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कश्‍मीर: BJP MLC ने फेसबुक पर अपने ही मंत्रियों को लताड़ा, कहा- हालात नहीं सुधार सकते तो दे दो इस्‍तीफा

पार्टी के राष्‍ट्रीय उपाध्‍यक्ष अविनाश राय खन्‍ना ने पार्टी के मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों से सरकार के नीति संबंधी फैसलों पर कोई बयान देने से बचने को कहा था।
Author जम्‍मू | August 10, 2016 18:01 pm
रमेश अरोड़ा जम्‍मू-कश्‍मीर विधानपरिषद के सदस्‍य हैं। (Source: Facebook)

सत्‍ताधारी भाजपा के लिए असहज स्थिति पैदा करते हुए पार्टी के एक विधायक ने फेसबुक पर गुस्‍सा निकाला है। विधानपरिषद के सदस्‍य रमेश अरोड़ा ने फेसबुक पोस्‍ट लिखकर अपनी पार्टी के मंत्रियों से कश्‍मीर घाटी में शांति स्‍थापित करने या पद छोड़ने को कहा है। 8 अगस्‍त की अपने फेसबुक पोस्‍ट में रमेश ने लिखा, ”मेरे मंत्रियों को बाहर निकलकर कश्‍मीर पर काम करना चाहिए।” रमेश ने बचपन में आरएसएस की शाखा जाने का जिक्र करते हुए कहा, ”हम एक खेल खेला करते थे- कश्‍मीर किसका और हर कोई एक आवाज में यही कहता था- हमारा। यह बहुत महत्‍वपूर्ण है और सरकार में सभी को वहां (घाटी) में काम करना चाहिए और हालात को सुधारने की कोशिश होनी चाहिए।”

BJP MLC यहीं नहीं रुके, उन्‍होंने आगे मंत्रियों के इस्‍तीफे मांग लिए। उन्‍होंने लिखा, ”अगर हमारे दिलों में डर है तो हमें इस्‍तीफा देकर आम जिंदगी जीनी चाहिए। अगर हम खुद को लीडर कहते हैं तो हम कश्‍मीर को दूसरों के रहमोकरम पर नहीं छोड़ सकते।” भाजपा नेता की यह पोस्‍ट पार्टी के कोर-ग्रुप की बैठक के चार दिनों बाद आई है। उस बैठक में पार्टी के राष्‍ट्रीय उपाध्‍यक्ष अविनाश राय खन्‍ना ने पार्टी के मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों से सरकार के नीति संबंधी फैसलों पर कोई बयान देने से बचने को कहा था। किसी विवाद से बचने के लिए, सभी को अपने-अपने क्षेत्र और विभाग तक ही स‍ीमित रहने के निर्देश दिए गए थे। 8 अगस्‍त को, आधे से ज्‍यादा भाजपा के मंत्री जम्‍मू के विभिन्‍न बाढ़ग्रस्‍त इलाकों में थे। पार्टी के आधिकारिक प्रवक्‍ता ने कहा कि बहुत से मंत्री अगले दिन श्रीनगर लौट आए थे। उन्‍होंने कहा कि मंत्री एक जगह नहीं रुकते, वे लगातार अपनी अप्‍वाइंटमेंट के हिसाब से चलते हैं।

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हालांकि जब इंडियन एक्‍सप्रेस ने अरोड़ा से संपर्क किया तो उन्‍होंने कहा कि घाटी में रहने के बावजूद मं‍त्री सिविल सचिवालय के अपने आधिकारिक चैम्‍बर में या आधिकारिक बंगले में रहते हैं। उन्‍होंने कहा कि मंत्रियों को जनता के बीच जाकर वहां शांति स्‍थापित करने की कोशिश करनी चाहिए।

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