ताज़ा खबर
 

विस्‍थापन दिवस पर 13 साल पहले मारे गए 24 हिंदुओं के गांव नादीमर्ग गया कश्‍मीरी पंडितों का दल

घाटी से निकाले जाने के प्रतीक के रूप में कश्‍मीरी पंडित हर साल 19 जनवरी को विस्‍थापन दिवस के रूप में मनाते हैं।
Author जम्‍मू | January 19, 2016 21:50 pm
ऑल पार्टिज माइग्रेंट्स कॉर्डिनेशन कमिटी के चेयरमैन विनोद पंडित और अन्‍य सदस्‍य कश्‍मीरी पंडित शहीद मेमोरियल का शिलान्‍यास करते हुए। (File Photo PTI)

कश्‍मीरी पंडितों के एक दल ने मंगलवार को विस्‍थापन दिवस के मौके पर शोपियां जिले के नादीमर्ग गांव की यात्रा की। इसी गांव में 13 साल पहले आतंकियों ने 24 हिंदुओं की हत्‍या कर दी थी, इस दल ने उन लोगों को यात्रा के जरिए श्रद्धांजलि दी। ऑल पार्टिज माइग्रेंट्स कॉर्डिनेशन कमिटी(एपीएमसीसी) के राष्‍ट्रीय प्रवक्‍ता किंग सी भारती ने बताया कि, 24 हिंदुओं के नरसंहार के बाद कश्‍मीरी पंडितों के नेताओं की नादीमर्ग की यह पहली यात्रा है। इस दल में चेयरमैन विनोद पंडित समेत दो दर्जन सदस्‍य शामिल थे। गौरतलब है कि घाटी से निकाले जाने के प्रतीक के रूप में कश्‍मीरी पंडित हर साल 19 जनवरी को विस्‍थापन दिवस के रूप में मनाते हैं।

Read AlsoJ&K को मिला 1600 करोड़ पैकेज, फिर भी 25 साल में हुई सिर्फ 1 कश्‍मीरी पंडित परिवार की घर वापसी

इस यात्रा के दौरान पंडित ने पिछले 26 साल में मारे गए सभी अल्‍पसंख्‍यक समुदाय के लोगों की याद में एक मेमोरियल का शिलान्‍यास भी किया। इस दौरान वे पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों के पहरे में रहे। पंडित ने कहा‍ कि, समुदाय के बलिदान के सम्‍मान में वार मेमोरियल की तर्ज पर शानदार शहीद मेमोरियल बनाया जाएगा। आतंकियों द्वारा मारे गए सभी लोगों के नाम इस पर लिखे जाएंगे। इस बारे में भारती ने कहा कि, मेमोरियल आतंकियों द्वारा मारे गए सभी लोगों के बलिदान की उचित श्रद्धांजलि होगी। 1989 में आतंकवाद की शुरुआत के बाद लगभग चार लाख कश्‍मीरी पंडित अपने पैतृक घरों को छोड़ चुके हैं। ये लोग अब जम्‍मू या देश के दूसरे शहरों में रहने को मजबूर हैं। केन्‍द्र और राज्‍य सरकारों के पैकेज के बावजूद अभी तक केवल एक पंडित परिवार वापस लौटा है।

कश्‍मीरी पंडितों को वापस अपने घर लौटने को आकर्षित करने के लिए राज्‍य सरकार ने घरों के निर्माण की सहायता राशि को 7.5 लाख से बढ़ाकर 20 लाख करने का प्रस्‍ताव रखा है। यह केन्‍द्र सरकार के पास विचाराधीन है। पंडित ने कहा कि, वे वापस लौटने को तैयार हैं लेकिन राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा चाहते हैं। इस संदर्भ में कश्‍मीरी पंडितों के संगठन अलग होमलैंड की मांग कर रहे हैं लेकिन अलगाववादी इसका विरोध कर रहे हैं। इसी बीच ऑल स्‍टेट कश्‍मीरी पंडित कांफ्रेंस और अन्‍य संगठनों ने राजभवन के बाहर घाटी में पंडितों की हत्‍याओं की जांच के लिए न्‍यायिक जांच की मांग करते हुए प्रदर्शन किया।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग