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मध्य प्रदेश: विधानसभा सभा में गाय पर चर्चा, बीजेपी विधायक ने कहा-लावारिस गायों से छुटकारा दिलाओ

बीजेपी के एक विधायक मुरलीधर पाटीदार ने तो ये भी कहा कि राज्य में बीपीएल कार्ड होल्डर मुफ्त में सरकारी सुविधा और राशन पाते हैं, क्या ऐसा कानून नहीं बनाया जा सकता है कि हर बीपीएल परिवार को एक गाय पालने के लिए बाध्य किया जा सके।
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

मध्य प्रदेश विधानसभा में लावारिस गायों पर जोरदार बहस हुई। बीजेपी विधायकों ने भी कहा कि पूरे राज्य में लावारिस गायें गंभीर समस्या बन गई हैं, और अगर इन गायों पर काबू नहीं पाया जाता है तो स्थिति विस्फोटक हो सकती है। बीजेपी के एक विधायक मुरलीधर पाटीदार ने तो ये भी कहा कि राज्य में बीपीएल कार्ड होल्डर मुफ्त में सरकारी सुविधा और राशन पाते हैं, क्या ऐसा कानून नहीं बनाया जा सकता है कि हर बीपीएल परिवार को एक गाय पालने के लिए बाध्य किया जा सके। विधायक ने कहा कि यदि वे गाय नहीं रखते हैं तो उनकी सुविधाएं समाप्त हो जाएंगी। एक गैर सरकारी प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष के विधायकों ने कहा कि गायों के लिए चारे का जुगाड़ करना गंभीर समस्या बन गई है, इसका नतीजा ये है कि लोग गायों को लावारिस छोड़ रहे हैं और ये गाये खेती के लिए बची जमीन पर कब्जा कर रही हैं। बीजेपी के विधायक शंकरलाल तिवारी ने मांग कि और कहा कि अब उस प्रथा पर भी रोक लगानी चाहिए जिसमें खेती का मौसम खत्म होने के बाद लोग अपने गायों को चरने के लिए लावारिस छोड़ देते हैं।

छत्तरपुर जिले के चंडला से बीजेपी विधायक आर डी प्रजापति ने कहा कि यदि लावारिस गायों की समस्या पर काबू नहीं पाया गया तो उनके लिए अपने विधानसभा क्षेत्र में भी प्रवेश करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार हमारे इलाके में कुछ भी ना करे सिर्फ लावारिस जानवरों के लिए एक अभ्यारण्य बना दे, किसानों के लिए ये सबसे बड़ी सेवा होगी। वहीं सिरमौर विधानसभा क्षेत्रे से बीजेपी विधायक देवराज सिंह ने कहा कि गायों की पहचान बता करने के लिए उन्हें उनके मालिकों के साथ टैग किया जाना चाहिए, जिन गायों का कोई मालिक नहीं है उसे जंगली जानवर का दर्जा देकर जंगलों या फिर राष्ट्रीय पार्क में भेज दिया जाना चाहिए।

बीजेपी विधायक शंकरलाल तिवारी ने कहा कि सरकार को लावारिस गायों की समस्या सुलझाने के लिए एक कानून बनाना चाहिए, उन्होंने कहा कि लावारिस जानवरों की वजह से किसानों की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ रहा है। राज्य के पशुपालन मंत्री अंतर सिंह आर्य ने कहा कि गायों की समस्या को देखने के लिए सभी दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक कमेटी का गठन किया जाएगा। इस कमेटी में कृषि मंत्री, पशुपालन मंत्री और गाय सुरक्षा बोर्ड के मुखिया बतौर सदस्य के तौर पर शामिल होंगे। पशुपालन मंत्री ने कहा कि एमपी के आगर जिले में एक गाय सेंक्चुरी बनकर लगभग तैयार है और इसे मॉनसून के बाद शुरू कर दिया जाएगा, रीवा में भी ऐसा ही एक सेंक्चुरी बन रहा है। उन्होंने कहा कि नर्मदा नदी के किनारे 107 जगहों पर गौशाला और कांजी हाउस भी बनाया गया है।

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