December 08, 2016

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प्रकाश करात ने पुराने बड़े नोटों का चलन बंद करने को लेकर केंद्र पर साधा निशाना

आम लोगों और समाज के अन्य वर्गों के रोजमर्रा के लेन-देनों पर मुश्किलों का पहाड़ टूट पड़ा है।

Author November 15, 2016 00:25 am
सीपीएम नेता प्रकाश करात।

तिरुनेलवेली (तमिलनाडु)। माकपा के पोलित ब्यूरो सदस्य और पूर्व महासचिव प्रकाश करात ने बड़े पुराने नोटों का चलन बंद करने को लेकर सोमवार (14 नवंबर) को यह कहते हुए केंद्र पर हमला बोला कि इससे आम लोगों और समाज के अन्य वर्गों के रोजमर्रा के लेन-देनों पर मुश्किलों का पहाड़ टूट पड़ा है। उन्होंने आज (सोमवार, 14 नवंबर) यहां संपन्न हुए पार्टी की तमिलनाडु इकाई के तीन दिवसीय विशेष सम्मेलन में अपने संबोधन में कहा कि सब्जी बेचने वाले, चायदुकानदार और होटल वाले चलन से हटा दिए गए नोट नहीं ले पा रहे हैं और आम लोग जरूरी चीजें नहीं खरीद पा रहे हैं।

लॉरी से वस्तुओं खासकर जरूरी वस्तुओं की ढुलाई करीब ठहर गयी है। उधर, द्रमुक प्रमुख और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम करूणानिधि ने आज (सोमवार, 14 नवंबर) चेन्नई में कहा कि यह कदम उसके प्रभाव का विस्तृत मूल्यांकन किए बगैर ही उठा लिया गया और यह डर, कि कहीं यह उल्टा न पड़ जाए, खारिज नहीं किया जा सकता। हालांकि उन्होंने शुरू में इस कदम का समर्थन किया था। अपने पार्टीजन को लिखे पत्र में करुणानिधि ने कहा, ‘हमने देखा है कि 1000 और 500 के नोटों का चलन बंद होने से आम लोगों और गरीबों को किन परेशानियां से जूझना पड़ रहा है, यह एक ऐसा कदम है जो उसके प्रभाव का बिना मूल्यांकन किए उठा लिया गया।’

इसी बीच बेंगलुरु से प्राप्त समाचार के हिसाब से कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने 1000 और 500 के पुराने नोटों का चलन बंद करने से राज्य में उत्पन्न स्थिति का आज (सोमवार, 14 नवंबर) जायजा लिया। मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों के अनुसार उन्होंने वित्त विभाग और बैंक के वरिष्ठ अधिकारियो के साथ इस मुद्दे पर बैठक की। उन्होंने बैंकों के सामने लाइन में खड़े लोगों को हो रही असुविधा पर चिंता व्यक्त की तथा अधिकारियों को इस स्थिति को सामान्य बनाने के लिए पर्याप्त कदम उठाने का निर्देश दिया। राज्य में पैसे निकालने और पुराने बड़े नोटों को बदलवाने के लिए बैंकों में लंबी लंबी लाइनें नजर आयीं। एटीएमों में नकद खत्म हो गए तथा कई के काम नहीं करने से समस्या बढ़ रही है। इसी बीच राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने सरकारी अस्पतालों को 24 घंटे मरीजों का उपयुक्त इलाज करने और उन्हें परामर्श देने का निर्देश दिया। निजी अस्पतालों में असुविधा होने पर लोगों से सरकारी अस्पतालों से संपर्क करने का आह्वान किया गया है।

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First Published on November 15, 2016 12:25 am

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