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कोकराझार हमले के दोषी बख्शे नहीं जाएंगे, एनआइए को सौंपी जा सकती है जांच: राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह ने संसद में स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि इस घटना के पीछे जो भी व्यक्ति या संगठन होगा, उसे इसका खाजियाजा भुगतना पड़ेगा।
Author नई दिल्ली | August 9, 2016 02:20 am
लोकसभा में बोलते केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह। (फाइल फोटो)

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने असम के कोकराझार में पांच अगस्त को हुए उग्रवादी हमले की निंदा की है। उन्होंने सोमवार (8 अगस्त) को संसद में स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि इस घटना के पीछे जो भी व्यक्ति या संगठन होगा, उसे इसका खाजियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो राज्य सरकार से परामर्श कर इसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजंसी (एनआइए) को सौंपी जा सकती है। उन्होंने इस बात से इनकार किया कि कोकराझार में हुई यह घटना खुफिया तंत्र की विफलता है। उन्होंने कहा कि असम सहित देश भर में केंद्रीय खुफिया एजंसियां राज्य के साथ तालमेल करके काम करती हैं। राजनाथ ने कोकराझार आतंकी हमले पर लोकसभा और राज्यसभा में सोमवार को एक बयान दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस हमले के खिलाफ तीव्र कार्रवाई की। हमले में घायल व्यक्तियों को सबसे अच्छी चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है। उन्होंने राज्यसभा में विभिन्न दलों के सदस्यों द्वारा पूछे गए स्पष्टीकरण के जवाब में कहा कि आवश्यकता पड़ने पर असम सरकार के साथ विचार-विमर्श कर इस मामले की जांच एनआइए को सौंपी जा सकती है।

गृह मंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर में पिछले 50-60 साल से उग्रवादी घटनाएं हो रही हैं। किन्तु 2015 ऐसा साल रहा जब पिछले 15-16 साल में सबसे कम हिंसा हुई। पिछले साल उग्रवादी हिंसा में एक भी सुरक्षाकर्मी की जान नहीं गई। उन्होंने कहा कि कोकराझार की घटना के पीछे चाहे कोई भी व्यक्ति या संगठन हो उसे इस घटना का खजियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में सीआरपीएफ की आठ और सेना की नौ कंपनियां तैनात हैं। सेना की चार अतिरिक्त कंपनियों को छह अगस्त को भेजा गया था। राजनाथ ने कोकराझार सहित पूर्वोत्तर में अवैध हथियारों के बारे में सदस्यों की चिंता का उल्लेख करते हुए कहा कि ये हथियार बाहरी एजंसियों के माध्यम से मुहैया कराए जाते हैं। राज्यसभा में इससे पहले पूर्वोत्तर क्षेत्र की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए कांगे्रस के रिपुन बोरा, एस कुजुर और भुवनेश्वर कालिता, बीपीएफ के विश्वजीत दाइमरी, सपा के रामगोपाल यादव और रवि प्रकाश वर्मा, तृणमूल कांगे्रस के सुखेंदु शेखर रॉय और अहमद हसन, भाकपा के डी राजा, माकपा की झरना दास वैध और जद (एकी) के अनिल साहनी ने विभिन्न स्पष्टीकरण पूछे।

दोनों सदनों में दिए बयान में राजनाथ ने कहा, ‘हमले में मारे गए लोगों के निकट संबंधियों को पांच-पांच लाख रुपए, गंभीर रूप से घायल लोगों को एक-एक लाख रुपए और सामान्य रूप से घायलों को 20-20 हजार रुपए प्रदान किए गए हैं।’ उन्होंने कहा, ‘मैंने असम सरकार और सुरक्षा बलों को निर्देश दिया है कि वे इस उग्रवादी घटना में शामिल उग्रवादियों को जल्द से जल्द ढूंढ निकालने और उनको इस घोर अपराध के लिए कड़ी से कड़ी सजा प्रदान करने में मदद करें।’ गृहमंत्री ने कहा कि इस हमले के संदर्भ में एक आपराधिक मामला कोकराझार पुलिस थाने में दर्ज किया गया है। हमले के सभी पहलुओं की जांच पड़ताल की जा रही है। राजनाथ ने कहा, ‘मैं इस उग्रवादी हमले की कड़ी शब्दों में निंदा करता हूं। इसमें निर्दोष लोग मारे गए हैं, इसके साथ ही मृत व्यक्तियों के परिजनों के प्रति इस दुख की घड़ी में अपनी संवेदना प्रकट करता हूं। ईश्वर से प्रार्थना है कि इस संकट की घड़ी में वह इनका साथ दें और इस दुख को सहने की शक्ति दें।’

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