March 26, 2017

ताज़ा खबर

 

जंग ने शुंगलू समिति भंग करने का अनुरोध ठुकराया

आप सरकार के फैसलों से जुड़ी 400 फाइलों की जांच कर रही शुंगलू समिति भंग करने के लिए दिल्ली सरकार द्वारा नजीब जंग से किए गए अनुरोध के कुछ घंटों बाद, उपराज्यपाल ने उसे ठुकरा दिया और समिति को छह हफ्ते का विस्तार दिया।

Author नई दिल्ली | October 15, 2016 00:20 am

आप सरकार के फैसलों से जुड़ी 400 फाइलों की जांच कर रही शुंगलू समिति भंग करने के लिए दिल्ली सरकार द्वारा नजीब जंग से किए गए अनुरोध के कुछ घंटों बाद, उपराज्यपाल ने उसे ठुकरा दिया और समिति को छह हफ्ते का विस्तार दिया। आप सरकार के तीन सदस्यीय समिति भंग करने के अनुरोध को खारिज करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि इन फाइलों के पीछे छिपी सच्चाई’ सामने आनी चाहिए। एक अधिकारी ने कहा, ‘उपराज्यपाल ने तीन सदस्यीय समिति का कार्यकाल दो दिसंबर तक बढ़ा दिया। इससे पहले उपराज्यपाल ने समिति से छह हफ्तों में अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा’। जंग ने 30 अगस्त को शुंगलू के नेतृत्व में एक समिति गठित की थी जिसमें पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एन गोपालस्वामी और पूर्व मुख्य सतर्कता आयुक्त प्रदीप कुमार भी शामिल थे। तीन पेज के प्रेस बयान में जंग ने हैरानी जताई कि आप सरकार सच सामने आने से क्यों डरी हुई है अगर, सबकुछ नियमों के अनुसार है, जैसा कि आप के मंत्रियों ने दावा किया है।

इससे पहले शुक्रवार को दिल्ली कैबिनेट ने एक प्रस्ताव पारित करके जंग को पूर्व कैग वीके शुंगलू की अगुआई वाली समिति भंग करने की सलाह देते हुए दलील दी थी कि 400 फाइलें जब्त करने से सरकार के काम में अड़चनें पैदा हो रही हैं। उपराज्यपाल कार्यालय ने कहा कि कैबिनेट प्रस्ताव निश्चित रूप से जनता को गुमराह करने और कुछ फाइलों में गंभीर अपराध के सबूत से ध्यान हटाने का प्रयास है।

जंग ने कहा कि उनके कार्यालय में भेजी गई फाइलें उनके कार्यालय द्वारा तलब या जब्त नहीं की गई हैं बल्कि मंत्रियों द्वारा खुद भेजे गये हैं। समिति दिल्ली सरकार की फाइलों में अनियमितताओं और विसंगतियों की जांच कर रही है। सिसोदिया ने पत्रकार सम्मेलन में कहा कि समिति ने नौकरशाही में डर और अनिश्चितता का खतरनाक माहौल बना दिया है और इस तरह सरकार का कामकाज पूरी तरह पटरी से उतरने का खतरा है। इसलिए हम चाहते हैं कि यह समिति भंग कर दी जाए। उन्होंने कहा, ‘हमने उपराज्यपाल से समिति को भंग करने का अनुरोध किया है क्योंकि उपराज्यपाल को कोई अधिकार नहीं है। उपराज्यपाल का अधिकार क्षेत्र भारत के संविधान के अनुच्छेद 239 एए, जीएनसीटीडी अधिनियम, 1991 और कानून के तहत बनाए गए नियमों के अंतर्गत भलीभांति परिभाषित है’।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on October 15, 2016 12:19 am

  1. No Comments.

सबरंग