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इंस्टैंट ट्रिपल तलाक फैसला: SC ने तीन तलाक को रद्द किया, बताया असंवैधानिक

Triple Talaq Supreme Court Judgement Live: इंस्टैंट ट्रिपल तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के जजों ने फैसला पढ़ना शुरू कर दिया है।
बीते 22 अगस्त को देश की शीर्ष अदालत ने एक बार में तीन तलाक :तलाक-ए-बिद्दत’ को गैरकानूनी और असंवैधानिक करार दिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर अपना फैसला सुना दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक का असंवैधानिक बताया। साथ ही इसपर छह महीने के भीतर सरकार को कानून बनाना होगा। इस मामले पर पांच जजों की बेंच ने सुनवाई की। दो जज तीन तलाक के पक्ष में थे वहीं तीन इसके खिलाफ। बहुमत के हिसाब से तीन जजों के फैसले को बेंच का फैसला माना गया। बेंच में जस्टिस जेएस खेहर, जस्टिस कुरिएन जोसेफ, आरएफ नरीमन, यूयू ललित और एस अब्दुल नज़ीर शामिल थे। इस केस की सुनवाई 11 मई को शुरु हुई थी। जजों ने इस केस में 18 मई को अपना फैसला सुरक्षित रख दिया था।

इससे पहले ही सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया था कि यह एक विचार करने का मुद्दा है कि मुसलमानों में ट्रिपल तलाक जानबूझकर किया जाने वाला मौलिक अधिकार का अभ्यास है, न कि बहुविवाह बनाए जाने वाले अभ्यास का।

यहां पढ़ें सुप्रीम कोर्ट के तीन तलाक पर फैसले से जुड़े लेटेस्ट अपडेट:

2.20 PM: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर इस फैसले का स्वागत किया।

12.40 PM: शिया मौलवी मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि शिया पर्सनल लॉ बोर्ड 2007 से तीन तलाक के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहा है।

12.20 PM: केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर खुशी जताई।

12.00 PM: फैसला आने के बाद मुस्लिम महिलाएं काफी खुश थीं। जिन महिलाओं ने इसके खिलाफ याचिका डाली हुई थी उन्होंने फैसला का स्वागत किया।

11.40 AM: जस्टिस नरीमन, ललित और कुरियन ने ट्रिपल तलाक को असंवैधानिक बताया। तीनों ने मिलकर जस्टिस नजीर और चीफ जस्टिस खेहर की बात पर अपनी असहमति जताई।

11.20 AM: संसद को छह महीने के अंदर इसके लिए कानून बनाना होगा।

11.05 AM: तीन जजों ने तीन तलाक के खिलाफ फैसला दिया। तीनों ने इसको असंवैधानिक बताया।

11.00 AM: जस्टिस खेहर ने कहा है कि तीन तलाक की प्रक्रिया पर छह महीने तक रोक रहेगी। इस वक्त में सरकार को नया कानून बनाना होगा।

10.50 AM: जस्टिस खेहर ने अपने फैसले में अपहोल्ड शब्द का इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा है कि तीन तलाक बना रहेगा।

10.40 AM: पांचों जज कोर्टरूम पहुंच चुके हैं। कार्यवाही शुरू ही होने वाली है। ऑर्डर की कॉपी जस्टिस खेहर के पास है। वह ही फैसला पढ़कर सुनाएंगे।

10.30 AM: अब से कुछ देर में फैसला आने वाला है।

10.20 AM: पीएम मोदी ने लाल किले से अपने भाषण में भी इसका जिक्र किया था।

10.10 AM: कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद कोर्ट के मददगार की भूमिका में हैं।

10:00 AM: याचिकाकर्ता सायरा बानो ने कहा कि मुझे विश्वास है कि फैसला मेरे हक में होगा। समय बदल रहा है और इस मुद्दे पर निश्चित रूप से कानून बनाया जाएगा।

9:52 AM: सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर पूरे देश कि निगाहें टिकी हैं। अगर कोर्ट ट्रिपल तलाक की प्रथा को बंद करने का फैसला सुनाती है तो इससे देश की कई मुस्लिम महिलाओं को खुशी मिलने वाली है।

9.40 AM: तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला 10.30 तक आएगा।

यह मुद्दा 16 अक्टूबर, 2015 में शुरु हुआ था जब सुप्रीम कोर्ट की बेंच द्वारा सीजेआई से कहा गया था कि एक बेंच को सेट किया जाए जो कि यह जांच कर सके कि तलाक के नाम पर मुस्लिम महिलाओं के बीच भेदभाव किया जा रहा है। बेंच ने यह बात उस समय कही थी जब वे हिंदू उत्तराधिकार से जुड़े एक केस की सुनवाई कर रहा था। इसके बाद 5 फरवरी, 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी से कहा था कि वे उन याचिकाओं में अपना सहयोग करें जिनमें ट्रिपल तलाक, निकाह हलाला और बहुविवाह जैसी प्रथाओं को चुनौती दी गई है। इसके बाद इस मामले पर कई सुनवाई हुईं जिनमें ट्रिपल तलाक जैसे मुद्दों को लेकर कोर्ट ने भी गंभीरता दिखाई।  केंद्र सरकार ने भी ट्रिपल तलाक कड़ा विरोध करते हुए कोर्ट से कहा कि ऐसी प्रथाओं को पर एक बार जमीनी स्तर पर विचार करने की आवश्यकता है। 16 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने इन मुद्दों की सुनवाई के लिए पांच जजों की बेंच का गठन किया था।

 

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  1. K
    Kunwar Aftab
    Aug 22, 2017 at 6:55 pm
    सुप्रीम कोर्ट ने मुसलामानों में तीन तलाक़ को असंवैधानिक क़रार दिया है. क्या मुसलमान सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अ करेंगे. सुप्रीम कोर्ट का फैसला एक वेस्ट पेपर के अलावा कुछ नहीं है क्योंकि यह फैसला इस्लाम मज़हब में दखलंदाज़ी है जिसे मुसलमान कैसे स्वीकार करेगा. अगर कल सुप्रीम कोर्ट कहता है क़ुरान आसमानी किताब नहीं है तो क्या मुसलमान सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को मानेगा. एक तरफ मज़हब और दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट हो तो मुसलमान किस तरफ जाएगा. अपने मज़हब कि तरफ जाएगा. अगर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की मुसलमान खिलाफवर्जी करता है तो वह अवमानना का दोषी होगा. इसलिए जब भी विवाद पैदा होगा मुसलमान कोर्ट में तलाक़ देने से इंकार कर देगा ठीक उसी तरह जिस तरह हिन्दू दूसरी शादी करते हैं और जब कोर्ट में फंसने का मा ा आता है तो दूसरी शादी के होने से इंकार कर देते हैं. न तो मुस्लिम पति तलाक़शुदा औरत को घर में रखेगा और तलाक़ न माने जाने के कारण तलाक़शुदा पत्नी दूसरी शादी भी न कर सकेगी. नुकसान औरत का ही हुआ. मोदी जी ने अपनी पत्नी को अलग कर रखा है इसका कोई हल है. हिन्दू औरतों की तरह मुसलमान औरतों की एक लाइन कोर्ट में नज़र आएगी.
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    1. D
      dhansingh verma
      Aug 22, 2017 at 1:40 pm
      आखिर तीन तलाक को असंवैधानिक घोषित कर ही दिया माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने। जिस तीन तलाक को काफी मुस्लिम देशों द्वारा खत्म कर दिया गया है, कुछ भारतीय मौलवी क्यों अभी भी इसका टीवी पर विरोध क्यों कर रहे हैं, समझ से बाहर की बात है। सच बात यही है कि भारत सरकार ने पहली बार खुलकर इस विषय पर अपने स्पष्ट विचार रखे हैं। इसके लिए पीएम मोदी जी सच में बधाई के पात्र हैं , वरना तो यही होता आया है अब तक कि ऐसे मा ों पर पहली सरकारें या तो चुप रहीं या देश से अधिक अपनी गद्दी को महत्व देते हुए तुष्टीकरण की राजनीति करते रहे। शहबानों केस को ही देख लीजिए। कॉंग्रेस ने वोटों के चक्कर में देशहित को अनदेखा किया। उनके लिए गद्दी ही सब कुछ है। लेकिन पीएम मोदी जी के नेतृत्व में देश नई दिशा में चल पड़ा है। जब देश की दिशा बदली है, तो देश की दशा भी जरूर बदलेगी। जयहिंद, जयभारत।
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      1. N
        Nadeem Ansari
        Aug 22, 2017 at 12:50 pm
        Headline is misguided Instant triple talaq which was against teaching of Islam is prohibited..Muslims welcome this verdict..Jai Hind
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