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कुलभूषण जाधव मामला: सख्त हुआ भारत, पाकिस्तान के साथ बातचीत रद्द

कुलभूषण जाधव मामले पर अब भारत ने भी सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। भारत ने पाकिस्तान के साथ सभी तरह की द्विपक्षीय बातचीत बंद कर दी है।
चित्र का इस्तेमाल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है।

कुलभूषण जाधव मामले पर अब भारत ने भी सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। भारत ने पाकिस्तान के साथ सभी तरह की द्विपक्षीय बातचीत बंद कर दी है। दोनों देशों को समुद्री सुरक्षा के लिए 17 अप्रैल को एक मीटिंग करनी थी। लेकिन शुक्रवार (14 अप्रैल) को भारत ने आधिकारिक तौर पर पाकिस्तान को यह संदेश भेज दिया कि भारत ऐसी किसी बातचीत के लिए फिलहाल तैयार नहीं है। यह भी कहा गया कि भारत पाकिस्तान के किसी भी डेलिगेशन को यहां नहीं बुलाना चाहता। पाकिस्तानी समुद्री सुरक्षा एजेंसी (PMSA) के लोग रविवार को भारत आने वाले थे।

दोनों देशों के बीच उरी हमले के बाद से बातचीत वैसे ही बंद थी। लेकिन मार्च में दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा के मुद्दे पर बातचीत करके सब सुलझाने की बात सोची थी। लेकिन कुलभूषण जाधव को फांसी देने के ऐलान ने सब फिर से पहले जैसा कर दिया। तब से अबतक दोनों देशों के बीच बस सिंधू पानी समझौते को लेकर बातचीत हुई है। उसके लिए भारतीय डेलिगेशन पाकिस्तान गया था।

रक्षा मंत्रालय की तरफ से कहा गया कि जब पाकिस्तान ने सभी अंतर्राष्ट्रीय मानदंडों को ताक पर रखकर कुलभूषण जाधव को फांसी देने का फैसला किया है तो भारत की तरफ से अब कोई बातचीत नहीं की जाएगी। अगर 17 अप्रैल को PMSA से बातचीत होती तो उरी हमले के बाद भारत आने वाला वह पहला पाकिस्तानी डेलिडेशन होता।

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, जाधव की फांसी के बाद भारत पाकिस्तान के साथ पहला जैसा बिजनेस रिलेशन भी नहीं रखना चाहता। इस्लामाबाद में मौजूद भारतीय हाई कमीशन ने पाकिस्तान को बता दिया है कि 17 अप्रैल को होने वाली मीटिंग रद्द कर दी गई है। भारतीय कोस्ट गार्ड और PMSA के बीच 2005 से लगातार बात होती आई है। इसमें विशेष आर्थिक क्षेत्र के उल्लंघन पर जानकारी का आदान-प्रदान, पकड़े गए जहाजों, समुद्री प्रदूषण, प्राकृतिक आपदाओं पर बातचीत होती है। इसके साथ ही तस्करी को रोकने, मादक दवाओं और चोरी और और समुद्री मार्ग से वापसी पर भी बात की जाती है।

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