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घर लौटी Snapdeal इंजीनियर दीप्ति सरना: 4 लोगों ने किया था अगवा, 10Km पैदल चलाया, 100 रुपए देकर छोड़ा

IT इंजीनियर दीप्ति सरना कंपनी के गुड़गांव ऑफिस में काम करती हैं। वह बुधवार शाम ऑफिस से गाजियाबाद के कविनगर स्थित अपने घर जाने के लिए निकली थीं और फिर लापता हो गई थीं।
Author गाजियाबाद | February 12, 2016 17:16 pm
24 साल दीप्ति सरना ने बताया बदमाशों ने शुक्रवार सुबह 4 बजे उन्‍हें छोड़ा।

गाजियाबाद से बुधवार को लापता हुई स्‍नैपडील की आईटी इंजीनियर दीप्ति सरना शुक्रवार को सकुशल घर लौट आई। सुबह 8 बजे दीप्ति ने अपने भाई को फोन किया था, जिसके बाद परिवारवाले रेलवे स्‍टेशन पहुंचे और उन्‍हें घर लेकर आए। दीप्ति के घर पहुंचने पर पुलिस ने उनका बयान भी दर्ज किया। हालांकि, पुलिस की पूछताछ अभी पूरी नहीं हुई है। दीप्ति ने पुलिस को बताया कि चार लोगों ने उनका अपहरण किया था। ये सभी वैशली मेट्रो स्‍टेशन से उसी ऑटो में थे, जिससे वह घर जा रही थीं। उन्‍होंने बताया कि मोहन नगर पर ऑटो खराब हो गया था, इसके बाद पीछे से आ रहे एक अन्‍य ऑटो में दीप्ति और अन्‍य लोग बैठ गए। आगे जाकर लड़कों ने चाकू दिखाकर ऑटो में पहले से बैठी लड़की को नीचे उतार दिया। इसके बाद लड़की को I-10 कार में बिठाया गया। कार में चार लोग बैठ गए और उन्‍होंने दीप्ति के हाथ-पैथ बांध दिए थे। उनकी आंख पर भी पट्टी बंधी थी। बदमाशों ने काफी दूर इंजीनियर को पैदल चलाया और बाद में बाइक पर बिठाकर गन्‍ने के खेत में कमरे में जाकर रखा।

Read Also: ‘ऑटो वाला गलत ले जा रहा है…पापा बचा लो।’

हालांकि, इस पूरी कहानी में अभी तक मकसद सामने नहीं आ रहा है। दीप्ति के मुताबिक, बदमाशों ने लड़की को शुक्रवार सुबह 4 बजे 100 देकर छोड़ दिया था। हालांकि, उन्‍होंने ऐसा क्‍यों किया यह अभी तक साफ नहीं हो पाया और लड़की पानीपत कैसे पहुंची और वहां से नरेला रेलवे स्‍टेशन कैसे आई? पुलिस का यह भी कहना है कि शायद बदमाशों को पुलिस के व्‍यापक अभियान की भनक लग गई हो, जिससे वह डर गए हों। लेकिन अभी तक पूछताछ खत्‍म नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि दीप्ति को आराम की जरूरत है और बाद में वह पूछताछ करेगी।

IT इंजीनियर दीप्ति सरना कंपनी के गुड़गांव ऑफिस में काम करती है। दीप्ति बुधवार शाम ऑफिस से गाजियाबाद के कविनगर में अपने घर जाने के लिए निकली थी। वह शाम 8 बजे मेट्रो से वैशाली उतरी। घर के लिए ऑटो लिया। इसके बाद से वह लापता हो गई थी। दीप्ति के पिता नरेंद्र सरना के मुताबिक, बुधवार रात सवा आठ बजे उनकी बेटी से बात हुई थी। उस वक्त वह हिंडन पुल पर थी। उसके पिता फार्मासिस्ट हैं। घर पहुंचने से पहले वह उन्हीं के साथ बात कर रही थी, तभी अचानक उसने कहा- ‘ऑटो वाला गलत ले जा रहा है…पापा बचा लो।’ इसके बाद से उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। पुलिस के मुताबिक, दीप्ति के साथ उसकी सहेली भी ऑटो में थी, जिसे हिंडन से पहले ही ऑटो वाले ने जबरन उतार दिया था। पुलिस को उनके मोबाइल की आखिरी लोकेशन आरडीसी और राजनगर एक्सटेंशन के आसपास मिली थी।

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  1. A
    Ajay Patel
    Feb 12, 2016 at 12:38 pm
    अब RS 15000-50000/महीना कमायें. बस आपको Advertising करना है. और कम्पनी आपको हर माह आपके बैंक एकाउंट मे रूपया देगी...बस आप इस whatsApp no. (9713043269)पर "Info" लिख कर send कीजिए
    Reply
  2. R
    rohit motsra
    Feb 12, 2016 at 2:55 pm
    Correct your facts, she is not an it engineer, she is a company secretary working in legal cell of snapdeal.
    Reply
  3. A
    Amar
    May 21, 2014 at 7:05 am
    लोगो ने मोदी को चुना है की अब अच्छे दिन आयेगे लेकिन हमें इस बात पर भी गौर करना होगा की मोदी के पास कोई जादू की छड़ी नहीं है जो सरे समस्या का निदान कर देंगे |लोगो का बिश्वाश जीतना आसान है पर उसे पूरा करना बहुत ही मुस्किल |
    Reply
  4. A
    anuj
    May 21, 2014 at 7:59 pm
    निराशा वादी विचार जीवन को नकारात्मक बना देते हैं अगर उन्होंने ५० % कार्य भी कर दिया तो वह पिछले १० सालो से ज्यादा ही कार्य करेंगे ....
    Reply
  5. A
    anuj
    May 20, 2014 at 9:24 pm
    आपके विचार १८ वीं सदी के लगते हैं ,वर्तमान भारत में लोकतंत्र का पालन यदि कहीं हुआ है तो वो भाजपा शाषित राज्यों में हुआ है ,आपकी निराशा वादी सोच को देखकर लगता है की ये राजनीति से प्रेरित है .पहले आप अपना पत्रकार का धर्म ी से निर्वाह करिये ..दुसरो को ज्ञान न दीजिये ...भारत माता को अपनी सेवा के लिए उपयुक्त व्यक्ति मिला है ..
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  6. D
    deepak deepak
    May 31, 2014 at 3:06 pm
    घूम फिर के एक ही जगह पहुँचते हो....सेक्युलरिज्म का क्या, सेक्युलरिज्म का क्या, हाहाहाहाहा
    Reply
  7. D
    deepak deepak
    May 31, 2014 at 3:08 pm
    झूठे सेक्युलरिज्म और सेक्युलरिज्मवादियों की झूठी ानुि से ज्यादा महत्वपूर्ण देश का विकास है.....
    Reply
  8. D
    deepak deepak
    May 31, 2014 at 3:03 pm
    वेट एंड वाच....आपके विचार भी बदलेंगे
    Reply
  9. R
    Rajiv
    May 20, 2014 at 1:25 pm
    बरगला गए हो शायद! आज फिर से जनसत्ता के प्रतिष्ठिक बुद्धिजीवियों ने गुजरात और २००२ से आगे न बढ़ने की कसम दुहराई हैं| 'जनसंहार' के लिए अगर मोदी जिम्मेदार था तो १२ साल मैं भी सजा नही हुई जबकि केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी? कोई भी सरकारी एजेंसी मोदी को दोषी सिद्ध क्यों नही कर पाई ?? सर्वोच्च अदालत भी नही फिर आप कैसे दोषी मान ते हो? s:en-gb.facebook/permalink.php?story_fbid=341762482531782&id=२०५४७४८७९४९३८७७ ये लिस्ट है देखो लो और इन की भी चर्चा करो प्लीज .....
    Reply
  10. A
    amit
    May 20, 2014 at 9:27 pm
    फिर वही घटिा बात. क्या २००२ में सिर्फ हिन्दू मरे | आप के हिसाब से तो १): १९८४, १९८९ भागलपुर दंगो के बाद कांग्रेस की सरकार नहीं बनाने चाहिए थी | २:) देश में सिर्फ दो ही पार्टी होनी चाहिए | आपकी इस पर और कोई कमेंट करने का मन नहीं है |
    Reply
  11. S
    Saurabh Tripathi
    May 21, 2014 at 5:49 am
    kya baseless argument jansatta ke dwara mil raha hai
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  12. Load More Comments
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