हालांकि पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह राकांपा के अपना रुख साफ करने के बाद ही कोई फैसला करेगी।

राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि हमारा शिवसेना-भाजपा से कोई लेना देना नहीं। हमें अतिरिक्त सीटों की मांग करते हुए लंबा समय हो गया है। पहले हमें यह तो पता चले कि मंगलवार को होने वाली बातचीत कांग्रेस की ओर से पहले दिए गए 124 सीटों के प्रस्ताव पर नहीं होगी।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हुई पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक के बाद मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि उनकी पार्टी राकांपा से ली गई 10 सीटें लौटाने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि कांग्रेस ऐसे गठबंधन में शामिल नहीं हो सकती जो सम्मानजनक नहीं हो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस गठबंधन की इच्छुक है लेकिन अगर ऐसा संभव नहीं हो सका तो अन्य विकल्प खुले हुए हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या वे गठबंधन को लेकर आश्वस्त हैं, उन्होंने कहा कि कोई नहीं जानता कि बातचीत में क्या निकलेगा। गठबंधन नहीं हुआ तो हमें चुनाव में (अकेले) जाना होगा। हालांकि भाजपा और शिवसेना के बीच चल रही खींचतान के बारे में पूछे जाने पर चव्हाण ने कहा कि भाजपा ‘अकड़’ दिखा रही है।

 

 

 

 

 

 

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