June 26, 2017

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एमपी: ईवीएम से सिर्फ भाजपा की पर्ची निकलने पर नप गए डीएम-एसपी, EC के निर्देश पर सरकार ने लिया एक्शन

ईवीएम से केवल भाजपा की पर्ची निकलने के बाद कांग्रेस और अरविंद केजरीवाल ने चुनाव आयोग और इन मशीनों पर निशाना साधा है।

ईवीएम (वीवीपीएटी) की फाइल फोटो। (Source: PIB)

मध्यप्रदेश के भिंड के एसपी और डीएम को पदों से हटा दिया गया। यह कार्रवाई चुनाव आयोग के निर्देश पर की गई है। ईवीएम मशीन से केवल भाजपा की पर्ची निकलने के बाद चुनाव आयोग ने 19 अधिकारियों को हटाने केे निर्देश दिए हैं। बता दें, शुक्रवार को एक अभ्यास कार्यक्रम में अभ्यास कार्यक्रम के दौरान ईवीएम मशीन से केवल भाजपा के चुनाव निशान कमल के फूल की पर्चियां ही निकल रही थीं। भिंड में अगले सप्ताह उपचुनाव होना है और यह अभ्यास उसी के लिए किया जा रहा था। इस अभ्यास कार्यक्रम की वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने ईवीएम पर निशाना साधा।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संजोयक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शनिवार को चुनाव आयोग भी गए। चुनाव आयोग से बाहर आने के बाद उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह देश के साथ धोखा हो रहा है। ईवीएम मशीन से छेड़छाड़ संभव है।

केजरीवाल ने कहा था, ‘सवाल यह उठ रहा है कि क्या देश में चुनाव निष्पक्ष हो रहे हैं। लोग वोट डाल रहे हैं या फिर मशीनें डाल रही हैं। यह कोई अकेली घटना नहीं है, इससे पहले असम में चुनाव हुई थे, तब भी वहां एक मशीन ऐसी निकली थी, जिससे सारे वोट भाजपा को जा रहे थे। दिल्ली कैंट में चुनाव के वक्त भी एक ऐसी मशीन सामने आई थी। अगर ये मशीनें खराब हो गई थीं, तो कांग्रेस या समाजवादी पार्टी को वोट क्यों नहीं जाता। सभी खराब मशीनों का वोट भाजपा को ही क्यों जाता है? इसका मतलब मशीनें खराब नहीं हो रही हैं, बल्कि उनके साथ छेड़छाड़ की जा रही है। मैं भी तकनीकी आदमी हूं और आईआईटी से इंजीनियर हूं। थोड़ी बहुत तकनीक मैं भी समझता हूं। अगर मशीन से भाजपा की स्लिप निकल रही है तो इसका मतलब है कि मशीन का सॉफ्टवेयर बदला गया है।’

साथ ही केजरीवाल ने मांग की है कि अब देश में चुनाव बैलेट पेपर से करवाए जाएं। बाद में चुनाव आयोग के एक प्रवक्ता ने कहा,‘हमने जिला निर्वाचन अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और शाम तक हम इस संबंध में कोई जवाब देंगे।’ वीवीपीएटी एक ऐसी मशीन होती है जिससे निकली पर्ची यह दिखाती है कि मतदाता ने किस पार्टी को वोट दिया है। मतदाता केवल सात सेकेंड़ तक इस पर्ची को देख सकता है इसके बाद यह एक डिब्बे में गिर जाती है और मतदाता इसे अपने साथ नहीं ले जा सकता।

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First Published on April 1, 2017 7:31 pm

  1. S
    sugat
    Apr 2, 2017 at 7:31 am
    Ye logo ko hate k kya milenga.. ....sabse bda ghotala to ho chuka hai... ...elections commission shant hai, modi ji khush hai aur kya, aur barbad karte chalo.. ..
    Reply
    1. S
      Susheel yadav
      Apr 1, 2017 at 10:18 pm
      इसमे dm sp ka koee dosh nahi he because evm machine dm sp ke ghar nahi banti he Ye sab jimmedari election committion ki he and ab to janch vidivat tareeke se honi chahiye and evm machine banane vali company co bhi saja milni chahiye and essase judhe sabhi ko dandh milna chahiye nahi to aese loktantra ki hatya hoti rahegi
      Reply
      1. K
        kripashankar
        Apr 1, 2017 at 8:53 pm
        kamal hai to keechar to hoga hi.....baghair keechar ke kamal rah nahin sakta
        Reply
        1. M
          Md Ismail
          Apr 1, 2017 at 7:57 pm
          इसमें डी.एम .,एस.पी का क्या दोष था !ये मसीन चुनाव आयोग के अधीन होता है !डी.एम. ,एस.पी. ने थोड़े ही मसीन बनाई है ?इसपर चुनाव आयोग दूसरों पर दोष क्यों चढ़ा रहा है ,चुनाव रद करने की बात का अब पुख्ता सबूत मिल गया !क्या आयोग अपनी शेख बचा पायेगा?
          Reply
          सबरंग