January 16, 2017

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ब्रिक्स सम्मेलन LIVE: पीएम नरेंद्र मोदी की पाकिस्तान को खरी-खरी- आतंक को जन्म देने वाला देश भारत का पड़ोसी है

ब्रिक्स सम्मेलन के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूटान के प्रधानमंत्री ने मुलाकात की।

ब्रिक्स सम्मेलन में शीर्ष नेताओं के साथ पीएम मोदी। (फोटो- ANI)

ब्रिक्स सम्मेलन के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूटान के प्रधानमंत्री से मुलाकात की। वहीं बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना भी गोवा पहुंची। ब्रिक्स देशों के सभी शीर्ष नेताओं ने एक ग्रुप फोटो भी खिंचवाई। सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए म्‍यांमार की काउंसलर और विदेश मंत्री आंग सेन सू भी गोवा पहुंची। प्रधानमंत्री ने रविवार को ब्रिक्स में कहा, ‘हमारी आर्थिक खुशहाली के लिए प्रत्यक्ष खतरा आतंकवाद से है, त्रासदपूर्ण है कि यह ऐसे देश से हो रहा है जो भारत के पड़ोस में है।’ ब्रिक्स देशों के शांति, सुधार, तार्किक एवं उद्देश्यपूर्ण कार्रवाई के लिए एकजुट होने का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा, ‘अगर प्रगति के नए वाहकों को जड़े जमानी हैं तो सीमाओं के पार कुशल प्रतिभा, विचारों, प्रौद्योगिकी और पूंजी का निर्बाध प्रवाह होना होगा।’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘हमने मौजूदा ढांचे को मजबूत बनाने के लिए नये वैश्विक संस्थानों का निर्माण किया है। मोदी ने साइबर क्षेत्र के खतरों और समुद्री क्षेत्र में लूट से लेकर मानव तस्करी जैसी गैर पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों का उल्लेख करते हुए अपने भाषण का समापन किया।

सम्मेलन के दूसरे दिन शी जिनपिंग ने भी भाषण दिया। उन्होंने भारत के लोगों की तारीफ करते हुए कहा, ‘मैं 2014 में भारत आया था। यहां के मेहनती लोग और परंपरा देखकर मुझे काफी अच्छा लगता है।’ साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिक्स के सभी देशों को आपस में अच्छे से रहना चाहिए।

गौरतलब है कि ब्रिक्स सम्मेलन गोवा के पणजी में 15 अक्तूबर से शुरू हुआ है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और बिम्सटेक सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 द्विपक्षीय मुलाकात करेंगे। जिसमें से रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय वार्ता हो चुकी है।

शनिवार को भारत और रूस ने मिसाइल प्रणालियों, जंगी जहाजों की खरीद और हेलीकॉप्टरों के संयुक्त उत्पादन सहित कई बड़े रक्षा सौदों पर हस्ताक्षर किए। इसके अलावा दोनों देशों ने कई सारे अहम क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने पर फैसला किया और एकजुट होकर आतंकवाद की बुराई से लड़ने का संकल्प लिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कई मुद्दों पर वार्ता की। इनमें समूचे द्विपक्षीय संबंध पर वार्ता शामिल हैं। इसके बाद दोनों देशों ने व्यापार एवं निवेश, हाइड्रोकार्बन, अंतरिक्ष तथा स्मार्ट सिटी जैसे क्षेत्रों में संबंध मजबूत करने के लिए 16 सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किए। दोनों नेताओं ने कुडनकुलम परमाणु संयंत्र की इकाई दो को भी समर्पित किया और इसकी यूनिट 3 एवं चार की आधारशिला रखे जाने को देखा। रक्षा सौदों में भारत का पांच अरब डॉलर से अधिक की लागत से एस 400 ट्रिफ वायु रक्षा प्रणाली की खरीद शामिल है। दोनों देश चार अत्याधुनिक जंगी जहाज बनाने में सहयोग भी करेंगे। इसके अलावा कामोव हेलीकॉप्टर बनाने का संयुक्त उत्पादन प्रतिष्ठान भी स्थापित करेंगे।

शनिवार को पीएम ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी बात की। खबरों के मुताबिक, मोदी ने शी जिनपिंग को साफ किया कि आंतक के मुद्दे पर दो देशों को अलग सोच नहीं रखनी चाहिए और चीन को आतंक पर अपना स्टेंड क्लीयर करना चाहिए। मीटिंग में पुतिन ने उरी हमले के बाद भारत द्वारा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में घुसकर की गई कार्रवाई (सर्जिकल स्ट्राइक) को भी सही बताया। मोदी ने रूस के साथ हुए समझौते के दौरान कहा था कि दो नए दोस्तों के मुकाबले एक पुराना दोस्त बेहतर होता है। खबर के मुताबिक, मोदी और शी इस बात पर तो एकमत थे कि आतंकवाद एक बड़ी समस्या है। शी जिनपिंग ने यह भी कहा कि चीन हर तरीके के आतंकवाद के खिलाफ है। लेकिन जब मौलाना मसूद अजहर का जिक्र आया तो शी जिनपिंग ने कुछ नहीं कहा। चीन की तरफ से इस बात को लेकर भी कोई इशारा नहीं दिया गया कि वह मौलाना मसूद अजहर का बचाव करना बंद करेंगे।

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First Published on October 16, 2016 12:07 pm

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