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केरल: मुस्लिम युवक की पीट-पीटकर हत्‍या, शोक में दो दिन बंद रही शिव मंदिर में पूजा

शब्‍बीर तिरुवनंतपुरम जिले में पुतेनाड में शिव मंदिर की एग्‍जीक्‍यूटिव कमिटी में शामिल था। एग्‍जीक्‍यूटिव कमिटी के सदस्‍य एन उन्‍नी ने कहा कि यह दोस्‍ती धर्म से बढ़कर थी। हमने कभी शब्‍बीर को मुस्लिम नहीं समझा।
Author तिरुवनंतपुरम | February 5, 2016 16:39 pm
शब्‍बीर तिरुवनंतपुरम जिले में पुतेनाड में शिव मंदिर की एग्‍जीक्‍यूटिव कमिटी में शामिल था।

केरल के एक मंदिर ने मुस्लिम व्‍यक्ति को पीट-पीटकर मारे जाने पर दुख जताते हुए दो दिन के लिए पूजा न करने का फैसला लिया है। 23 वर्षीय एमवी शब्‍बीर की इसी सप्‍ताह दो लोगों ने पीट पीटकर हत्‍या कर दी थी। हत्‍या का वीडियो भी वायरल हो गया था। शब्‍बीर तिरुवनंतपुरम जिले में पुतेनाड में शिव मंदिर की एग्‍जीक्‍यूटिव कमिटी में शामिल था। यह कमिटी मंदिर में सालाना त्‍योहार आयोजित करती थी।

पुलिस के अनुसार उसे रविवार दोपहर को चार लोगों ने पीट पीटकर मार डाला था। आरोपियों और शब्‍बीर के बीच पिछले साल एक कार्यक्रम के दौरान हाथी को लेकर विवाद हो गया था। शिव मंदिर के पुजारियों ने सोमवार और मंगलवार को पूजा न करने का फैसला लिया। सुबह के दर्शन के मंदिर में हर रोज होने वाली पांच पूजा भी नहीं हुई।

एग्‍जीक्‍यूटिव कमिटी के सदस्‍य एन उन्‍नी ने कहा कि,’ यह दोस्‍ती धर्म से बढ़कर थी। हमने कभी शब्‍बीर को मुस्लिम नहीं समझा। हमारी कमिटी में वह सबसे सक्रिय सदस्‍य था। इस बार मैं केवल एक दिन मंदिर में आनंदम के लिए घरों में चंदा इकट्ठा करने गया। जबकि शब्‍बीर पूरे सप्‍ताह चावल और नारियल इकट्ठा कर रहा था।’ शब्‍बीर की मौत के बाद मंदिर ने आनंदम को भी रद्द कर दिया है। साथ ही नौ फरवरी से शुरू होने वाले 10 दिवसीय पारंपरिक जुलूस को भी टाल दिया।

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कमिटी संयोज‍क सी गौरी चंद्र ने बताया, शब्‍बीर धार्मिक मुस्लिम था। उसे हमारी गतिविधियां पसंद थी। हम उसे हमेशा हममें से एक मानते थे। दो साल पहले हमने उसे कमिटी में शामिल किया था। पुजारी चाहते थे कि मंदिर खुले इसलिए हमने ऐसा किया। लेकिन सोमवार और मंगलवार को हमने पूजा नहीं की। शाम को भी मंदिर खुला लेकिन पूजा नहीं हुई।’ स्‍थानीय लोगों का कहना है कि शब्‍बीर अपने परिवार को बड़ी मुश्किल से चला पा रहा था। उसके पिता ने उन्‍हें छोड़ दिया। इसके बाद से वह मां और दो छोटे भाइयों के साथ रहता था। इसके चलते उसने पढ़ाई भी छोड़ दी थी। वह मजदूरी करता था।

पुलिस के अनुसार शब्‍बीर और उसकी हत्‍या के आरोपियों के बीच पिछले साल झगड़ा हुआ था। चारों आरोपियों ने पिछले साल जुलूस के दौरान हाथी को सुई चुभोकर परेशान किया था। इस पर शब्‍बीर ने आपत्ति जताई थी। इसके चलते शब्‍बीर और चारों युवकों में कई बार झगड़ा हुआ।

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